One Nation One Election: वन नेशन वन इलेक्शन काे लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने बीजेपी पर निशाना साधा है.

By : DBNewsupdate | Edited By : Prince Awasthi
One Nation One Election: मोदी कैबिनेट ने बुधवार (18 सितंबर 2024) को वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इससे अब देश की कुल 543 लोकसभा सीट और सभी राज्यों की कुल 4130 विधानसभा सीटों पर एक साथ चुनाव कराने का रास्ता खुलता नजर आ रहा है. बता दें कि वन नेशन वन इलेक्शन पर विचार करने के लिए मोदी सरकार ने पिछले साल सितंबर में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था. कमेटी ने इस साल मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 18 हजार 626 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी गई थी, जिस पर मोदी सरकार के केबिनेट की मोहर लग गई.
कोई राजनीतिक मकसद नहीं- पीएम मोदी
कैबिनेट मीटिंग में एक देश एक चुनाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यह लोगों की लंबे समय से लंबित मांग रही है और हम इसे लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए लाए हैं. इसका कोई राजनीतिक मकसद नहीं है.” पीएम ने कहा, “महत्वपूर्ण पहलू देश के लोगों को ओएनओपी की नाविक विशेषताओं के बारे में शिक्षित करना होगा. हमने केवल उसी का सम्मान किया है जो देश के लोग बहुत लंबे समय से चाहते रहे हैं. लगातार चुनाव, शासन और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कानून व्यवस्था पीछे रह जाती है और यह किसी भी देश के लिए अच्छा नहीं है.’
कमेटी ने ये प्रस्ताव दिया था
- सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 तक बढ़ाया जाए.
- बहुमत नहीं मिलता है और अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता है तो बाकी 5 साल के कार्यकाल के लिए नए सिरे से चुनाव कराए जा सकते हैं.
- पहले फेज में लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं.
- 100 दिनों के भीतर दूसरा फेज होगा, जिसमें शहरी और ग्रामीण निकाय चुनाव कराए जाएंगे.
- सभी चुनावों के लिए कॉमन इलेक्टोरल रोल तैयार किय़ा जाएगा.
- एक साथ चुनाव कराने के लिए उपकरणों, जनशक्ति और सुरक्षा बलों की एडवांस प्लानिंग की सिफारिश की है.
Source : PTI

