नगर निगम कमिश्नर ने मास्टर प्लॉन-2021 में चिन्हित बस स्टैण्डों पर मंथन शुरू किया, शहरी बसाहट का ध्यान रखकर प्लॉन बनाने पर दिया जा रहा जोर
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
New Bus Stand In Jabalpur: पिछले 8 साल से खमरिया और भटौली में बनने वाला क्षेत्रीय बस स्टैण्ड का प्रोजेक्ट फिर फाइलों से बाहर निकल सकता है. यह संभावना निगमायुक्त ने जताई है. उल्लेखनीय है कि शहरी क्षेत्र की आबादी बढ़ रही है, शहर के बाहर रिंग रोड का दायरा भी बढ़ गया है. जबलपुर शहर से महाकोशल के मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर, कटनी सहित अन्य जिले सीधे जुड़े हुए हैं. बुंदेलखण्ड के दमोह, छतरपुर, सागर तक के लोग यहां किसी न किसी काम से आ रहे हैं. विन्ध्य के सतना, रीवा, मैहर, शहडोल-उमरिया से बड़ी संख्या में लोग न्यायालय, अस्पताल, बाजार और शिक्षा-दीक्षा कराने के उद्देश्य से लोग अपनी जरूरतों के अनुसार यहां आ रहे हैं. इन जिला मुख्यालय से आने वाले यात्री केवल एक जगह अंतरराज्यीय बस स्टैण्ड (आईएसबीटी) पहुंच रहे हैं. ऐसे यात्रियों के लिए शहर में कहीं भी न तो अस्थाई रूप से ठहरने की व्यवस्था है और न ही उन्हें रूट पर जाने वाली बस मिलने की संभावना रहती है.
मास्टर प्लान 2021 में चिन्हित है बस स्टैण्ड
जनता को मूलभूत सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से शहर विकसित करने का मास्टर प्लॉन-2021 तैयार कराया गया था, जिसमें बस स्टैण्ड, प्ले-ग्राउंड, स्कूल, उद्योग, सामुदायिक भवन और सड़क आदि का उल्लेख किया गया था. हर जगह सरकारी खाली जमीन के लिए प्रस्ताव तैयार करने और उनका क्रियान्वयन करने की जिम्मेदारी नगर निगम के कंधे पर थी. जब शहर का दायरा बढ़ता जा रहा है और करीब 55 गांव नगर निगम में शामिल हो चुके हैं. उन सभी गांवों में शहरीकरण होता जा रहा है. ऐसे में आबादी के अनुसार बस स्टैण्ड की संख्या बढ़ाने की जरूरत महसूस होने लगी है. इसके बाद भी 2021 के मास्टर प्लॉन के अनुसार अभी तक काम क्यों प्रारंभ नहीं कराया गया, यह समझ से परे है.
बस स्टैण्ड की चिन्हित जमीन पर हो रही खुर्दबुर्द
नगर निगम अधिकारियों ने जिस जमीन पर बस स्टैण्ड बनाने का प्लॉन तैयार किया है. वह जमीन खुर्दबुर्द होती जा रही है. कई क्षेत्रीय लोगों ने उक्त जमीन पर खेती करना प्रारंभ कर दिया है. कुछ दिनों बाद बस स्टैण्ड की जमीन पर पक्के मकान बन जाएंगे और नगर निगम को जमीन वापस लेने में परेशानी होगी. क्योंकि कई दबंग लोग लंबे समय से काबिज होने का हवाला देंगे और उनसे जमीन खाली कराने में परेशानी होगी.

