मध्य प्रदेश जबलपुर में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर झूम उठी संस्कारधानी, संत-महंत, भक्तों ने देर रात तक मनाया उत्सव
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Ram Navami 2026 Religious Procession: जगत का कल्याण करने के लिए पृथ्वी लोकर पर आए भगवान जगन्नाथ श्रीराम का जन्मोत्सव बड़ी धूम-धाम के साथ देशभर में मनाया गया. पांचों ग्रहों के उच्च स्थान पर आते ही भगवान श्रीराम का जन्म की स्तुति “भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी’’ मंदिरों में की जाने लगी. भगवान राम के जन्म उत्सव को मनाने के अनेक दृश्य देखने को मिले. कहीं भगवान श्रीराम का अनुष्ठान आयोजित किया गया तो कहीं भगवान राम का संकीर्तन होता रहा. इसी क्रम में मध्य प्रदेश जबलपुर में सनातन धर्म महासभा के तत्वावधान भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली गई. जिसका नेतृत्व जगद्गगुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज ने किया. शोभायात्रा में बड़ी श्रद्धा-भक्ति के साथ श्रद्धालु नाच-गाना कर रहे थे. शोभायात्रा में शामिल झांकियों को देखने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ सड़क के दोनों ओर देखने को मिली. यह शोभायात्रा सनातन धर्म महासभा चौक पुराने बस स्टैण्ड से निकाली गई. जिसका समापन गोविंदगंज श्रीरामलीला मैदान में एक सभा के रूप में हुआ. यहां शोभायात्रा में शामिल पदाधिकारियों और संतों का अभिनंदन स्वागत किया गया.

मनमोहक झांकियों से भावविभोर हुए श्रद्धालु
भगवान श्रीराम की शोभायात्रा में अयोध्या में विराजमान भगवान श्रीराम की झांकी के अलावा दक्षिण भारत में विराजित भगवान श्रीराम की झांकी का भी शोभायात्रा में दर्शन हुए. हनुमान जी भगवान श्रीराम से कितना स्नेह रखते हैं? इसका प्रदर्शन भी शोभायात्रा की एक झांकी में किया गया था. भगवान श्रीराम के बाल्यकाल से लेकर श्रीरामेश्वरम् पूजन तक का चित्रण सनातन धर्म महासभा की शोभायात्रा में किया गया था.
श्रीराम मंदिर मदन महल और सनातन धर्म मंदिर का विशेष सहयोग
शोभायात्रा में शामिल झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के अस्तित्व का साक्षात्कार कराने की कोशिश की गई थी. शोभायात्रा में अधिकांश झांकियां श्रीराम मंदिर मदन महल और सनातन श्रीकृष्ण मंदिर गोरखपुर के द्वारा शामिल की गईं थीं. इसके अलावा श्रीकृष्ण मंदिर बाई का बगीचा सहित नरसिंह मंदिर-गीताधाम आदि मंदिरों का विशेष रूप से सहयोग रहा. स्कान मंदिर के भक्तों द्वारा नृत्य करते हुए भजन मंडली आकर्षण का केन्द्र रही. वहीं डमरू और ढोलक थाप से भजन करने वाले नवयुवक शोभायात्रा में आकर्षण का केन्द्र रहे.
कब हुआ भगवान राम का जन्म
भगवान श्रीराम के समय 5 ग्रह अपने उच्च स्थान पर स्थित थे. पुनर्वसु नक्षत्र, कर्क लग्न और लग्न में वृहस्पति और चन्द्रमा एक साथ थे, तभी जगन्नाथ पैदा हुआ है.
प्रोद्यमाने जगन्नाथं सर्वलोकनमस्कृतम्
जगन्नाथ बेटा बनकर पृथ्वी लोक में आ रहा है. देवताओं ने स्तुति की है. जगन्नाथस्वामी नयनपथगामी भवतु में।। सभी देवताओं ने प्रार्थना की है कि हे। जगन्नाथ स्वामी मेरी आंखों के सामने प्रकट हो जाओ. मेरा मार्गदर्शन करो. भगवान कौशल्या के गर्भ से पैदा हुए हैं. भगवान गुप्त रूप में प्रकट हुए हैं. राम के रूप में परमात्मा पृथ्वी लोक में आया है. राम के जन्म से आकाश और पृथ्वी में उत्सव होने लगता है. मनुष्य उत्सव मनाते हैं. राम को नाचना कौशल्या ने सिखाया है. गोस्वामी तुलसीदास जी ने गीतावली में लिखा है.. ‘’चुटकी बजावत नचावत कौशल्या’’ और ठुमुक-ठुमुक राम नाचते हैं. ऐसे नयनाभिराम के जन्मोत्सव पर जो भी श्रद्धालु भक्ति-भाव से भगवान का उत्सव मनाता है. उसे भगवान का आशिर्वाद अवश्य मिलता है.
जगह-जगह किया गया स्वागत
सनातन धर्म महासभा का स्वागत पुराने बस स्टैण्ड से लेकर तीनपत्ती, मालवीय चौक, सुपर मार्केट, लार्डगंज, फुहारा, कमानिया गेट होते हुए दीक्षित पुरा छोटा फुहारा तक शाभायात्रा में शामिल भक्तों और संतों का स्वागत किया गया. जगह-जगह स्टॉल लगाकर पानी, जूस, पेय पदार्थ और प्रसाद का वितरण भी स्टॉल संचालकों द्वारा किया जा रहा था. शोभायात्रा में शामिल भक्तों को पैदल चलने में किसी प्रकार की कठिनाई काा सामना न करनाा पड़े. इसके लिए आपस में कई भक्त पेय पदार्थ लस्सी-जूस का सेवन करते जा रहे थे.
इनकी रही उपस्थिति
भगवान श्रीराम की शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे जगद्गुरु श्रीनृसिंहदेवाचार्य जी महाराज के साथ महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद जी महाराज, जगद्गुरु स्वामी राजारामाचार्य जी महाराज, दीदी ज्ञानेश्वरी सहित मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, विधायक अभिलाष पाण्डे, महापौर जगतबहादुर सिंह अन्नू, पूर्व विधायक विनय सक्सेना, पूर्व नगर निगम नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर, डॉ. पवन स्थापक, मुन्ना सिंह, कौशल सूरी, संदीप जैन, गुलशन माखीजा, डॉ. संदीप मिश्रा, मनोज पटेल, राजेन्द्र यादव सहित सनातन धर्म महासभा के पदाधिकारी शोभायात्रा में शामिल रहे.

