Shani Dev: नवग्रह (Navgrah) में कुछ ऐसे ग्रह हैं जिनके अशुभ होने पर व्यक्ति के जीवन में उथल-पुथल मच जाती है. धन, सुख, समृद्धि, नौकरी सब छिन जाता हैं.
By : पंडित प्रदीप मिश्रा
Edited By- सुप्रिया
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में शनि (Shani) शुभ स्थान पर बैठा हो तो कंगाल भी धनवान बन जाता है. शनि देव के आशीर्वाद से जीवन में धन, संपत्ति, ऐशो आराम से भर जाता है, तो वहीं शनि अशुभ स्थान पर बैठे हों तो शनि दोष (Shani dosh) उत्पन्न होता है, जिसके कारण व्यक्ति के जीवन में कई समस्याएं आने लगती हैं.
शनि से बिजनेस में परेशानी, नौकरी का छूटना, काम में रुकावट, पदोन्नति में बाधा और कर्ज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. शनि के अशुभ होने पर क्या-क्या होता है।
शनि के अशुभ होने पर क्या होता है (Shani ashubh effect)
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि के अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति का वाहन सुख छिन जाता है. व्यक्ति घर में मौजूद गाड़ी को बेचने की कगार पर आ जाता है.
- शनि खराब है तो उसे मेहनत का फल नहीं मिलता है. नौकरी में परेशानी आती है एवं छोटी-छोटी बातों पर घर में कलह होती है.
- बनते हुए काम में अड़चने आना, कर्ज का बोझ होना, घर में आग लगना, मकान बिकना या उसका कोई हिस्सा गिरना आदि भी शनि के दूषित होने पर होता है.
इन उपायों से शनि के दुष्प्रभाव से बचें (shani Upay)
– हर शनिवार(shanivar) के दिन एक लोहे के कटोरे में साबुत उड़द, काले चने और सरसों का तेल मिलाकर एक साथ डाल दें. अब इसे काले कपड़े में लपेटकर अपने माथे से लगाकर इसे दान देना शुरू करें, इससे शनि दोष (Shani dosh) कम होता है.
– शनिवार के दिन शनिदेव के दिव्य मंत्र ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’ का इस दिन जप करने से प्राणी भयमुक्त रहता है.
– शनि देव की प्रसन्नता के लिए जातक को शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए एवं गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए, ऐसा करने से जीवन में आए संकट दूर होने लगते हैं.
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