ईरान ने यूएस विक्टोरिया मिलिट्री बेस को निशाना बनाया है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का आज आठवां दिन है.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
US Israel Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का आज आठवां दिन है. ईरान ने अमेरिका के बेस पर सुसाइड ड्रोन से अटैक किया है. उसने यूएस विक्टोरिया मिलिट्री बेस को निशाना बनाया है. इससे कच्चे तेली की कीमतों में इजाफा होता जा रहा है. वहीं ईरान-अमेरिका-इजराइल जंग की आग बढ़ती जा रही है. जिसके कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के पहले हफ्ते में अमेरिकी बलों ने 3,000 से अधिक टारगेट्स पर हमला किया है. अब अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने की तैयारी कर रही है.
जल्द हो सकता है नए सुप्रीमाों का एलान
मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चुनाव हो चुके हैं और जल्द ही नए सुप्रीमों के नाम का एलान हो सकता है.
युद्ध में मिसाइल और बम रॉकेट से हमले
बीते 7 दिन से चल रहे युद्ध में मिसाइल और बम रॉकेट से हमले की रफ्तार तेज हो गई है. ईरान की तैयारी को देखकर ऐसा आभाष हो रहा है कि यह जंग लंबी चलने वाली है. डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह युध्द महज एक डील नहीं है. बल्कि चुनौती बनकर उभरा है.
मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और इजरायल को खुली चुनौती दे दी है. ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप में हिम्मत है तो वह तेल टैंकरों को अमेरिकी युद्धपोतों की सुरक्षा में इस रास्ते से निकालकर दिखाए. वहीं ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाकर उसे निष्क्रिय कर दिया है.
ईरान के सुप्रीम लीडर की हो चुकी है मौत
ईरान के साथ शुरू हुई जंग लंबी खिंचती दिख रही है. 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की जॉइंट स्ट्राइक्स शुरू हुई. जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. तभी से हालात बहुत तेजी से बिगड़े हैं. ईरान ने जवाबी हमले शुरू किए, गल्फ देशों में अमेरिकी बेस और दूतावासों पर ड्रोन और मिसाइल दागे. इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अटैक बढ़ाए. ईरान में मौतों का आंकड़ा अब तक 1,250 से ऊपर पहुंचने की खबर है. इसी के चलते दुनिया भर में तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई हैं.
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने मचाई ईरान में तबाही
सब कुछ अचानक शुरू हुआ. अमेरिका और इजरायल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ लॉन्च किया. इजरायली F-35 और अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स, बैलिस्टिक मिसाइल बेस और लीडरशिप टारगेट्स पर हमले किए. तेहरान में खामेनेई का घर हिट हुआ और ईरानी मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की. पहले दिन ईरान में करीब 200 लोग मारे गए, जिसमें ज्यादातर मिलिट्री पर्सनल शामिल थे.
न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम को रोकने के लिए हमला-अमेरिका
अमेरिका की ओर से दावा किया गया कि यह हमला ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम को रोकने के लिए था. इजरायल के PM बेंजामिन नेतन्याहू ने बाद में फॉक्स न्यूज को बताया कि अगर अब नहीं रोकते, तो ईरान के प्रोग्राम कुछ महीनों में हमलों से ‘इम्यून’ हो जाते यानी अंडरग्राउंड बंकर इतने मजबूत होते कि कोई हमला काम नहीं कर सकता था. इजरायल ने GBU-28 बंकर बस्टर बॉम्ब इस्तेमाल किए, अमेरिका ने टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागीं. कुल 500 से ज्यादा टारगेट हिट हुए. ईरान ने पहले दिन कोई बड़ा जवाब नहीं दिया, लेकिन रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी.
अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर रहा?
ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को नष्ट कर दिया है. वहीं अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने की तैयारी कर रही है.
ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले के आज आठवें दिन भी इजराइली और अमेरिकी सेनाओं ने शुक्रवार को ईरान के अहम ठिकानों पर मिसाइलें दागीं. इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ अन्य जगहों पर भी ईरानी हमले जारी हैं. इस कारण ईरान में हालात कुछ ठीक नजर नहीं आ रहे हैं और यदि यही स्थिति बनी रही तो तेल की कीमतों में वृद्धि होना निश्चित है.

