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DB News Update | Divya Bhumi News > Blog > Religion > हनुमानजी की 8 शक्तियों और 11 स्वरूपों में छिपे हैं कई रहस्य, जानें…
Religion

हनुमानजी की 8 शक्तियों और 11 स्वरूपों में छिपे हैं कई रहस्य, जानें…

DB News
Last updated: 30/03/2026 9:27 AM
DB News
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8 Min Read
HanumanDarshan
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हनुमानजी की 8 शक्तियां ऐसी हैं, जिसकी जानकारी माता सीता को केवल थी, व्यक्ति की इच्छाओं की पूर्ति का राज इन्हीं स्वरूपों मे छिपा है.

Source : DB News Update  

Contents
हनुमानजी की 8 शक्तियां ऐसी हैं, जिसकी जानकारी माता सीता को केवल थी, व्यक्ति की इच्छाओं की पूर्ति का राज इन्हीं स्वरूपों मे छिपा है.माता सीता जी को मालूम था हनुमान जी की शक्तियांहनुमान जी की 8 सिद्धियां और क्षमताहनुमान जी के कितने रूप हैं?हनुमान जी के 11 रूप (एकादश रूप)हनुमान जी ने अपनी शक्तियों का कब किया प्रयोगअणिमा शक्ति (सूक्ष्म रूप धारण करना) का प्रयोग-महिमा शक्ति (विशाल रूप धारण करना) का प्रयोग-गरिमा: (अविश्वसनीय रूप) का प्रयोग-लघिमा: (भारहीन होने की शक्ति) का प्रयोगचिरंजीवित्व (अमरता) का प्रयोग-गर्वित आत्मसंयम (अजेय मानसिक बल) का प्रयोग-वायुगति (परम गति से चलने की शक्ति)वशित्व और ईशित्व का प्रयोग-

By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी

Hanuman Jayanti 2026: कलयुग में हनुमान जी महाराज ही केवल एक ऐसे देवता हैं, जो आज भी विद्यमान हैं. इनकी शक्तियों का आभास आज भी भक्तों को हो रहा है. नकारात्मक शक्तियां केवल उनका नाम लेने से गायब हो जाती हैं. हनुमान जी की शक्तियों और सिद्धियों का यदि किसी भक्त को एहसास हो जाए तो उसकी सारी मनोकामनाओं की पूर्ति हो जाती है. हनुमानजी में ऐसे गूढ़ रहस्य छिपे हैं, जो चमत्कारिक हैं. उन चमत्कारों को जानने के लिए हनुमान जी की आराधना करना बहुत जरूरी है. हनुमान जयंती (जन्मोत्सव) के अवसर पर कोई भक्त यदि हनुमान मंदिरों में जाकर अलग-अलग स्वरूपों का दर्शन भी कर लेता है तो उस भक्त की सारी इच्छाएं पूर्ण हो सकती है. जानें हनुमान जी के उन गूढ़ रहस्य और स्वरूपों के बारे में जिससे आपका उद्धार हो सकता है…

माता सीता जी को मालूम था हनुमान जी की शक्तियां

ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी के 8 स्वरूप (अष्ट सिद्धि) की जानकारी माता सीता को थी, क्योंकि वह शक्तियां माता सीता से ही प्राप्त दिव्य शक्तियां थीं, जो हनुमानजी को सर्वशक्तिमान बनाती हैं. ये आठ स्वरूप- अणिमा (अणु रूप), महिमा (विशाल रूप), गरिमा (भारी होना), लघिमा (हल्का होना), प्राप्ति (सुलभता), प्राकाम्य (इच्छा पूर्ति), ईशित्व (ईश्वरीय शक्ति), वशित्व (नियंत्रण करना) हैं. ये सिद्धियां उन्हें अत्यंत सूक्ष्म, विशाल, भारी, हल्का होने और हर जगह पहुंचने, इच्छाओं की पूर्ति, ईश्वरत्व व वश में करने की क्षमता देती हैं.

हनुमान जी की 8 सिद्धियां और क्षमता

अणिमा (Anima):- अपने शरीर को एक अणु के समान सूक्ष्म या छोटा कर लेने की क्षमता.

महिमा (Mahima):- अपने शरीर को अत्यंत विशाल या बड़ा करने की शक्ति.

गरिमा (Garima):- शरीर को अविश्वसनीय रूप से भारी बना लेने की क्षमता.

लघिमा (Laghima):- शरीर को बिल्कुल हल्का (पंख के समान) भारहीन कर लेने की शक्ति.

प्राप्ति (Prapti):- किसी भी स्थान पर बिना रोक-टोक तुरंत पहुंच जाने या वस्तु प्राप्त करने की क्षमता.

प्राकाम्य (Prakamya):- अपनी हर इच्छा को तुरंत पूर्ण करने की शक्ति.

ईशित्व (Ishitva):- सृष्टि की समस्त शक्तियों पर पूर्ण नियंत्रण और ईश्वर के समान क्षमता.

वशित्व (Vashitva):- किसी भी प्राणी या प्रकृति को अपने वश में करने की शक्ति.

इन सिद्धियों के साथ ही हनुमान जी को चिरंजीवी (अमर) होने का वरदान भी प्राप्त है.

