सावन के महीने में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा खरीदना शुभ माना जाता है. इससे धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र की मान्यताएं जुड़ी हुई हैं.
Source : DB News Update
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Sawan 2025: सावन या श्रावण के महीने में शिवभक्त भगवान शिव की अराधना में लीन रहते हैं. शिवजी के कई पवित्र प्रतीक हैं, जिसमें नाग भी है, जिसे उन्होंने अपने गले में आभूषण की तरह धारण किया हुआ है. सावन के महीने में शिवलिंग पर चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाना बहुत शुभ मामा जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इससे दैवीय आशीर्वाद, सुरक्षा और कष्टों से मुक्ति मिलती है. इसलिए सावन माह में लोग चांदी के नाग-नागिन की खरीदारी भी करते हैं. चांदी के नाग-नागिन से जुड़ी रोचक बातों की जानकारी देने जा रहे हैं. आप भी अपने परिवार में सुख-शांति के लिए चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा अवश्य भगवान भोलेनाथ को अर्पित करें या फिर अपनी तिजोरी में रखें.
ऐसी है मान्यता
- चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा घर लाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है.
- सावन माह में शिवलिंग पर चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है. साथ ही इस उपाय से ग्रह दोष भी दूर होते हैं.
- सावन में किसी भी दिन शिवलिंग पर चांदी का नाग-नागिन चढ़ा सकते हैं. लेकिन विशेष दिनों जैसे-सावन के सोमवार, शिवरात्रि या नाग पंचमी के दिन चढ़ाना अधिक शुभ होता है.
- मंदिर में नाग-नागिन का जोड़ा छोड़ सकते हैं या फिर पूजन के बाद घर लाकर इसे तिजोरी या पूजा स्थान में स्थापित कर सकते हैं.

कैसे करें पूजन
सावन माह में सबसे पहले जल, दूध, दही, घी या शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें. इसके बाद शिवलिंग के ऊपर सर्प का जोड़ा धीरे-धीरे रखें.
शिवलिंग पर चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाते समय “ओम नमः शिवाय” या “ओम नागेन्द्रहाराय नमः” मंत्र का कम से कम 11 या फिर एक माला जाप कर सकते हैं.
अर्पण करने का सही तरीका और नियम
यदि किसी भक्त को सावन के महीनें में यह उपाय करना है, तो उसे निम्नलिखित विधियों का पालन करना चाहिए. जिससे शिव प्रसन्न हो सकें और आपको मनचाहा वर दे सकें.
शुभ दिन का चयन: यह उपाय करने के लिए सावन का सोमवार, नागपंचमी या सावन की शिवरात्रि का दिन सबसे उत्तम माना जाता है.
शुद्धिकरण: मंदिर जाने से पहले चांदी के नाग-नागिन के जोड़े को गंगाजल और कच्चे दूध से अच्छी तरह साफ कर लें.
महाभिषेक: सबसे पहले शिवलिंग का दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल (पंचामृत) से अभिषेक करें.
अर्जी लगाना: अपने हाथ में नाग-नागिन का जोड़ा रखकर भगवान शिव से अपने कष्टों (विशेषकर कालसर्प दोष या राहु-केतु की पीड़ा) को दूर करने की प्रार्थना करें और फिर उसे शिवलिंग पर अर्पित कर दें.
मंत्र जाप: इस पूरी प्रक्रिया के दौरान “ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर मानसिक जाप करते रहें.
नाग-नागिन खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
- चांदी के नाग-नागिन खरीदते समय हमेशा 92.5 प्रतिशत शुद्ध चांदी होना चाहिए.
- साथ ही जोड़ा खरीदते समय यह भी ध्यान दें कि वह अच्छी तरह बना हो और उसमें कोई कट या दोष न हो.
- इसके अलावा, घर की तिजोरी में रखने से पहले पंडित से इसे अभिमंत्रित जरूर करवाएं.
- अगर धन की कामना है तो चांदी के बने इन नाग-नागिन के जोड़ों को किसी मंदिर में दान कर दें, इससे धन लाभ की संभावना बन जाती है.
चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाने के लाभ
- जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष (राहु और केतु के बीच सभी ग्रहों का आ जाना) होता है, उन्हें जीवन में कड़ा संघर्ष, मानसिक तनाव और कार्यों में रुकावटें झेलनी पड़ती हैं. सावन में शिवलिंग पर चांदी के नाग-नागिन अर्पित करने से काल सर्प दोष का प्रभाव बहुत कम या समाप्त हो जाता है.
- ज्योतिष शास्त्र में मान्यता है कि सांपों की पूजा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, जिससे परिवार पर चल रहे पितृदोष की परेशानियां दूर होती हैं.अ
- नाग-नागिन का यह जोड़ा सुरक्षा का प्रतीक है. इसे महादेव को समर्पित करने से दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और अकाल मृत्यु का भय टल जाता है.
- चांदी को ज्योतिष में चंद्रमा और मन का कारक माना गया है. इसे शिवलिंग पर चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और अटका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं.
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