RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में मंदिर-मस्जिद को लेकर बयान दिया. इसका कुछ हिंदू संगठनों और साधु संतों ने विरोध किया था.
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Mohan Bhagwat Statement: आरएसएस के मुखपत्र पाञ्चजन्य ने अपने एक संपादकीय में मोहन भागवत के हालिया मंदिर-मस्जिद बयान को सही ठहराया है. इसको लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के धर्मशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष और मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती जाहिद अली खान का बयान सामने आया है.
हिंदू धर्म और हमारे देश के हित में है भागवत का बयान
मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती जाहिद अली खान ने कहा कि मोहन भागवत का बयान हिंदू धर्म और हमारे देश के हित में है और एक देश से सच्ची मोहब्बत करने की दलील भी है. इसलिए क्योंकि इसे एक तमाशा और खेल बना दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि जिस चीज के लिए मोहन भागवत ने कहा था, उनकी राय थी. हमें उससे इत्तेफाक तो नहीं है कि राम मंदिर जो है वह एक एक्सेप्शनल केस था ऐसा आगे और नहीं होगा. वह हमने कर लिया. अब इसके बाद नहीं होगा. यह उस वादे के मुताबिक है.
मुफ्ती जाहिद अली ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के धर्मशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष मुफ्ती जाहिद अली खान ने कहा, “शरीफ इंसान जो वादा करता है, वह निभाता है. मैं उनके इस बयान की तारीफ करता हूं और उनको कद्र की निगाह से देखता हूं.” उन्होंने कहा, “यह हमारे पुरजोश किस्म के लोग हैं, जिनको देश की, हिंदू धर्म, समाज या आजादी की परवाह नहीं है. वह देश को गुलामी से बचाना या उसे गुलामी में डालने के बारे में नहीं सोचते हैं. उन्हें यह सोचना चाहिए कि यह हरकत देश में फूट डाल देगी. इसका नतीजा आपसी भेदभाव होगा.”
मुफ्ती जाहिद अली खान ने कहा, “दिल टूटेंगे तो आपस में मन मुटाव होगा. लड़ाई झगड़े होंगे और देश की आजादी को खतरा पैदा होगा. हुकूमत में बैठे कुछ लोग हैं जो इस तरह की चीजों को इसलिए हवा दे रहे हैं कि वह इस मुल्क के लोगों की या शरीअत को लूटना चाहते हैं.”

