सावन आते ही भक्त भगवान शिव की जोर-शोर से पूजा-पाठ तो करते हैं, लेकिन भगवान शंकर को प्रिय भोग और पूजा पद्धति से अनजान रहते हैं.
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Sawan Recipe 2025 : भगवान भोलेनाथ का प्रिय मास सावन में पूजा-पाठ करने वालों की शिवालय में बड़ी भीड़ देखने को मिल रही है. लेकिन बहुत से श्रद्धालुओं को इस बात की जानकारी ही नहीं होगी कि इस दौरान भगवान शिव को पंचामृत भी अत्यंत प्रिय है. जबकि पंचामृत से शिवलिंग का स्नान कराने से भक्तों को मनचाहे फल की प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं घर आए मेहमानों को भी पंचामृत का सेवन कराने का विधान है. भगवान भोले शंकर के व्रत रखने वालों को भी स्वयं इसका सेवन करना चाहिए.
स्वादिष्ट बनाएं पंचामृत
सावन माह में एकदम स्वादिष्ट और शुद्ध पंचामृत बनाना चाहते हैं तो यह आसान विधि जरूर अपनाएं. पंचामृत एक ऐसा पवित्र प्रसाद है जिसे खासतौर पर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में भगवान को अर्पित किया जाता है. इसमें पांच पवित्र सामग्री होती हैं जो मिलकर न केवल स्वादिष्ट बनती है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती हैं तो आइए जानते हैं घर पर कैसे बनाएं टेस्टी पंचामृत.
सामग्री
- दूध – 2 कप
- दही – आधा कप
- शहद – 2 चम्मच
- घी – 2 चम्मच
- शक्कर – 3 चम्मच
- तुलसी के पत्ते – 10 से 12
बनाने की विधि
पंचामृत बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ बर्तन में सभी सामग्री को एक-एक करके डालें. इसके बाद इन्हें अच्छे से मिलाएं ताकि सब सामग्री एकसार हो जाएं. अंत में तुलसी के पत्ते डालें. तैयार पंचामृत को पूजा में भगवान को अर्पित करें और फिर प्रसाद रूप में सभी को बांटें.
पंचामृत के फायदे
- शारीरिक ऊर्जा बढ़ाता है इसमें मौजूद दूध, दही और शहद शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं.
- पाचन में सहायक दही और शहद मिलाकर पाचन क्रिया को सुधारते हैं.
- मानसिक शांति पंचामृत का सेवन मानसिक शांति और संतुलन देता है.
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
पंचामृत सिर्फ एक धार्मिक प्रसाद नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसमें दूध, दही, घी, शहद और शक्कर जैसी पांच शुद्ध चीजें होती हैं जो शरीर को पोषण देने का काम करती हैं. यह शरीर में ऊर्जा बढ़ाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है. अगर आप रोजाना इसका थोड़ी मात्रा में सेवन करते हैं तो यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. इसके साथ ही यह मन को शांति देता है और पूजा-पाठ में सकारात्मक ऊर्जा लाता है. भगवान को पंचामृत अर्पित करने से वातावरण शुद्ध होता है और भक्त के मन में भक्ति भाव बढ़ता है.


