बालिकाओं को आत्मरक्षा की तैयारी करवाने के लिए भी निर्देश जारी कर दिया।
Source : DB News Update
By- DBnewsupdate | Edited by – Supriya
MP News, Bhopal. मध्य प्रदेश के 94 हजार सरकारी स्कूलों को 10 हजार से 75 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा। वहीं स्कूल में बालिकाओं को आत्मरक्षा की तैयारी करवाने के लिए 15 हजार रुपये अलग से दिए जाएंगे। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके अंतर्गत 30 विद्यार्थियों के नामांकन वाले स्कूल को 10 हजार, 31 से 100 नामांकन वाले स्कूल को 25 हजार, 101 से 250 नामांकन वाले स्कूल को 50 हजार व 251 से अधिक नामांकन वाले स्कूल को 75 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए है।
लैपटाप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए सितंबर की शुरुआत बड़ी खुशखबरी लेकर आ रही है। 12वीं कक्षा में निर्धारित मापदंड के साथ सफलता हासिल करने वाले 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटाप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 सितंबर को इस राशि का सीधे विद्यार्थियों के खातों में अंतरण करेंगे। कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में दोपहर 3 बजे आयोजित होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने योजना के लिए पात्र विद्यार्थियों की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस वर्ष कुल 80,197 विद्यार्थी लैपटाप की राशि पाने के लिए पात्र बताए गए हैं।
12वीं की परीक्षा में कुछ जरूरी शर्तें
सरकार इस योजना के तहत विद्यार्थियों को लैपटाप खरीदकर नहीं देती। इसके स्थान पर पात्र छात्रों के बैंक खातों में 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भेजी जाती है। राशि मिलने के बाद विद्यार्थी अपनी पढ़ाई की जरूरत के मुताबिक अपनी पसंद का लैपटाप खरीद सकते हैं।प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं की परीक्षा में कुछ जरूरी शर्तें तय हैं। विद्यार्थी ने परीक्षा पहले प्रयास में पास की हो और कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल किए हों, तभी वह योजना के लिए पात्र माना जाएगा। वहीं, 12वीं की परीक्षा दूसरे प्रयास में उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा विभाग की ओर से निर्धारित अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना भी जरूरी है।
12वीं में 85 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी
मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत वर्ष 2009-10 में की गई थी। शुरुआत में लैपटाप सहायता के लिए विद्यार्थियों को 12वीं में 85 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी था। बाद में सरकार ने पात्रता के लिए आवश्यक अंकों की सीमा घटाकर 75 प्रतिशत कर दी। इसके बाद योजना के दायरे में आने वाले विद्यार्थियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई।
94 हजार विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया
आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वर्ष करीब 94 हजार विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया था। इस बार पात्र विद्यार्थियों की संख्या 80,197 है। इन सभी विद्यार्थियों को 1 सितंबर को 25-25 हजार रुपये की राशि मिलने के बाद वे अपनी जरूरत के अनुसार लैपटाप खरीद सकेंगे। सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा के दौर में विद्यार्थियों को तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना उनकी पढ़ाई और आगे की तैयारी में मददगार साबित होगा।
बालिकाओं को आत्म सुरक्षा के लिये दिया जा रहा है प्रशिक्षण
प्रदेश में शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं में आत्म-विश्वास और सुरक्षा की भावना सशक्त करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा रानी लक्ष्मीबाई आत्म सुरक्षा प्रशिक्षण योजना चलाई जा रही है। योजना से प्रदेश में करीब एक लाख 50 हजार बालिकाओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिलाया गया है।
80 हजार 466 बालिकाओं को प्रशिक्षण दिलाया
योजना में 15 हजार 245 शासकीय विद्यालयों की 80 हजार 466 बालिकाओं को प्रशिक्षण दिलाया गया। इसी के साथ प्रदेश में संचालित 207 कस्तूरबा गांधी विद्यालय और 324 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास में अध्ययनरत 70 हजार 450 बालिकाओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिलाया गया। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 8 की बालिकाओं के विद्यालयों के लिये प्रशिक्षण राशि भी जारी की है।
दृष्टि बाधित बच्चों को पुस्तकों का वितरण
स्कूल शिक्षा विभाग ने दृष्टि बाधित बच्चों की सुविधा को देखते हुए उनके पाठ्यक्रम की समस्त पुस्तकें ब्रेल लिपि में उपलब्ध करवाई हैं। ब्रेल लिपि पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण शासकीय ब्रेल प्रेस भोपाल से कराया गया है।
दिव्यांग बच्चों का चिकित्सीय मूल्यांकन
प्रदेश के शासकीय स्कूलों में पढने वाले दिव्यांग बच्चों का चिकित्सीय मूल्यांकन शिविरों के माध्यम से कराया गया। पिछले वर्ष 30 जिलों के विकासखंडों पर आयोजित शिविर में 6 हजार 560 दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उन्हें उनकी आवश्यकता के उपकरण वितरित किये गये। इसी के साथ दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को भी गृह आधारित शिक्षा एवं बच्चों की दैनिक गतिविधियों पर फेस-टू-फेस प्रशिक्षण जिला स्तर पर प्रदान किया गया है।
इन सुविधाओं पर खर्च होगी राशि
- – स्कूल द्वारा अनुदान की राशि का 10% हिस्सा साफ-सफाई पर खर्च होगा।
- – 30%हिस्सा भवन के रखरखाव पर।
- – 10% राशि चले हम अभियान पर।
- – 5 फ़ीसदी विद्यालय की स्टेशनरी पर।
- – 5% साल प्रबंधन समिति और 10% राष्ट्रीय दिवस के आयोजन पर।
- – 20% राशि कलर चौक बालिकाओं की पुस्तकों पर।
- – 10 फ़ीसदी विद्यालय की अन्य आवश्यकताओं पर।
- – अतिरिक्त ₹2000 खिड़की दरवाजों की मरम्मत पर।
- – ढाई हजार बस्तर मुक्ति दिवस के लिए 3000 बूथ और एक क्लब के लिए।
- – 5000 खेलकूद गतिविधि पर होंगे खर्च।
