MP के जबलपुर में जल्द लग्जरी बस में सफर करते नजर आएंगे यात्री, सब स्टेशन और सिविल वर्क कराने की हो रही तैयारी
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
PM E-Bus Service Scheme: एमपी के जबलपुर जल्द ही 100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होगा. इसकी तैयारी नगर निगम और जेसीटीएसएल ने शुरू कर दी है. इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग स्टेशन बनाने को लेकर केन्द्र सरकार से मंजूरी मिल गई है. नगर निगम जबलपुर ने ई-बसों के स्टॉपेज और चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए जगह चिन्हित कर ली है. इसके लिए 25 करोड़ रुपए की राशि भी आवंटित की जा चुकी है. इस राशि से इलेक्ट्रिक सप्लाई सहित सब स्टेशन तैयार किया जाएगा और सिविल वर्क भी कराया जाएगा. इन दोनों कामों के लिए एजेंसी नियुक्त करना बाकी है. ये कार्य कौन सी एजेंसी कराएगी, इसका निर्धारण होना बाकी है, लेकिन ई-बसों का ठहराव कठौंदा में होगा, यह निश्चित हो चुका है. इसके लिए 5 एकड़ जमीन भी चिह्नित कर ली गई है. इसी चिह्नित जमीन पर नगर निगम, जेसीटीएसएल और ग्रीन सेल मोबिलिटी कंपनी संयुक्त रूप से काम करेंगी.
पर्यावरण की दृष्टि से लिया गया निर्णय
इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन का प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित रखना है. इसी के चलते एमपी में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 लाई गई है. इसी के चलते इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने परिवहन कर में छूट और अनुदान देने की व्यवस्था की है. शहर में सार्वजनिक परिवहन सेवा के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बस सेवा को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
इन शहरों मे चलेंगी 582 इलेक्ट्रिक बसें
ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 6 शहरों में 582 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन किया जाएगा. इसके लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर में 100, इंदौर में 150, भोपाल में 100, ग्वालियर में 100, सागर में 32 और उज्जैन में 100 इलेक्ट्रिक बस चलाने का प्लान है. इस प्रोजेक्ट को केन्द्र सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है. ई-बस चलाने के लिए ग्रीन सेल मोबिलिटी कंपनी को भी चुन लिया गया है.
इन सुविधाओं से लैस रहेंगी ई-बस
पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत कठौंदा में बस स्टैण्ड तैयार किया जाएगा, जहां बस के ठहराव की व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए सिविल वर्क कराया जाएगा. मल्टीमॉडल इंटरचेंज सुविधाएं, एनसीएमसी-आधारित स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली, चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जाएगा. चार्जिंग स्टेशन ग्रीन सेल मोबिलिटी कंपनी द्वारा तैयार किया जाएगा.
केंद्र और राज्य से ई-बस चलाने के लिए मिल रही मदद
पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार और बाकी 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है. इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग अधोसंरचना निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 100 प्रतिशत राशि प्रदान की जा रही है. नगरीय निकायों द्वारा बस डिपो एवं चार्जिंग स्टेशन निर्माण के प्राक्कलन तैयार किए गए थे, जिसे केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने जबलपुर में इलेक्ट्रिक बसों के डिपो तैयार करने की परमीशन दे दी है.
क्या फायदा होगा
- > पीएम-ई-बस सेवा सार्वजनिक परिवहन प्रणाली मजबूत होगी.
- > इस योजना के अंतर्गत 10 वर्ष तक ई-बस का संचालन होगा.
- > ई-बसों के चार्जिंग स्टेशन आने वाले समय में सूर्य से उत्सर्जित बिजली से संचालित होने लगेंगे.
- > ई-बसें शहर के उस छोर तक पहुंचेंगी, जहां कोई सुव्यवस्थित बस सेवा उपलब्ध नहीं है.
- > ई-बसें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित की जाएंगी.
- > ई-बसों के लिए बिहाइंड द मीटर विद्युत इन्फ्रास्ट्रक्चर (सब स्टेशन आदि) का निर्माण होगा.
- > ग्रीन अर्बन मोबिलिटी के तहत जबलपुर को ई-बस का संचालन करने के लिए चुना गया है.

