रामप्रकाश अहिरवार को निगमायुक्त का प्रभार, जनसंपर्क आयुक्त भी बनें इंदौर कलेक्टर
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
IAS News : मध्य प्रदेश सरकार प्रशासनिक स्तर पर कसावट लाने के उद्देश्य से समय-समय पर आईएएस अधिकारियों के तबादले करती रहती है. इसी के चलते प्रदेश के कई आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं. जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना और निगमायुक्त प्रीति यादव का जबलपुर से ट्रांसफर हो गया है. उनकी जगह आगर मालवा के कलेक्टर को राघवेन्द्र सिंह जबलपुर कलेक्टर बनाया गया है और मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदौर विकास प्राधिकारण को आयुक्त नगर निगम जबलपुर बनाया गया है. प्रदेश सरकार ने करीब 14 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए हैं. जिनमें से प्रदेश के जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को भी आयुक्त इंदौर संभाग का बना दिया गया है. देखें पूरी लिस्ट-
किसे कौन सी जिम्मेदारी
- दीपक सक्सेना अपर सचिव, सह आयुक्त मध्य प्रदेश जनसंपर्क का प्रभार
- राघवेंद्र सिंह, जबलपुर कलेक्टर
- प्रीति यादव, कलेक्टर आगर मालवा
- राम अहिरवार, कमिश्नर जबलपुर नगर निगम
- आशीष सिंह, उज्जैन कमिश्नर
- शिवम वर्मा, कलेक्टर इंदौर
- दिलीप यादव, कमिश्नर नगर निगम इंदौर
- जयती सिंह, कलेक्टर बड़वानी
- सुदामा खांडे, आयुक्त इंदौर संभाग
- अभिषेक सिंह, सचिव मध्य प्रदेश शासन, गृह विभाग
- आशीष सिंह, सह आयुक्त उज्जैन संभाग
- गुंचा सनोबर, उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन
- आशीष तिवारी, कलेक्टर, कटनी
- परिक्षित संजयराव झाड़े, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंदौर विकास प्राधिकरण
आशीष सिंह को बड़ी जिम्मेदारी
वहीं, इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह को सीएम डॉ मोहन यादव के गृह संभाग उज्जैन का कमिश्नर बनाया गया है। उन्हें सरकार पहले ही 2028 में होने वाले मेला अधिकारी सिंहस्थ मेला का प्रभार दे चुकी थी।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर किया आईएएस अधिकारियों का फेरबदल
मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से ठीक पहले शासन की प्रशासनिक कार्यकुशलता और आगामी सिंहस्थ मेला तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बार फिर तबादले किए गए हैं. इससे पहले अगस्त महीने में भी सरकार ने एक बड़ी सूची जारी कर 32 IAS अधिकारियों के तबादले किए थे, जिसमें कई जिलों के जिला पंचायत CEO और नगर निगम आयुक्त बदले गए थे.
शासन ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल करते हुए 11 IAS और 6 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों के तबादले किए हैं. इस नए फेरबदल के तहत मुख्य रूप से विदिशा के प्रभारी कलेक्टर की नियुक्ति की गई है और धार, उज्जैन, हरदा, विदिशा समेत 6 जिलों के जिला पंचायत CEO बदले गए हैं.
जिला पंचायत CEO एवं अन्य प्रमुख तबादले
अधिकारी का नामपुराना पद / दायित्वनवीन पदस्थापना (नया दायित्व)
श्री ओमप्रकाश सनोडिया CEO, जिला पंचायत विदिशाअपर मेला अधिकारी, सिंहस्थ उज्जैन
श्रीमती सुरभी तिवारी (SAS) उप मुख्य निर्वाचन अधिकारीCEO, जिला पंचायत विदिशा
श्री शैलेंद्र सिंह CEO, जिला पंचायत सतनाCEO, जिला पंचायत दतिया
श्रीमती सपना त्रिपाठी अपर कलेक्टर, रीवाCEO, जिला पंचायत सतना
सुश्री नेहा जैन (IAS 2018) अपर संचालक, NVDA इंदौर CEO, स्मार्ट सिटी व अपर आयुक्त, नगर निगम उज्जैन
श्रीमती निधि निवेदिता (IAS 2012)आयुक्त, महिला एवं बाल विकास आयुक्त (भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त), ग्वालियर
श्री अनिल सुचारी (IAS 2006) कमिश्नर, सागर संभागप्रबंध संचालक, म.प्र. भंडार गृह निगम, भोपाल
श्री दिलीप कुमार (IAS) -नये कमिश्नर, सागर संभाग
क्या किए जाते हैं आईएएस के तबादले?
आईएएस के तबादले प्रमुख रूप से प्रशासनिक जरूरत, करियर ग्रोथ और कई बार राजनीतिक कारणों से किए जाते हैं. कई बार प्रशासनिक आवश्यकताएं (Administrative Needs) भी रहती हैं. क्योंकि कई अधिकारियों का अनुभव काम आता है.
अधिकारियों को अलग-अलग विभागों और क्षेत्रों का अनुभव देने के लिए हर 2 से 3 साल में बदला जाता है.
योग्यता का सही उपयोग भी किया जाता है. किसी खास प्रोजेक्ट या संकट (जैसे आपदा प्रबंधन या चुनाव) के समय योग्य अधिकारी को उस क्षेत्र की कमान सौंपा जाता है.
कई अधिकारियों की पदोन्नति (Promotion) भी हो जाता है. ऐसे अधिकारी के प्रमोट होने पर उसकी नई रैंक के हिसाब से नया पद देना पड़ता है.
अधिकारियों के फेरबदल किए जाने से सरकार का नियंत्रण और प्रबंधन (Control and Management) भी होता है.
क्योंकि सरकार के पास आईएएस अधिकारियों को नियुक्त करने या बर्खास्त करने का सीधा अधिकार नहीं होता है, इसलिए तबादला ही वह मुख्य जरिया है जिससे सरकारें प्रशासनिक कामकाज को नियंत्रित करती हैं.
कई बार राजनीतिक कारण (Political Reasons) के चलते सरकारें अपनी पसंद के अधिकारियों को अहम पदों पर बिठाते हैं या दबाव न मानने वाले अधिकारियों को हटाने के लिए भी तबादलों का इस्तेमाल किया जाता है.

