MPRDC के जिम्मे है जबलपुर के नर्मदा घाट का सौन्दर्यीकरण का कार्य, एमपी का एक बड़ा प्रोजेक्ट भोपाल में लंबे समय से अटका है.
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Narmada lok In MP Jabalpur: नर्मदा किनारे भेड़ाघाट से भटौली गौरीघाट तक “नर्मदा लोक’ नाम का प्रोजेक्ट लॉन्च होने जा रहा है. इस प्रोजेक्ट को एमपीआरडीसी (मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) फाइनल टच देगा. जबलपुर स्तर पर इस प्रोजेक्ट को लेकर किसी प्रकार की सुगबुगाहट देखने और सुनने को नहीं मिल रही है. लेकिन इस प्रोजेक्ट को लेकर लंबे समय से कवायद की जा रही है. एमपी जबलपुर के नर्मदा के घाटों का सर्वे कर लिया गया है. लेकिन बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की चर्चा इस प्रोजेक्ट को लेकर नहीं है. गुपचुप तरीके से भोपाल स्तर पर डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है.
नर्मदा तट के कई मठ-मंदिर होंगे प्रभावित
सूत्रों से पता चला है कि नर्मदा लोक प्रोजेक्ट लॉन्च होने से इसकी जद में कई मठ-मंदिर आएंगे. स्थानीय रहवास पर भी असर पड़ेगा. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह प्रोजेक्ट भी सैटेलाइट इमेज के माध्यम से तैयार किया जा रहा है और जल्द इसे लॉन्च कर दिया जाएगा.
17 घाटों का किया जाना है विकास
जबलपुर में नर्मदा नदी के किनारे जिस कॉरिडोर की परिकल्पना की जा रही है. उसके अंतर्गत 17 घाटों का विकास किया जाएगा. इसके अलावा वाटर एक्टिविटीज, और अन्य सुविधाएं प्रोजेक्ट में शामिल की जानी हैं. जिससे जबलपुर को एक नया प्रमुख पर्यटन स्थल मिल सके. लेकिन इस प्रोजेक्ट को लॉन्च करने में लेटलतीफी हो रही है. आए दिन यह प्रोजेक्ट टल रहा है.
नाम बदल रहे, काम कब शुरू होगा पता नहीं
मास्टर प्लान 2021 में नर्मदा के किनारे प्रस्तावित रोड को बनाने के लिए नर्मदा लोक एक नया नाम उभरकर सामने आया है. इससे पहले नर्मदा समृद्धि कॉरीडोर, नर्मदा कॉरिडोर, नर्मदा पथ आदि के नाम से विगत 10-15 वर्षों से इस सड़क को बनाने के लिए नए-नए प्रोजेक्ट तैयार किए गए. कन्सल्टेंट कंपनियां इस प्रोजेक्ट में कई बार बदलाव किया. अधिकारियों ने इसे अलग-अलग नामें से लांच किया. अब एक बार फिर डीपीआर को लेकर बात आगे नहीं बढ़ पा रही है. न जाने कब नर्मदा लोक के नाम का यह नया प्रोजेक्ट लॉन्च किया जाएगा.
नर्मदा लोक बनने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नर्मदा नदी के किनारे प्रस्तावित गलियारा तैयार करने का प्रमुख उद्देश्य जबलपुर को पर्यटन से जोड़ना है. इसी दिशा में इसका विकास किया जाना है. इसी के चलते नर्मदा नदी के किनारे स्थित धार्मिक, सांस्कृतिक व प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर नया स्वरूप देने की परिकल्पना है, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी संभावना है.
क्या है प्रमुख उद्देश्य
- > पर्यटन को बढ़ावा देना.
- > क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना.
- > स्थानीय स्तर पर बनें धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों का विकास करना.
- > देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित करना.
- > बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर पैदा करना.
नर्मदा लोक के अंतर्गत किए जाने वाले काम
- > नर्मदा नदी के किनारे भव्य-दिव्य घाटों का विकास.
- > वाटर एक्टिविटीज से संबंधित विकास.
- > नदी के किनारे पर्यटन स्थलों का विकास.
- > होटल, रिसॉर्ट, और रेस्टोरेंट का निर्माण.
- > सुगम आवागमन के लिए परिवहन की व्यवस्था.
- > नर्मदा वाटिका का विकास.

