दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो भूकंप में 10 हजार तक पहुंच सकता है आंकड़ा, मलबे के नीचे से आवाजें आ रहीं हैं. कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड्रिग्ज से बात कर मदद की पेशकश की है.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Venezuela Earthquake News: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार यानी 25 जून 2026 को भूकंप के 2 झटके आए हैं, जिसमें अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है. जबकि 4300 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मलबे के अंदर से आवाजें अभी भी आ रहीं हैं. सरकार ने देर रात बताया कि 39000 से ज्यादा लोग लापता हैं. भूकंप की भयावह की असली तस्वीर अभी आना बाकी है. अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है. वहीं, एक लाख से ज्यादा लोगों के जान गंवाने की आशंका जताई जा रही है. क्योंकि सन् 1821 के काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था. इसलिए ज्यादातर लोग घर पर ही थे और फीफा वर्ल्ड कप मैच देख रहे थे. इससे मलबे में दबने वालों की संख्या ज्यादा होने की आशंका है.
इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पर 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड्रिग्ज से बात कर मदद की पेशकश की है.
अमेरिका ने वेनेजुएला में मदद भेजी
मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार अमेरिका ने वेनेजुएला में शुरुआती मदद भेज दी है. ये सहायता अमेरिकी सदर्न कमांड ने भेजी है. अमेरिकी सदर्न कमांड दक्षिण अमेरिका और कैरिबियाई देशों की जिम्मेदारी संभालती है. सदर्न कमांड ने बताया, ‘ट्रांसपोर्ट शिप यूएसएस फोर्ट लॉडरडेल और लड़ाकू जहाज यूएसएस बिलिंग्स के जरिए मदद भेजी गई है.’ साथ ही अमेरिका, वेनेजुएला में रेस्क्यू टीमें, मेडिकल और मानवीय सहायता भी पहुंचा रहा है.
वेनेजुएलाई शहर ला गुआइरा में करीब 250 बिल्डिंग्स गिरीं
वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के प्रेसिडेंट जॉर्ज रोड्रिग्ज ने बताया कि ला गुआइरा में 250 इमारतों को या तो नुकसान पहुंचा या वे खत्म हो गईं. बीबीसी ने बताया कि यहां एक 10 मंजिल की इमारत मलबे में तब्दील हो गई.
घायलों की संख्या बढ़कर 4,300 पहुंची
वेनेजुएला भूकंप में घायलों की संख्या बढ़कर 4,300 से ज्यादा पहुंच गई है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तरी तटीय राज्य ला गुआइरा में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों के अस्पताल मरीजों से भर चुके हैं. इसी वजह से सरकार ने फील्ड हॉस्पिटल शुरू किए हैं, ताकि घायलों का तुरंत इलाज किया जा सके. स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. बचाव दल मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं, जबकि अस्पतालों और फील्ड हॉस्पिटल में घायलों का इलाज चल रहा है.
हमने वेनेजुएला की स्थिति संभाल ली- ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि हमने एक दिन से भी कम समय में वेनेज़ुएला की स्थिति संभाल ली. वहां से तेल आ रहा है और हमारे उनके साथ अच्छे संबंध हैं. हम उनकी मदद करेंगे. हमने वह काम कर दिखाया. इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि हम वेनेजुएला को 150 मिलियन डॉलर यानी करीब 1400 करोड़ रुपए की मदद देंगे. साथ ही अमेरिकी रक्षा मंत्रालय वेनेजुएला को एयरक्राफ्ट देगा, ताकि घायल लोगों को सहायता मिल सके.
वेनेजुएला को 35 लाख डॉलर की राहत सहायता देगा कनाडा
कनाडा ने वेनेजुएला को मानवीय सहायता के तौर पर 35 लाख डॉलर देने का ऐलान किया है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि यह मदद सबसे ज्यादा प्रभावित लोगों तक जरूरी राहत पहुंचाने के लिए दी जा रही है. इस राशि का इस्तेमाल आपातकालीन भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य जीवनरक्षक जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में भूकंप से हुई तबाही दिल तोड़ने वाली है. कनाडा इस मुश्किल समय में प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है.
वेनेजुएला में 1900 के बाद सबसे बड़ा भूकंप
वेनेजुएला या उसके आसपास के तटीय क्षेत्र में 7.5 तीव्रता वाला भूकंप पिछले 100 से अधिक साल में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है. इससे पहले वर्ष 1900 में 7.7 तीव्रता का सैन नार्सिसो भूकंप आया था. उसका केंद्र भी कैरेबियाई तट के पास था. उस भूकंप में कराकस की कई चर्च, सरकारी इमारतें और घर क्षतिग्रस्त हो गए थे. यूएसजीएस के अनुसार उसमें 21 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे. उस समय द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया था कि करीब 300 इमारतें ढह गई थीं और बड़ी संख्या में लोगों को लंबे समय तक तंबुओं में रहना पड़ा था.
वेनेजुएला में भूकंप आने की वजह
वेनेज़ुएला उस इलाके में स्थित हैं, जहां भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. यहां दो टेक्टोनिक प्लेटें हैं- कैरीबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट. यहां दोनों प्लेटें आपस में मिलती हैं. यूएसजीएस के अनुसार, दो भूकंपों में दूसरा और ज्यादा ताकतवर झटका इन प्लेटों की सीमा के पास हलचल के कारण आया. प्लेटों के बीच मौजूद फॉल्ट लाइन यानी दरारें हॉरिजॉन्टिली खिसकती हैं. जब यह खिसकना अचानक और तेज गति से होता है तो भूकंप आता है. आगे भी झटके आने की आशंका है, जिनमें कुछ झटके काफी तेज हो सकते हैं.
भूकंप क्यों आते हैं?
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है. ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं. टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं. ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है.

