जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग मिलने के बाद देश के विभिन्न प्रांतों और विदेश तक मटर की सप्लाई हो रही है.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Jabalpur matar mandi bhav: मध्य प्रदेश जबलपुर जिले की कृषि उपज मंडी में मटर की आवक शुरू हो गई है. आज 16 नवंबर रविवार को देश भर में प्रसिद्ध जबलपुर के मटर का भाव 95 रुपये प्रति किलो रहा. मटर की आवक कम होने के कारण हरे मटर के अच्छे दाम मिल रहे हैं. लेकिन जैसे-जैसे मटर की आवक तेज हो जाएगी. किसानों को मुनाफा कम होने लगेगा. क्योंकि जबलपुर के आसपास पाटन, शहपुरा क्षेत्र में मटर की पैदावार सबसे ज्यादा होती है और जब किसान अपने खेत का मटर तोड़कर बड़ी संख्या में किसान आने लगते हैं तो उन्हें वर्तमान के भाव नहीं मिल पाते हैं. लेकिन जिन किसानों ने अभी से मटर मंडी पहुंचाना प्रारंभ कर दिया है, उन्हें मटर के भाव अच्छे मिल रहे हैं.
नए मटर की मांग ज्यादा
अब शादी का सीजन आ रहा है, जिसके कारण मटर की मांग ज्यादा बढ़ जाती है. जबलपुर के मटर की मांग न केवल मध्य प्रदेश में है, बल्कि देश-विदेश में भी सप्लाई है. मंडी से दूसरे प्रदेशों में व्यापारी सप्लाई करते हैं. जिसके कारण आने वाले समय में मटर के दाम अच्छे मिलने के संकेत मिल रहे हैं.
10 क्विंटल में 9500 का मुनाफा
कृषि उपज मंडी मटर की पहली खेप पहुंचाने वाले किसान रामसिंह की मानें तो 10 क्विंटल हरा मटर तोड़कर मंडी पहुंचाने पर 9500 रुपये मिले हैं. यदि यही रेट बने रहे तो मटर की किसानी करने वाले किसानों को अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है. रामसिंह की मानें तो मटर के 60 किलो पैकिंग वाले 34 बोरे लाए थे, मटर 95 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका, जिससे उन्हें 9500 रुपये की आमदनी हुई.
जल्द रेट डाउन होने की आशंका
मटर की आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है और रेट डाउन हो रहे हैं। जिससे किसानों को बहुत कम मुनाफा मिलेगा. लेकिन वर्तमान रेट लंबे समय तक बने रहे तो किसानों को अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है.
एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत प्रमोट किया जा रहा मटर
मध्यप्रदेश शासन ने किसानों के उत्पादन को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने हेतु एक जिला एक उत्पाद योजना प्रारंभ की है. इसके तहत जबलपुर जिले के लिए मटर फसल का चयन किया गया है. इसी योजना के तहत राष्ट्रीय बीज निगम एवं कृषि विभाग द्वारा एक कार्यशाला आयोजित की गई. जिसके माध्यम से मटर को प्रमोट किया जा रहा है.
जबलपुर में मटर की बोनी सितंबर माह से प्रारंभ होकर जनवरी तक
राष्ट्रीय बीज निगम भोपाल के द्वारा जबलपुर के मटर को देश भर में पहचान देने के लिए नई-नई योजनाएं चलाता रहता है. 2021 में निगम प्रबंधक के द्वारा मटर की उन्नत व उत्कृष्ट बीजों की उपलब्धता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जबलपुर में मटर की बोनी सितंबर माह से प्रारंभ होकर जनवरी माह तक होती है. प्रारंभ में जो बोनी होती है, जिसकी 1 तुडा़ई से ही फसल ली जाती है, इसके लिए काशी नंदिनी किस्म के बीजों की मांग रहती है, जोकि कम अवधि में अच्छी फल्ली देती है. अक्टूबर माह में जो बोनी होती है, उसमें मटर की पीएसएम, सी 10 व जीएस 10 नामक किस्मों की बोनी की जाती है. इन किस्मों की मटर की फली आकार में बड़ी 9 से 10 दिनों की होती है एवं यह बहुत दिनों तक हरापन लिए रहती है जो कि बाहर के बाजार में बेचने के लिए उपयुक्त होती है.
किसानों द्वारा स्वयं किया जाता है बीज उत्पादन
जबलपुर जिले के किसान भारत के भिन्न-भिन्न कृषि विश्वविद्यालय व कृषि अनुसंधान केंद्रों से मटर के ब्रीडर सीड लाकर अपना स्वयं बीज उत्पादन का काम भी करते हैं. बीज उत्पादन करने के बाद सालभर उस बीज को अपने पास रखते हैं और समय आने पर मटर के उसी बीज को अपने खेत में बोवनी करते हैं. मटर की आवक जल्दी आए और मार्केट में मटर के रेट ज्यादा से ज्यादा मिल सकें. इसको लेकर किसान सबसे ज्यादा चिंतित रहते हैं. इस कारण मटर की तोड़ाई जनवरी के पहले ही शुरू कर देते हैं. हलांकि मटर की क्वालिटी उस समय ठीक नहीं रहती है. लेकिन मार्केट में मटर की मांग को देखते हुए किसान सबसे पहले मटर मार्केट में लाने के लिए प्रयासरत रहते हैं.

