Makar Sankranti 2025 Bhog: मकर संक्रांति पर खिचड़ी का विशेष महत्व है. इस दिन किन देवताओं को खिचड़ी का भोग लगाना चाहिए
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं. मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं, ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पिता सूर्य पुत्र शनि के घर में प्रवेश करते हैं.
मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, खिचड़ी आदि का भोग लगाया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं किन देवी-देवताओं को इस दिन खिचड़ी का भोग लगाना चाहिए. इसका क्या महत्व है?
मकर संक्रांति पर खिचड़ी भोग का महत्व
मकर संक्रांति पर खिचड़ी के उपयोग से नवग्रह की कृपा प्राप्त होती है साथ ही आरोग्य का वरदान मिलता है. शास्त्रों में बताया है कि खिचड़ी में मिलाए जाने वाले पदार्थ नवग्रहों से जुड़े होते हैं.
किन देवी-देवताओं को लगता है खिचड़ी का भोग
सूर्यदेव को सौरमंडल का केंद्र माना जाता है और उन्हें सभी ग्रहों का अधिपति भी कहा जाता है. सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता है, सूर्य की कृपा से व्यक्ति स्वस्थ रहता है. मान्यता है कि मकर संक्रांति पर सूर्यदेव को खिचड़ी का भोग लगाने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
शनि देव को लगाए
शनि कर्मफलदाता है. मकर संक्रांति पर शनि देव को खिचड़ी का विशेष भोग लगाया जाता है. शनि देव के लिए काली उड़द की दाल की खिचड़ी बनाएं. इसमें थोड़ा काला तिल भी डाल सकते हैं. काले तिल के प्रयोग से शनि संबंधी दोष समाप्त होते हैं.
खिचड़ी का नवग्रहों से संबंध
खिचड़ी के चावल से चंद्रमा और शुक्र की शांति का महत्व है. काली दाल से शनि, राहू और केतु का महत्व है, हल्दी से बृहस्पति का संबंध है और हरी सब्जियों से से बुध का संबंध है. वहीं जब खिचड़ी पकती है तो उसकी गर्माहट का संबंध मंगल और सूर्य देव से है.
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