पेंटीनाका फ्लाई ओवर अब एम्पायर तिराहा से गोराबाजार के पास तक बनेगा. लोक निर्माण मंत्री के निर्देश पर पुनः हुआ सर्वे, लम्बाई बढ़ने के साथ दी प्रशासकीय स्वीकृति
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Jabalpur Flyover Bridge News: जबलपुर-मंडला मार्ग के अंतर्गत पेंटीनाका चौक से वायएमसीआर तक बनने वाला फ्लाई ओवर अब एम्पायर तिराहा से गोराबाजार के पास तक बनेगा. सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने लम्बाई बढाने के साथ ही इस फ्लाईओवर के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है. सेतु बंधन योजना के तहत प्रस्तावित इस फ्लाईओवर का निर्माण करीब 5 साल से लंबित था, जिसे अब जाकर प्रशासकीय स्वीकृति मिली है. हलांकि इससे पहले 2023 में भी इस फ्लाईओवर को बनाने की स्वीकृति मिल चुकी थी. लेकिन समय रहते इस फ्लाईओवर का निर्माण नहीं हो सका.
उल्लेखनीय है कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सांसद रहते हुए पेंटीनाका चौक से वायएमसीआर तक फ्लाई ओवर को स्वीकृति दिलाई थी. पूर्व में यह फ्लाई ओवर पेंटीनाका चौक तक प्रस्तावित था. इसकी स्वीकृति के बाद रक्षा विभाग के कारण इसके निर्माण में विलम्ब हो रहा था. लोक निर्माण मंत्री के निर्देश पर पुनः इसका सर्वे किया गया और इन अडचनों को दूर करते हुए इसकी प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है. अब इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है.
सेतु बंधन योजना के तहत बनाया जाएगा फ्लाई ओवर
लोक निर्माण मंत्री ने इसकी लम्बाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था जिस पर सडक परिवहन मंत्रालय भारत सरकार ने इसे स्वीकृत कर दिया है. यह फ्लाई ओवर सेतु बंधन योजना (सीआईआरएफ) के तहत बनाया जायेगा. अब इस फ्लाई ओवर की लम्बाई 1415 मीटर और पहुंच मार्ग की लम्बाई 283 मीटर होगी. सर्विस मार्ग की चौड़ाई 7.50 मीटर दोनों ओर होगी. साथ ही इसकी लागत में भी वृद्धि की गई है अब इसकी लागत लगभग 70 करोड़ होगी.
इस रूट पर यातायात का दबाव सबसे ज्यादा
लोक निर्माण मंत्री ने कहा जबलपुर के यातायात को सुव्यवस्थित एवं सुचारु बनाने हेतु फ्लाई ओवर के निर्माण आवश्यक है. इसी दृष्टि से सांसद रहते हुए पेंटीनाका चौक से बनने वाले फ्लाई ओवर की स्वीकृति कराई गई थी, चूंकि यातायात का दबाब इस मार्ग में अधिक होता है और मंडला से आने वाले वाहनों को भी सुचारु रूप से शहर में प्रवेश मिल सके इस हेतु इसकी लम्बाई बढ़ाने का आग्रह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से किया गया था, जिसे स्वीकृति मिला गई है.
जबलपुर में पहले से 5 फ्लाईओवर स्वीकृत
श्री सिंह ने कहा कि जबलपुर में प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाई ओवर बना है साथ ही 5 नये फ्लाई ओव्हर स्वीकृत हैं. देश की दूसरी सबसे बड़ी 112 किमी लम्बी रिंग रोड का निर्माण भी अंतिम चरणों में है. आने वाले समय में यह संरचनाएँ जबलपुर का स्वरूप बदल देंगी. जबलपुर के विकास के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित होगा.श्री सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है.
40 करोड़ का फ्लाईओवर 70 करोड़ में बनेगा
यहां बतादें कि मप्र सड़क विकास निगम 2023 में पेंटीनाका फ्लाईओवर के निर्माण की लागत 40 करोड़ रुपये आंकी थी. इसके निर्माण को लेकर दावा किया गया था कि इस फ्लाईओवर के निर्माण का अप्रैल 2023 तक टेंडर भी निकाल दिया जाएगा. लेकिन समय रहते फ्लाईओवर का निर्माण नहीं हो सका और अब इस फ्लाईओवर की लागत 70 करोड़ के आसपास पहुंच गई.
डीपीआर फाइनल होने में लग गए 3 साल
पेंटी नाका में यह फ्लाईओवर का निर्माण सेंट जोसफ स्कूल से सर्किट हाउस की तरफ तक बनाया जाना प्रस्तावित था. जिससे यहां की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त हो सके. इस फ्लाईओवर से भारी वाहनों का आवागमन आसान हो सके. लेकिन इस फ्लाईओवर के निर्माण में लंबा इंतजार करना पड़ा और अब जाकर इसे स्वीकृति मिली है.
पानी की पाइप लाइन और बिजली पोल शिफ्टिंग की समस्या
इस रूट पर अमृत 2.0 के तहत पानी की पाइप लाइन भोंगाद्वार जल शोधन संयंत्र तक डाली जाना है और सड़क के दोनों ओर फ्लाईओवर के निर्माण से पहले बिजली के पोल शिफ्ट करने होंगे. इसके बाद ही फ्लाईओवर का निर्माण प्रारंभ होगा. इसके बाद सर्विस रोड के लिए जगह भी निकालना होगा, जिसके लिए जमीन का अधिग्रहण भी किया जा सकता है. ऐसे कई काम अभी फ्लाईओवर निर्माण से पहले होने हैं, जिसमें अभी लंबा समय लगने की संभावना है.

