CM DK शिवकुमार को कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और आठ बार के विधायक रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Ramalinga Reddy Resignation: कर्नाटक सरकार का नाटक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. डीके शिवकुमार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के अभी 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए हैं और विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान शुरू हो गई है. बताया जा रहा है कि कर्नाटक कांग्रेस सरकार में खुलकर असंतोष दिखने लगा है. वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी ने आज 5 जून शुक्रवार को मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें जिस विभाग का वादा किया गया था, वह नहीं मिला, जिसके कारण उन्होंने यह फैसला लिया है.
हालांकि रामलिंगा रेड्डी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका यह कदम पार्टी विरोधी नहीं है. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में बने रहेंगे और विधानसभा में विधायक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे.
3 जून को हुआ था डीके शिवकुमार का शपथ
कर्नाटक की नई सरकार में आठ बार के विधायक और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने बुधवार (3 जून, 2026) को शाम 4.15 बजे लोक भवन में कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया भी इसी के साथ पूरी हो गई, जो पिछले सप्ताह शुरू हुई थी.
13 मंत्रियों ने ली थी शपथ
कर्नाटक की नई डीके शिवकुमार की सरकार में सीएम सहित 13 मंत्रियों ने एक साथ शपथ ली ग्रहण किया था. मंत्रियों को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने पद की शपथ दिलाई थी. कांग्रेस ने जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने का निर्णय लिया था, जबकि अन्य संभावित मंत्रियों में यतींद्र सिद्धारमैया, यू.टी. खादर, एम.बी. पाटिल, के.जे. जॉर्ज, के.एच. मुनियप्पा, सतीश जारकीहोली, रामलिंगा रेड्डी, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खर्गे, ईश्वर खंड्रे, बायराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल ने मंत्री पद की शपथ ली थी.
सिद्धारमैया ने पिछले सप्ताह ही दिया था इस्तीफा
सिद्धारमैया ने पिछले सप्ताह ही कांग्रेस हाई कमांड के निर्देशन पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिससे शिवकुमार के लिए इस प्रतिष्ठित पद को संभालने का रास्ता साफ हो गया था. लेकिन सरकार में अभी भी उठापटक जारी है, कई मंत्रियों में असंतोष झलक रहा है. मंत्री के भेजे गए इस्तीफे के बाद सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. इसका भी खुलासा हो गया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताई इस्तीफे की प्रमुख वजह
बताया जा रहा है कि विभागों के आवंटन के एक दिन बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि वह किसी व्यक्ति से नाराज नहीं हैं, लेकिन उन्हें अपने आत्मसम्मान के लिए यह फैसला लेना पड़ा. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के प्रधान सचिव को एक सहयोगी के माध्यम से भेज दिया है.
अर्बन डेवलपमेंट विभाग का किया गया था वादा
रामलिंगा रेड्डी ने दावा किया कि जब सिद्धरामैया मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्हें बेंगलुरु अर्बन डेवलपमेंट (जीबीए) विभाग देने का आश्वासन दिया गया था. उन्होंने कहा, “उस समय मैंने साफ कहा था कि मुझे मंत्री पद नहीं चाहिए. लेकिन बाद में डी.के. शिवकुमार मेरे घर आए और उन्होंने कहा कि जब उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलेगा, तब बेंगलुरु डेवलपमेंट विभाग मुझे दिया जाएगा.”
लंबे सियासी संघर्ष के बाद मिली सीएम की कुर्सी
सिद्धारमैया सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे डीके करीब 6 माह से सत्ता पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हलांकि आठ बार विधायक रहे डीके शिवकुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे. उन्हें कांग्रेस का ‘ट्रबलशूटर’ भी माना जाता है, जिन्होंने कई राजनीतिक संकटों में अहम भूमिका निभाई है.
देश के सबसे अमीर सीएम हैं शिवकुमार
बताते चलें कि डी के शिवकुमार देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं. वो 1440 करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ति के मालिक हैं. उन्हें देश के सबसे अमीर नेताओं और विधायकों में गिना जाता है. राजनीति के अलावा वो माइनिंग, रियल एस्टेट और एजुकेशन सेक्टर के एक सफल कारोबारी हैं.
एडीआर की एक रिपोर्ट के अनुसार, डीके शिवकुमार भारत के सबसे अमीर विधायक हैं. अब वे देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री भी होंगे. डीके शिवकुमार के पास 1,413 करोड़ रुपये की संपत्ति है. डीके शिवकुमार का बिजनेस एम्पायर मुख्य रूप से रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, माइनिंग (खनन) और शिक्षा क्षेत्रों में फैला हुआ है. बेंगलुरु में स्थित ग्लोबल मॉल के वे मालिक हैं, जिसकी कीमत करीब 900 करोड़ है.
वे कई प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपर्स कंपनियों में हिस्सेदारी रखते हैं. उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार वीक्रॉस डेवलेपर्स प्राइवेट लिमिटेड, कौस्तूबा प्रोजेक्ट्स और आईकॉन प्रोजेक्ट्स जैसी कंपनियों में उनके बड़े शेयर और निवेश हैं.

