एअर इंडिया समेत तमाम कंपनियां अहमदाबाद हादसे के बाद सतर्क हो गई हैं. वे एयरक्राफ्ट की जांच को लेकर अब और ज्यादा गंभीर हो गई हैं.
Source : DB News Update
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Ahmedabad plane crash: एअर इंडिया ने अपने बेड़े में शामिल सभी बोइंग 787 और बोइंग 737 एयरक्राफ्ट्स के फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) के लॉकिंग सिस्टम की जांच पूरी कर ली है. एअर इंडिया ने बयान में कहा है कि “एअर इंडिया ने अपने बेड़े के सभी बोइंग 787 और बोइंग 737 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच (एफसीएस) के लॉकिंग सिस्टम की एहतियाती जांच पूरी कर ली है. इसमें किसी तरह की दिक्कत नहीं मिली.” नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने सुरक्षा के लिहाज से एयरक्राफ्ट्स की जांच को लेकर निर्देश दिए थे. एयरलाइन ने कहा कि DGCA के निर्देश के मुताबिक ही जांच की गई है.
यह निरीक्षण पिछले महीने अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया बोइंग ड्रीमलाइनर विमान हादसे के बाद किया था, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी.
AAIB की रिपोर्ट से पता चला था अहमदाबाद प्लेन क्रैश का कारण
एअर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की एक प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चला है कि ईंधन की आपूर्ति बंद होने के कारण उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान के इंजन बंद हो गए थे. इसकी वजह फ्यूल स्विच का ‘रन’ से ‘कटऑफ’ में अचानक चले जाना था. इससे इंजन फ्यूल कट-ऑफ स्विच के काम करने को लेकर फिर से चिंताएं पैदा हो गईं.
एयर इंडिया को 2017 में मिला VT-ANX
बताया जा रहा है कि बोइंग ने एयर इंडिया को ड्रीमलाइनर 787-8 (VT-ANX) 2017 में डिलीवर किया था. हीथ्रो में इसके कमांडर ने लॉग बुक में जो इसके फ्यूल कंट्रोल स्विच के असमान्य बर्ताव को दर्ज किया है, उसके अनुसार, ‘…जब हल्के से दबाया गया तो बांया कंट्रोल स्विच ‘रन’ अवस्था से ‘ऑफ’ अवस्था में चला गया,यह अपनी जगह लॉक नहीं होता है, डिफेक्ट्स निल.’
फ्यूल कंट्रोल स्विच को बदला जाएगा
मीडिया रिपोर्ट से पता चलाा है कि एविएशन रेगुलेटर से अनिवार्य मंजूरी लेने के बाद प्रभावित उपकरण को बदल दिया जाएगा. अधिकारी ने कहा, ‘फ्यूल कंट्रोल स्विच को बनाने वाली मूल कंपनी (OEM) में विस्तृत विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा.’ एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ‘जिस विमान का निरीक्षण हो रहा है, उसमें एक वैकल्पिक फ्यूल कंट्रोल स्विच लगाए जाने के बाद उसे जाने दिया जाएगा.”फ्यूल कंट्रोल स्विच’कितना पुराना था?
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि सोमवार को लंदन से बेंगलुरु पहुंचे विमान में जो फ्यूल कंट्रोल स्विच लगा हुआ है, वह करीब 3,500 घंटे इस्तेमाल हुआ है. जब इसके सर्विस लाइफ के बारे में पूछा गया तो इन मामलों की जानकारी रखने वाले अंदर के एक व्यक्ति ने बताया कि ‘फ्यूल कंट्रोल स्विच का कुल जीवन 20,000 घंटे तक होता है.’ मतलब, फ्यूल कंट्रोल स्विच अभी पुराना नहीं हुआ था.
लंदन-बेंगलुरु उड़ान में फ्यूल स्विच में खराबी पाई गई
गौरतलब है कि रविवार को लंदन के हीथ्रो एअरपोर्ट से उड़ान भरने से पहले पायलटों ने जब फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की तो वह ‘कटआफ’ मोड में मिला, जबकि उसे ‘रन’ मोड में होना चाहिए था. पायलटों के मुताबिक फ्यूल स्विच को दो बार ‘रन’ मोड में लाया गया, लेकिन वह स्वत: ‘कटआफ’ मोड में लौट आता था. तीसरे प्रयास में स्विच ‘रन’ मोड में लॉक हुआ.
उसके बाद बेंगलुरु तक की उड़ान में स्विच में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई. विमान में 200 यात्री सवार थे। एअर इंडिया के बेड़े में फिलहाल 33 बोइंग 787 ‘ड्रीमलाइनर’ विमान शामिल हैं.
अहमदाबाद विमान हादसे से लेनी थी सीख!
अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ‘ड्रीमलाइनर’ के भीषण विमान हादसे में 260 यात्रियों की जान चली गई थी. प्रारंभिक जांच में फ्यूल कंट्रोल स्विच की संभावित गड़बड़ी को प्रमुख कारणों में माना गया, हालांकि अंतिम रिपोर्ट लंबी तकनीकी जांच के बाद ही तय होगी.
हादसे के बाद देशभर में विमान सुरक्षा मानकों, पायलट प्रशिक्षण और तकनीकी निरीक्षण प्रक्रियाओं पर व्यापक बहस छिड़ गई. डीजीसीए और एएआईबी ने संयुक्त जांच शुरू की तथा एअरलाइन कंपनियों को एहतियाती निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए. इस घटना ने विमानन उद्योग में सुरक्षा प्रोटोकाल की सख्ती की जरूरत को रेखांकित किया. इसके बाद भी जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं और न ही सतर्कता बरत रहे हैं.

