राज्यसभा में गुरुवार (3 अप्रैल) को लंबी चर्चा और बहस के बाद वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को 95 वोट के मुकाबले 128 वोट से पारित कर दिया गया है.
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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Waqf Amendment Bill in Rajya Sabha : वक्फ संशोधन बिल गुरुवार देर रात राज्यसभा में भी पास हो गया. इस बिल पर 13 घंटे तक बहस चलती रही. बिल के समर्थन में 128 सांसदों ने वोट दिया और विरोध में 95 वोट दिया. इससे पहले बुधवार देर रात को वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास हुआ था. लोकसभा में बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े थे और विरोध में 232 वोट मिले थे. इस विधेयक के बारे में सरकार ने दावा किया कि इसके कारण देश के गरीब और पसमांदा मुसलमानों के साथ इस समुदाय की महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने में काफी मदद मिलेगी.
इसी के साथ संसद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 को मंजूरी प्रदान कर दी. लोकसभा ने बुधवार (2 अप्रैल) की देर रात करीब दो बजे इसे पारित किया था. वहीं, उच्च सदन ने विपक्ष की ओर से लाए गए कई संशोधनों को खारिज कर दिया.
नड्डा बोले- ये नेशनल इंट्रेस्ट का विषय
राज्यसभा में पार्टी लीडर जेपी नड्डा ने वक्फ बिल पर विपक्ष के रुख को लेकर निशाना साधा. नड्डा ने कहा- हमने कांग्रेस नेतृत्व वाली UPA सरकार की तुलना में वक्फ बिल को लेकर कहीं ज्यादा गंभीरता दिखाई. यह बिल पार्टी इंट्रेस्ट का नहीं है, यह नेशनल इंट्रेस्ट का विषय है। विषय को डिरेल नहीं करना चाहिए.
इसके बाद यह बन जाएगा कानून
इसके साथ ही, दोनों सदनों ने 1995 के वक्फ विधेयक में संशोधन और 1923 के मुसलमान वक्फ अधिनियम को निरस्त करने का रास्ता साफ कर दिया है. अगली कार्रवाई विधेयक के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा.
जल्द ही विधेयक को भेजा जाएगा राष्ट्रपति के पास
विधेयक को जल्द ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पास भेजा जाएगा और उनकी मंजूरी से वक्फ संपत्तियों को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानूनों में संशोधन का रास्ता साफ हो जाएगा. एनडीए सरकार, वक्फ संशोधन विधेयक को मोदी 3.0 के पहले वर्ष में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर के रूप में पेश कर रही है. अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद इसे कार्यान्वयन के लिए अधिसूचित करने की उम्मीद है.
बीजू जनता दल का रुख रहा दिलचस्प
दिलचस्प बात यह है कि कल रात राज्यसभा में मतदान के प्रमुख आकर्षणों में से एक इस विधेयक पर बीजू जनता दल (बीजेडी) का रुख था. एनडीए और इंडिया ब्लॉक के आंकड़ों के अनुसार, बिल के राज्यसभा में पारित होने की उम्मीद थी, लेकिन लोकसभा की तुलना में कम अंतर से. एनडीए को 123 सांसदों का समर्थन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अंत में 128 वोट मिले, जबकि इंडिया ब्लॉक के पक्ष में 95 वोट पड़े (जबकि अपेक्षित आंकड़ा 98 था).
बिल को पारित करने के लिए थी कुल 119 वोटों की आवश्यकता
मतदान से कुछ घंटे पहले, नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजेडी ने अपने 7 सांसदों से कहा कि वे व्हिप से बंधे नहीं होंगे और वे जिस पक्ष को चाहें वोट दे सकते हैं. बीजेडी के कुछ सांसदों ने एनडीए के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की, जिससे पहले की अपेक्षा एनडीए के पक्ष में वोटिंग में बढ़ोतरी हुई. बिल को पारित करने के लिए कुल 119 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन भाजपा के कुशल फ्लोर मैनेजमेंट ने उसे 128 वोट हासिल करने में मदद की.
कांग्रेस ने कहा है कि वह वक्फ कानून की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी
इस बीच, कांग्रेस ने कहा है कि वह वक्फ कानून की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस बहुत जल्द वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी.” यहां हम बता दें कि इस विधेयक को इससे पहले लोकसभा ने करीब 12 घंटे की बहस के बाद मंजूरी दी थी, जिसमें 288 मत पक्ष में और 232 मत विपक्ष में पड़े थे. वहीं वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों के प्रावधान को लेकर रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य एन.के. प्रेमचंद्रन द्वारा प्रस्तुत एक संशोधन पर भी मत विभाजन हुआ. उनका संशोधन 231 के मुकाबले 288 मतों से अस्वीकृत हो गया.

