फूड जोन, स्पोर्ट्स जोन, ई-लायब्रेरी सहित सर्वसुविधायुक्त परिसर का होगा निर्माण, इसके निर्माण को लेकर मेयर इन काउंसिल की बैठक में निर्णय हो चुका है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
City Development GeetaBhawan: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के अंतर्गत रांझी क्षेत्र अत्याधुनिक गीता भवन का निर्माण होने जा रहा है. जिसकी लागत 70 करोड़ रुपये बताई जा रही है. गीता भवन में फूड जोन, स्पोर्ट्स जोन और ई-लाइब्रेरी की सुविधा होगी. इस भवन का मेंटेनेंस गीता भवन की आय से ही होगा. इसके निर्माण को लेकर मेयर इन काउंसिल की बैठक में निर्णय हो चुका है. महापौर जगतबहादुर सिंह अन्नू ने इसके निर्माण को लेकर उत्सुक नजर आ रहे हैं और गीता भवन के निर्माण को लेकर नगर निगम जबलपुर के अधिकारियों की बैठक भी की है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि अब जबलपुर का और तेजी के साथ विकास होगा.
परियोजना के प्रमुख उद्देश्य
युवा पीढ़ी को भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों, श्रीमद्भगवद् गीता के ‘निष्काम कर्म’ और भारतीय नैतिक मूल्यों से अवगत कराना.
शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए गीता और अन्य भारतीय दर्शन एवं साहित्य से संबंधित आधुनिक लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी और वाचनालय की सुविधा प्रदान करना.
शहरों में भारतीय कला, संस्कृति, दर्शन और साहित्यिक विमर्श के लिए एक जीवंत और सकारात्मक केंद्र तैयार करना.
धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों को प्रवचन, भागवत कथा और सेमिनार आदि के लिए बिना किसी शुल्क के उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराना.
इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाएँ जा रहे हैं.
गीता भवन के माध्यम से दार्शनिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास है.
इन केन्द्रों में युवा पीढ़ी को गीता के निष्काम कर्म और भारतीय मूल्यों से जोड़ने और शोधार्थियों के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराना गीता भवन का मुख्य उद्देश्य है.
मेयर इन काउंसिल में ये हुए निर्णय
- -70 करोड़ रुपये की लागत से गीता भवन का निर्माण किया जाएगा.
- -गीता भवन में फूड जोन, स्पोर्ट्स जोन, ई-लायब्रेरी होगी.
- -भवन की आय से ही गीता भवन का मेंटेनेंस और संचालन व प्रबंधन होगा.
- -कछपुरा ब्रिज का नाम अब “सरदार वल्लभ भाई पटेल सेतु” होगा.
- – सफाई व्यवस्था पर बनी कमेटी के निर्णयों की पुनः समीक्षा होगी.
- – लीज और शहर हित के अन्य विषयों पर अहम निर्णय लिए गए.
- -महापौर का दावा शहर के विकास कार्य अब और तेज़ी से होंगे.
- – जबलपुर शीघ्र ही महानगर का स्वरूप लेगा!
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
डॉ. सुभाष तिवारी, दामोदर सोनी, विवेकराम सोनकर, श्रीमती अंशुल राघवेंद्र यादव, श्रीमती रजनी कैलाश साहू, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, अपर आयुक्त अरविंद शाह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
श्रीकृष्ण पाथेय के माध्यम से ज्ञान का प्रसार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृष्ण को योगेश्वर श्रीकृष्ण की पहचान देने वाले चारों धामों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है. भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन, भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा का मैत्री स्थल स्वर्णगिरी पर्वत के पास ग्राम नारायाणा, धार जिले का अमझेरा और रजोभूमि बदनावर जहां भगवान श्रीकृष्ण ने रात्रि विश्राम किया था. साथ ही इंदौर के पास जानापाव जहां से उन्होंने विनम्रता का संदेश दिया था. इन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के माध्यम से श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाएंगे. पाथेय के मार्ग में पड़ने वाले जल, वन और उद्यानों का संरक्षण किया जाएगा. हम पुरातात्विक सर्वेक्षण के माध्यम से उन स्थानों को भी खोजेंगे, जहां से भगवान श्रीकृष्ण का संबंध हो सकता है.
इन सुविधाओं से लैस हाेंगे गीता भवन
गीता भवन का आकार संबंधित शहर की आबादी पर निर्भर करेगा. इसके लिए नियम यह है कि 5 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले नगर निगम में 1500 सीट क्षमता का गीता भवन बनाया जाएगा. 5 लाख तक की आबादी वाले नगर निगमों में 1000 सीट क्षमता का भवन बनेगा. छोटी नगरपालिकाओं में 500 सीट क्षमता वाले भवन तैयार होंगे. इन भवनों को भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा.
निजी डेवलपर्स को निर्माण के बदले कमर्शियल स्पेस भी दिया जाएगा. इन भवनों में स्थित दुकानों से होने वाली किराए की आय से इनका मेंटेनेंस किया जाएगा. साहित्य सामग्री बिक्री केंद्र और कैफेटेरिया होंगे. लाइब्रेरी में AC, पंखे और ठंडे पानी की व्यवस्था रहेगी. ऑडिटोरियम में प्रवचन, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जा सकेंगे. यह योजना न सिर्फ सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अहम होगी, बल्कि रियल एक्टेट के नज़रिए से भी अहम साबित होगी.
