विदेश से मंगाई गई सिंथेटिक ट्रैक, आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल करके बनाया गया है प्रोजेक्ट
By- DBnew update/edited by Supriya
Smart City. स्मार्ट सिटी जबलपुर द्वारा राइट टाउन स्टेडियम का विकास पहले फेज पर 44.76 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया और दूसरे फेज का टेंडर 31.33 करोड़ का दूसरा टेंडर निकाला गया. इसके अलावा सिंथेटिक ट्रैक भी विदेश से मंगाने पर स्मार्ट सिटी ने करोड़ों रुपये खर्च किए. इसके बाद भी यह प्रोजेक्ट अभी तक सफलता के मुकाम तक नहीं पहुंच पाया.
प्रोजेक्ट का क्या नाम है? – राइट टाउन स्टेडियम का उन्नयन.
कौन सी एजेंसी के माध्यम से प्रोजेक्ट शुरु किए गए
jscljabalpur -जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड एजेंसी के माध्यम से करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का निर्माण कराया और अभी तक यह प्रोजेक्ट कम्प्लीट नहीं हुआ. जिसके कारण नगर निगम को सुपुर्द भी नहीं हो पा रहा है.
कब प्रोजेक्ट शुरू हुआ
सन्-2017 में पहले फेज का काम प्रारंभ हुआ, उसके बाद फेज-2 में मल्टीलेवल पार्किंग और खिलाड़ियों को ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होटल-रेस्टॉरेंट का निर्माण करने के लिए दूसरा टेंडर निकाला गया. ये दोनों टेंडर का काम 2022 में खत्म हो जाना था. लेकिन स्टेडियम के कई काम आज भी अधूरे हैं.
क्यों निर्माण कराने की जरूरत पड़ी
स्मार्टनेस- अत्याधुनिक तकनीक से स्टेडियम को सुसज्जित करके खिलाड़ियों में स्मार्टनेस का आभास कराने के लिए प्रोजेक्ट को लांच किया गया. जिसमें इनडोर बैडमिंटन टेबल टेनिस जिम जैसी सुविधाएं विकसित की गई. वहीं मैदान पर ट्रैक बिछाया गया है. मैदान की हाईट ऊंची की गई है.
कहां होना था निर्माण
एडीबी एरिया- राइट टाउन क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाने के नाम पर नये तरीके से स्टेडियम का डेवलपमेंट किया गया.
कैसे मिला फंड
केन्द्र सरकार द्वारा 100 स्मार्ट सिटीज का चयन किया. जिससे उन्हें आधुनिक तरीके से डेवलप किया जा सके. इसके लिए प्रत्येक स्मार्टसिटी को 1000 करोड़ रुपये फंड अलॉट किया गया. लेकिन कागजों में जो प्रोजेक्ट दिखाए गए, उनमें से कोई भी प्रोजेक्ट जमीनी स्तर पर देखने को नहीं मिल रहे हैं. लिहाजा स्मार्ट सिटीज कान्सेप्ट को आगे बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार से दोबारा फंडिंग नहीं हुई.