हनुमान जी के कितने रूप हैं?

हनुमान जी के कुल 11 प्रमुख रूप (एकादश रूप) बताए गए हैं. हनुमान जी को “एकादश रुद्रावतार” भी कहा जाता है. ये सभी रूप अलग-अलग शक्तियों और उद्देश्यों को दर्शाते हैं. आइए उन सभी रूपों का एक-एक कर उनके नाम और भावार्थ जानते हैं-

हनुमान जी के 11 रूप (एकादश रूप)

  • हनुमान – मूल रूप, श्रीराम के परम भक्त और वीर योद्धा.
  • पंचमुखी हनुमान – पाँच मुखों वाले रूप.
  • नरसिंह गरुड़ वराह हयग्रीव-यह रूप विशेषतः अहिरावण वध के समय प्रकट हुआ था.
  • वीर हनुमान – युद्ध कौशल और साहस का प्रतीक.
  • बजरंग बली – वज्र के समान बलशाली रूप.
  • मारुतिनंदन – पवनदेव के पुत्र रूप में, अति वेग और शक्ति का स्रोत.
  • संजीवनी हनुमान – जब संजीवनी बूटी लेकर लक्ष्मण की रक्षा की.
  • रामदूत हनुमान – प्रभु श्रीराम का संदेश रावण के दरबार में ले जाने वाला.
  • एकदंत हनुमान – ज्ञान और बल का अद्भुत संगम.
  • दास्य रूप – पूर्णतः श्रीराम की सेवा में समर्पित भक्त रूप.
  • ज्ञान गुन सागर हनुमान – अपार ज्ञान, नीति और भक्ति से भरे रूप में.
  • रुद्रावतार हनुमान – भगवान शिव के रुद्र रूप से उत्पन्न, महापराक्रमी और संहारक रूप.

(नोट- हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता भी कहा जाता है.उनका पंचमुखी रूप तांत्रिक और रक्षा साधनाओं में बहुत शक्तिशाली माना जाता है.)

हनुमान जी ने अपनी शक्तियों का कब किया प्रयोग

अणिमा शक्ति (सूक्ष्म रूप धारण करना) का प्रयोग-

लंका में प्रवेश के समय उन्होंने यही शक्ति का प्रयोग किया था. हलांकि इस शक्ति का प्रयोग हर उस साजिश में देखने को मिलता है, जब हनुमान जी को दिग्भ्रमित करने की कोशिश की गई है और हर समय दुश्मन को हार ही मिली है.

महिमा शक्ति (विशाल रूप धारण करना) का प्रयोग-

हनुमान जी इस शक्ति का प्रयोग समुद्र पार करते समय किया था, उनका “महावीर रूप” इसका प्रमाण है. हनुमान जी अपनी आकृति को ब्रह्मांड जितना बड़ा कर सकते हैं.

गरिमा: (अविश्वसनीय रूप) का प्रयोग-

हनुमान की यह उनकी दृढ़ता और अपने कर्तव्य के प्रति अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाती है. रामचरित मानस में व्यख्या है कि हनुमान जी लक्ष्मण जी के लिए जड़ी बूटी लेने के लिए विशालकाय पहाड़ को उठाकर लाए थे.

लघिमा: (भारहीन होने की शक्ति) का प्रयोग

हनुमान जी इसका प्रयोग लंका तक उड़कर जाना, एक पूरा पर्वत उठाकर ले जाने जैसी घटनाओं के लिए किया, जिसमें उनकी असीम शक्ति और भक्ति का प्रदर्शन होता दिख रहा है.

चिरंजीवित्व (अमरता) का प्रयोग-

हनुमान जी को श्रीराम के नाम से जोड़कर देखा जा रहा है. उन्हें अमरता का वरदान इस शर्त के साथ दिया गया कि जब तक संसार में राम नाम रहेगा, वे इस धरती पर विद्यमान रहेंगे.

गर्वित आत्मसंयम (अजेय मानसिक बल) का प्रयोग-

हनुमान जी ने लंका में रावण के समक्ष निर्भय होकर खड़े होकर भगवान श्रीराम का संदेश सुनाया और रावण के दरबार में अडिग रहे, यह इसका प्रमाण है. यह शक्ति उन्हें ध्यान और तप से प्राप्त हुई थी.

वायुगति (परम गति से चलने की शक्ति)

हनुमान जी बाल्यअवस्था में ही सूर्य देव के निगलने की कथा बताई गई है. वे दिव्य मंत्रों की सिद्धि से अदृश्य हो सकते थे, उड़ सकते थे और असाधारण कार्य कर सकते थे. हनुमान जी अपने पिता पवन देव के समान इतनी तीव्र गति से चल सकते हैं कि कोई पकड़ नहीं सकता. इसी कारण उन्हें “मारुतिनंदन” कहा जाता है.

वशित्व और ईशित्व का प्रयोग-

ईशित्व हनुमान जी को प्रकृति और सृष्टि की सभी शक्तियों को नियंत्रित करने और आदेश देने का अधिकार देता था. प्रकृति में परिवर्तन करने की शक्ति हनुमान जी को प्राप्त है.

Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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