Barbados Storm: टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया अब अपने देश नहीं लौट पा रही है, क्योंकि इस समय बारबाडोस तेज तूफान का शिकार हो गया है. पूरे देश का जीवन अस्तव्यस्त हो गया है.
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By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: Prince
Barbados Storm: बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल स्टेडियम में टी-20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम अब भारत लौटने की राह देख रही है. बारबाडोस में आए बेरिल तूफान ने तबाही मचा दी है. तूफान की वजह से बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है. तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है. भारतीय टीम और भारत से आए मीडियाकर्मी बारबाडोस में फंस गए हैं. कर्फ्यू की वजह से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.
शनिवार को साउथ अफ्रीका के मुंह से टी-20 विश्व कप छीनने के बाद सोमवार को भारतीय टीम और अन्य सदस्यों को स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे बारबाडोस से न्यूयॉर्क रवाना होना था. इसके बाद टीम दुबई जाती, वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए टीम को भारत आना था, लेकिन तेज तूफान की वजह से भारतीय टीम बारबाडोस के होटल हिल्टन में फंसे हुए हैं. अब उम्मीद जताई जा रही है कि आज यानी मंगलवार को भारतीय टीम विशेष विमान से बारबाडोस से रवाना होगी. उम्मीद जताई जा रही है कि चार्टर्ड विमान नई दिल्ली में लैंड करेगा.
जय शाह भी बारबाडोस में मौजूद
बेरिल अटलांटिक सागर से उत्पन्न हुआ एक कैटेगरी 4 का तूफान है. बीसीसीआई के सचिव जय शाह भी भारतीय टीम के साथ होटल में मौजूद हैं. वह भारतीय और उनके परिवारों समेत सभी भारतीयों को स्वदेश लौटने के लिए चल रही तैयारी की निगरानी कर रहे हैं. बेरिल तूफान की वजह से बारबाडोस में हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया, उम्मीद थी कि मंगलवार दोपहर तक हवाई अड्डे पर संचालन सामान्य हो सकता है.
तूफान को लेकर बारबाडोस की प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
बेरिल तूफान आने के बाद बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया मोटली ने सभी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा, ‘हमें तैयार रहने की जरूरत है, आप और हम जानते हैं कि जब कभी इस तरह की चीजें होती हैं, तो हमें सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहना होता है. इसके साथ ही सबकुछ सामान्य होने की प्रार्थना करना चाहिए.’
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बारबाडोस की प्रधान मंत्री मिया मोटले, जो जमीन पर राहत कार्यों की देखरेख कर रही हैं, ने कहा,”हमें आशा है, और हम आज इस दिशा में काम कर रहे हैं. मैं इसके बारे में पहले से कुछ नहीं कहना चाहती, लेकिन मैं हवाई अड्डे के कर्मियों के संपर्क में हूं और वे अब अपनी अंतिम जांच कर रहे हैं और हम तत्काल रूप से सामान्य परिचालन फिर से शुरू करना चाहते हैं.” मिया मोटले ने आगे कहा,”ऐसे कई लोग हैं जो कल देर रात या आज या कल सुबह जाने वाले थे. और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम उन लोगों को सुविधा प्रदान कर सकें, इसलिए मुझे उम्मीद है कि अगले छह से 12 घंटों के भीतर हवाईअड्डा खुला रहेगा.”
सोमवार को बारबाडोस और आसपास के द्वीपों पर जानलेवा हवाओं और तूफान ने तबाही मचाई. करीब तीन लाख की आबादी वाला देश रविवार शाम से लॉकडाउन में है. मिया मोटले ने आगे कहा,”(हम) यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि बारबाडोस में हर कोई सुरक्षित रहे, बारबाडियन और सभी आगंतुक, निश्चित रूप से, जो क्रिकेट विश्व कप के लिए आए थे. हम बहुत भाग्यशाली थे कि तूफान जमीन पर नहीं आया.”
मोटली ने कहा,”तूफान हमसे 80 मील दक्षिण में था, जिससे तट पर क्षति का स्तर सीमित हो गया. लेकिन जैसा कि आप देख सकते हैं, हमारी तटीय, बुनियादी संरचना और तटीय संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं.” मोटली ने कहा,”यह बहुत बुरा हो सकता था, लेकिन अब सुधार और सफ़ाई करने का समय आ गया है.”
ब्रिजटाउन छोड़ने के लिए काफी कम समय है, क्योंकि मोटली ने खुलासा किया कि “बुधवार को हमारे पास एक और तूफान आने वाला है.” उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रॉफी जीतने के बाद से अपने होटल में रुके भारतीय, लॉकडाउन के बावजूद अच्छे मूड और उत्साह में होंगे. मोटली ने कहा,”मुझे यकीन है कि तूफ़ान के गुज़रने के बावजूद, वे बहुत, बहुत, बहुत अच्छे मूड और उत्साह में रहे होंगे और उसी तरह होंगे, जैसे शनिवार को खिताब जीतने पर थे.”
बारबाडोस के एक होटल में भारतीय टीम
तूफान बेरिल के कारण रविवार से बारबाडोस और पड़ोसी द्वीपों में तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है। देश में बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। फिलहाल, भारतीय टीम बारबाडोस के एक होटल में ठहरे हुई हैं, क्योंकि मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद है।
योजना स्पष्ट होने के बाद सम्मान समारोह की होगी तैयारी
टीम के साथ आए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह ने संवाददाताओं से कहा कि वे बारबाडोस में “फंसे” हुए हैं और यात्रा की योजना स्पष्ट होने के बाद सम्मान समारोह के बारे में सोचेंगे। ईएसपीएनक्रिकइंफो ने शाह के हवाले से कहा, “आपकी तरह हम भी यहां फंसे हुए हैं। यात्रा की योजना स्पष्ट होने के बाद हम सम्मान समारोह के बारे में सोचेंगे।”

