सहानुभूति वोट बैंक मिलने के बाद ट्रांप की स्थिति में हुआ सुधार, कैलिफोर्निया और वाॅशिंगटन के रुझानों में कमला के आंकड़े सुधरे पर जीत से कोसों दूर
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
US Presidential Election Results 2024 : फॉक्स न्यूज के मुताबिक अमेरिकी चुनाव में एक बार फिर से डोनाल्ड ट्रंप को बढ़त मिलती नजर आ रही है. रुझानों के मुताबिक रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को 267 और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस को 216 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिल चुके हैं. कैलिफोर्निया और वॉशिंगटन के रुझानों से कमला हैरिस के आंकड़े सुधरे हैं, लेकिन वो अभी भी ट्रंप से पीछे चल रही हैं.
सातों स्विंग स्टेट्स में डोनाल्ड ट्रंप आगे
अमेरिका के सातों स्विंग स्टेट्स में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को बढ़त मिली हुई है. AP की रुझानों के मुताबिक पेंसेल्वेनिया, मिशिगन, विस्कॉन्सिन, जॉर्जिया, नेवादा, एरिजोना और नॉर्थ कैरोलिना में ट्रंप को बढ़त मिली है.
गोली लगने के बाद ट्रंप के प्रति सहानुभूति
डोनाल्ड ट्रंप पर हाल ही में हुए हमले ने अमेरिकी राजनीति में एक नया मोड़ लिया है. ट्रंप को गोली लगने के बाद, कई लोगों ने उनके प्रति सहानुभूति व्यक्त की है, जिससे उनकी लोकप्रियता में वृद्धि हुई है. लेकिन, क्या यह सहानुभूति वास्तविक है या यह सिर्फ एक राजनीतिक खेल है? अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 के परिणामों में 216 इलेक्टोरल सीटों पर कमला हैरिस बढ़त बनाए हुए हैं जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने 267 सीटों पर आगे चल रहे हैं. इसमें स्विंग स्टेट्स की स्थिति भी रोचक है. एरिजोना और जॉर्जिया में ट्रंप आगे हैं. मिशिगन में हैरिस बढ़त पर हैं. नेवादा में अभी तक कोई परिणाम नहीं आए हैं. नॉर्थ कैरोलिना में ट्रंप की जीत हो चुकी है तथा पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन में भी ट्रंप आगे हैं.
कमला हैरिस आएंगी तो बदल जाएगी स्थिति
बीच में खबर आई थी कि बाइडेन को हटाकर कमला हैरिस को डेमोक्रेटिक पार्टी से उम्मीदवार बनाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो अमेरिका में चुनाव का माहौल बदल सकता है. एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फिर चुनाव लड़ने का मन बनाया है, लेकिन उनकी उम्मीदवारी पर सवाल बरकरार है.
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनावों में ट्रम्प फिलहाल अपने प्रतिद्वंदी और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन के खिलाफ चुनावों में पीछे चल रहे हैं. इस बीच ट्रन्प ने फिर से चुनाव के आयोजन के तरीके के बारे में अपनी दैनिक शिकायतें शुरू कर दी हैं.
कोरोनावायरस महामारी के कारण जाहिर तौर पर मेल-इन मतपत्रों के बढ़ते उपयोग का उल्लेख करते हुए ट्र्म्प कहा, “आप जानते हैं कि मतपत्रों के बारे में बहुत दृढ़ता से मेरी शिकायत रही है. ये मतपत्र एक आपदा हैं.” ट्रम्प अक्सर दावा करते हैं कि मेल-इन मतपत्र (डाक से भेजे गए बैलेट पेपर) बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के साधन हैं और डेमोक्रेट द्वारा चुनाव में धांधली करने के लिए इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है. हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि डाक सेवा के माध्यम से भेजे गए मतपत्रों ने कभी अमेरिकी चुनावों में महत्वपूर्ण धोखाधड़ी की है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा कि मौजूदा दौर में बड़ी संख्या में मेल-इन मतपत्रों की उम्मीद की जा रही है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में वह सत्ता में बने रहेंगे. ट्रम्प ने कहा, “मतपत्रों से छुटकारा पाएं, आपके पास बहुत शांति होगी. सत्ता का कोई हस्तांतरण नहीं होगा. स्पष्ट रूप से कह रहा हूं, एक निरंतरता होगी.”
ट्रंप की झोली में गिरेंगे वोट?
ट्रंप पर हमले की वजह से अमेरिकी लोगों का वोट सहानुभूति के तौर पर ट्रंप की झोली में गिर सकता है. यही वजह है कि खुद जो बाइडेन को अपने प्रतिद्वंदी से बात करनी पड़ी, उन्होंने इस हमले की आलोचना की. दुनियाभर के नेताओं ने ट्रंप पर हुए इस हमले की निंदा की. भारतीय-अमेरिकी लोगों ने तो इसे अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास का एक ‘काला अध्याय’ करार दिया. अब कहीं न कहीं इसका असर चुनाव पर पड़ना तय है.
जहां हुआ हमला, वहीं से जीते थे ट्रंप
जहां हमला हुआ, वहां से 2016 में ट्रंप को बड़ी जीत मिली थी. बटलर पश्चिमी पेनसिल्वेनिया के पिट्टसबर्ग में 33 मील उत्तर में स्थित 13,000 लोगों की आबादी वाला शहर है. ट्रंप को 2016 में राष्ट्रपति बनाने में यहां की अहम भूमिका थी और ट्रंप ने बटलर काउंटी में 32 प्रतिशत अंकों से जीत हासिल की थी. अब ऐसे में ट्रंप को यहां से और अच्छा रेस्पॉन्स मिल सकता है.

