बिहार मोतिहारी में विराट शिवलिंग की स्थापना में शामिल हुए CM नीतीश कुमार, 210 टन वजनी शिवलिंग के चलते देश भर में चर्चा हो रही है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
World Biggest Shivling: बिहार के मोतिहारी में विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की स्थापना हो गई, जिसमें सीएम नीतीश कुमार भी शामिल हुए. यह शिवलिंग 2 लाख किलो वजनी और 33 फीट लंबा है. इस शिवलिंग की स्थापना विराट रामायण मदिर के प्रांगण में की गई है. इसे शिवलिंग को बनाने में 10 साल का वक्त लगा है और 1008 कारीगरों का इसमें सहयोग रहा. शिवलिंग को दो भारी क्रेन की मदद से 30 फीट ऊंचे गुंबद पर सफलतापूर्वक आधे घंटे में स्थापित किया गया. इतना ही नहीं यहां रामायण मंदिर की स्थापना भी की जा रही है.
कैसा है मंदिर का स्वरूप
- यह मंदिर 120 एकड़ के प्रांगण में स्थापित किया जा रहा है.
- यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 2500 किमी और 40 दिन से ज़्यादा की यात्रा तय करके बिहार आया है.
- इसे बनाने में 10 साल का वक़्त लगा है.
- इस शिवलिंग को ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है, जिसमें 1008 छोटे शिवलिंग को उकेरा गया है.
- शिवलिंग को बनाने में 1008 कारीगरों का योगदान रहा है.
कुणाल पत्नी सहित यजमान बनें
शिवलिंग की स्थापना में मंत्रोच्चारण करने के लिए देश-विदेश से वैदिक पंडित और विद्वान शामिल हुए. उन्होंने मंत्रोच्चार के साथ शिवलिंग की स्थापना कराई और शिवलिंग स्थापना के दौरान आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सायण कुणाल और उनकी सांसद पत्नी शांभवी चौधरी यजमान की भूमिका निभाई. इस विशालकाय शिवलिंग की स्थापना महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा की गई है.
पिता के सपने को किया साकार
सायण कुणाल ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि यह मंदिर उनके पिता का सपना था, जो अब धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है. विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और साल 2030 तक यह भव्य मंदिर बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा. अयोध्या के बाद यह सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बनेगा. यहां होटल्स, एयरपोर्ट और हाईवे बनेंगे और इस पूरे इलाके का विकास तेजी से होगा.
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस मंदिर के निर्माण से न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस विशाल शिवलिंग में 108 छोटे-छोटे शिवलिंग हैं. यही कारण है कि इसे सहस्र शिवलिंगम कहा जा रहा है. मान्यता है कि इसकी पूजा करने या जलाभिषेक करने से 108 शिवलिंग के जलाभिषेक का फल प्राप्त होगा.
रामायण मंदिर भी होगा भव्य
विराट रामायण मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा. इसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे और मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, आठ शिखर की ऊंचाई 108 फीट और एक अन्य शिखर की ऊंचाई 90 फीट होगी.
आस्था का केन्द्र बनता जा रहा शिवलिंग
मोतिहारी में विराजित यह विशाल शिवलिंग न सिर्फ आकार में भव्य है, बल्कि इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता भी देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है. दक्षिण भारत से विशेष तकनीक से तैयार इस विशाल शिवलिंग को सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर बिहार लाया गया. स्थापना के दौरान पूरे क्षेत्र में वेद मंत्रों, शंखनाद और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा. यह शिवलिंग जिस भी जिले, कस्बे से गुजरा वहां के श्रद्धालुओं द्वारा पूजन कर आशिर्वाद प्राप्त किया. इस विशालकाय शिवलिंग को देखने के लिए युवाओं की टोली भी देखी गई.
रामायण मंदिर की पहचान बना
यह शिवलिंग अब विराट रामायण मंदिर की पहचान बनेगा और आने वाले समय में यह स्थल आस्था, पर्यटन और सांस्कृतिक चेतना का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. आज बिहार के मोतिहारी में केसरिया के कठौलिया गांव में बन रहे विराट रामायण मदिर के प्रांगण में दुनिया की सबसे बड़ी शिवलिंग की स्थापना की गई. यह मंदिर 120 एकड़ के प्रांगण में स्थापित किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे विराट रामायण मंदिर है. यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 2500 किमी और 40 दिन से ज़्यादा की यात्रा तय करके बिहार आया है. इसे बनाने में 10 साल का वक़्त लगा है, इस शिवलिंग को ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है, जिसमें 1008 छोटे शिवलिंग को उकेरा गया है और इसे बनाने में 1008 कारीगरों ने अपना योगदान दिया है.

