जांच के नाम पर खानापूर्ति, ड्राईफ्रूट्स के बिल में सचिव ने चुकाई घर के किराने की उधारी
Source : DB News Update
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP News, Shahdol : जल गंगा संवर्धन अभियान में 25 मई को जन चौपाल कार्यक्रम के नाम पर सचिव द्वारा की गई बिलों के फर्जीवाड़े में नया मामला सामने आया. शहडोल जिले के ग्राम भदवाही के सचिव ललन बैगा ने भर्री गांव के जिस गोविंद गुप्ता किराना स्टोर का 5-5 किलो काजू व बादाम और 3 किलो किशमिश सहित नमकीन, शक्कर दूध मिलाकर 19 हजार 10 रूपए का बिल लगाया. उस दुकानदार के खाते में पैसे तो ट्रांसफर हुए पर दुकानदार ने बिल को ही अपना बताने से इंकार कर दिया. इस बीच यह भी पता चला कि दुकानदार के खाते में पैसे आए तो सचिव ने घर के किराने की उधारी चुका दी. बिलों के फर्जीवाड़े में जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है. जिला पंचायत के प्रभारी सीइओ मुद्रिका सिंह से लेकर गोहपारु जनपद के सीइओ वेदमणि मिश्रा द्वारा ने खंड पंचायत अधिकारी को जांच के निर्देश दिए पर जांच रिपोर्ट पर पांच दिन में कार्रवाई नहीं हुई.
ये हैं बिलों के फर्जीवाड़े के मामले
केस नंबर-1.
ब्यौहारी के सकंदी हाईस्कूल में भवन मरम्मत के नाम पर 4 लीटर आयल पेंट 784 रूपए खरीदी के बाद यहां 6 सौ रूपए प्रतिदिन की दर पर मिस्त्री और 4 सौ रूपए की दर पर मजदूर लगाने का मामला भी चर्चाओं में रहा. इस मामले में निपनिया हायर सेकेंडरी स्कूल में गड़बड़ी पर कार्रवाई कलेक्टर द्वारा प्राचार्य और डीइओ को नोटिस जारी करने तक सीमित है.
केस नंबर-2.
शहडोल जिले के ही ग्राम पंचायत टेटका स्थित कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय में एक लाख 840 रूपए के ड्राईफ्रूट्स छात्राओं के लिए 40 किलो छुहारा, 50 किलो काजू और 30 किलो बादाम खरीदी दर्शा दी गई. मामले की जांच के लिए बीआरसी को भेजा गया पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई.
मेहमान नवाजी में खर्च हुए 19 हजार रुपए
सरपंच और सचिव ने मेहमानों के लिए 5 किलो काजू, 5 किलो बादाम, 3 किलो किशमिश, 30 किलो नमकीन, 20 बिस्कुट के पैकेट, 6 किलो दूध और 5 किलो शक्कर की खरीदी की. इस मेहमान नवाजी पर कुल 19,010 रुपये खर्च हुए। यह मामले सामने आते ही हड़कंप मच गया है. एक तरफ गांव के कुएं, तालाब और नाले सूखे पड़े हैं. वहीं, दूसरी ओर अधिकारियों की मेज पर काजू-बादाम की बारिश हो रही है.
इस पूरे मामले पर जिला पंचायत प्रभारी CEO मुद्रिका सिंह ने कहा कि जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन हुआ था. उसमें हम लोग भी थे, ग्रामीण जन भी थे, जिससे चाय नाश्ते के खाने की व्यवस्था तो की गई थी, लेकिन काजू बादाम, किशमिश का इस तरह के बिल लगे है, उसका मामला संज्ञान में आया है. मामले को दिखवाते है.
जल बचाने के चक्कर में अधिकारी खा रहे मेवा
बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की है. जिसको लेकर अधिकारी हर गांव और जिले में बैठक कर रहे हैं, जब अधिकारी ग्राम पंचायत भदवाही में पहुंचे तो चाय-बिस्कुट से बढ़कर काजू-बादाम और किशमिश से स्वागत किया गया.
क्या है जल संवर्धन अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर जिले में भी गांव-गांव में जल गंगा संवर्धन अभियान समाज और सरकार के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. अभियान के जरिए यहां पुरानी जल संरचनाओं कुआ, तालाब, बावड़ियों, जल स्त्रोतों, गांव में बहने वाली नदियों और नालों की साफ-सफाई का काम किया गया है. हाल ही में सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अभियान से जुड़ी जानकारी भी दी थी.
गांव वालों को ड्राईफ्रूट की जगह मिला खिचड़ा
गोहपारू जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत भदवाही में जल चौपाल का आयोजन किया गया. इसमें अधिकारी पहुंचे भी थे, लेकिन जनपद से जुड़े जानकारों की मानें तो जल चौपाल में खिचड़ा, पूड़ी सहित सब्जी बनी थी, लेकिन काजू-बादाम सहित अन्य सामग्री नजर नहीं आई. ग्राम पंचायत में चर्चा है कि अधिकारियों के आने पर उनके गाड़ियों में यह सामान रखवाया गया होगा, इसलिए ईमानदार सचिव ने इतनी मात्रा में किराना सामान खरीदा होगा.
फर्जी बिलों का सफर सिर्फ ड्राईफ्रूट और चाय में आकर नहीं थमा, बल्कि पंचायती राज चलाने वालों ने अफसरों और ग्रामीणों को खिलाने के लिए पूरी और साग की भी व्यवस्था की थी. पंचायत सरपंच और सचिव ने मिलकर इसमें भी जाकर भ्रष्टाचार किया. सुरेश तिवारी टी स्टॉल चुहीरी और नारायण टी स्टॉल चुहीरी से पूरी सब्जी के पैकेट खरीदे गए और गोविंद किराना स्टोर से उसे बनाने वाला सामान भी खरीद लिया.
जनप्रतिनिधियों ने भी जताई नाराजगी
बिलों के फर्जीवाड़े और दोषियों पर कार्रवाई में प्रशासन के उदासीन रवैये को लेकर सांसद हिमाद्री सिंह और ब्यौहारी विधायक शरद कोल ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

