सोशल मीडिया एक्स पर राहुल गांधी ने एक पोस्ट डालकर मचाया हड़कंप, केंद्र सरकार पर विपक्ष जमकर हमलावर है। इस बीच रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है।
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
NEET News: नई दिल्ली। देश में बीत कुछ दिनों से नीट-यूजी 2024 परीक्षा में पेपर लीक मामले को लेकर बवाल मच रहा है। इसे लेकर केंद्र सरकार पर विपक्ष जमकर हमलावर है। इस बीच रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि जिस भी राज्य में भाजपा सरकार है। वो राज्य पेपर लीक का एपिसेंटर बन गया है।
राहुल गांधी ने किया एक्स पर ट्वीट
इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, “NEET परीक्षा में 24 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ पर भी नरेंद्र मोदी हमेशा की तरह मौन धारण किए हुए हैं।” राहुल ने आगे लिखा, “बिहार, गुजरात और हरियाणा में हुई गिरफ्तारियों से साफ है कि परीक्षा में योजनाबद्ध तरीके से संगठित भ्रष्टाचार हुआ है और ये भाजपा शासित राज्य पेपर लीक का एपिसेंटर बन चुके हैं।” कांग्रेस नेता ने लिखा, “हमारे न्यायपत्र में पेपर लीक के विरुद्ध सख्त कानून बना कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने की हमने गारंटी दी थी। विपक्ष की ज़िम्मेदारी निभाते हुए हम देश भर के युवाओं की आवाज़ सड़क से संसद तक मज़बूती से उठा कर और सरकार पर दबाव डाल कर ऐसी कठोर नीतियों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
सरकार पर दबाव डाल रही है
उन्होंने कहा कि हम सरकार पर दबाव डालकर कठोर नीतियों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। कांग्रेस ने नीट को लेकर स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच की मांग की है। कांग्रेस ने उदाहरण देते हुए कहा कि इस वर्ष नीट में 600 अंक पाने वाले उम्मीदवारों की संख्या 80,468 है। जबकि, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में केवल 55,000 सीटें हैं, ऐसे में ये छात्र सरकारी कॉलेजों में कैसे दाखिला पा सकते हैं।
पीएम की चुप्पी साधे हुए हैं
नीट में 24 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ पर भी नरेंद्र मोदी हमेशा की तरह मौन धारण किए हुए हैं। हमने अपने न्यायपत्र में पेपर लीक के विरुद्ध सख्त कानून बनाकर युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने की गारंटी दी थी। अब विपक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए देशभर के युवाओं की आवाज सड़क से संसद तक मजबूती से उठाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने भी की है सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा के आयोजन में किसी की तरफ से ‘0.001 प्रतिशत लापरवाही’ भी हुई हो, तब भी उससे पूरी तरह से निपटा जाना चाहिए, जिसके बाद राहुल गांधी की यह टिप्पणी आई है. न्यायालय ने कहा कि छात्रों को इन परीक्षाओं की तैयारी करते समय कठोर परिश्रम करना पड़ता है. शीर्ष अदालत ने कहा कि नीट-यूजी, 2024 से संबंधित मुकदमे को विरोधात्मक नहीं माना जाना चाहिए.
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की अवकाश पीठ ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से पेश हुए अधिवक्ताओं से कहा, ‘‘अगर किसी की ओर से 0.001 प्रतिशत भी लापरवाही हुई है तो उससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए.” पीठ गत पांच मई को हुई परीक्षा में छात्रों को कृपांक दिए जाने समेत अन्य शिकायतों से संबंधित दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.
सत्ताधारी डीएमके पार्टी पहले से ही नीट परीक्षा का कड़ा विरोध कर रही
तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके पार्टी पहले से ही नीट परीक्षा का कड़ा विरोध कर रही है और इसे भेदभावपूर्ण बता रही है। डीएमके का तर्क है कि ग्रामीण छात्र, जिन्हें महंगे कोचिंग केंद्रों में पढ़ने का लाभ नहीं मिलता, परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते। पार्टी ने मांग की है कि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को नीट परीक्षा से बाहर रखा जाए।

