इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती और शादी-ब्याह और त्योहारों से संबंधित खरीदारी से सालाना आधार पर पांच फीसदी बढ़ोत्तरी, आभूषण विक्रेताओं व खुदरा विक्रेताओं की मजबूत मांग के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में तेजी जारी रही.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Gold Demand In India: सोने के दाम भले ही ऑलटाइम पर हो इसके बावजूद भारत में साल 2025 में सोने की डिमांड में तेजी बनी रहेगी. 2024 में देश में सोने की मांग में उछाल, इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती और शादी-ब्याह और त्योहारों से संबंधित खरीदारी से 2024 में सालाना आधार पर पांच फीसदी बढ़कर 802.8 टन रही और 2025 में सोने की डिमांड 700-800 टन के बीच रहने का अनुमान है.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी कर बताया कि देश में 2024 में सोने की मांग 802.8 टन रही, जबकि 2023 में यह 761 टन थी. सोने की मांग का कुल मूल्य 2024 में 31 प्रतिशत बढ़कर 5,15,390 करोड़ रुपये हो गया. 2023 में यह 3,92,000 करोड़ रुपये था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (भारत) सचिन जैन ने कहा, ‘‘ 2025 के लिए हमारा अनुमान है कि सोने की मांग 700-800 टन के बीच रहेगी. उम्मीद है कि शादी-ब्याह से जुड़ी खरीदारी से सोने के आभूषणों की मांग में सुधार होगा बशर्ते कीमतों में कुछ हद तक स्थिरता आए.’’ गौरतलब है कि 2024 में सोने की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाईयों तक पहुंच गई थी.
2024 में सोने की मांग काफी हद तक स्थिर रही
इस बीच, विश्व स्तर पर 2024 में सोने की मांग काफी हद तक स्थिर रही. यह 2023 की तुलना में एक प्रतिशत मामूली वृद्धि के साथ 4,974 टन रही है. इसकी मुख्य वजह उच्च कीमतें, कमजोर आर्थिक वृद्धि और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बाद आभूषणों की मांग में गिरावट है. डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व स्तर पर 2023 में कुल सोने की मांग 4,945.9 टन रही थी, जो 2024 में 4,974 टन हो गई.
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, आभूषण विक्रेताओं व खुदरा विक्रेताओं की मजबूत मांग के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में तेजी जारी रही और 85,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई. इस वर्ष सोना 6,410 रुपये या 8.07 प्रतिशत चढ़कर 85,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया जो एक जनवरी को 79,390 रुपये प्रति 10 ग्राम था.
गहनों की खरीद पर सबसे ज्यादा असर
इस साल अप्रैल से जून के बीच सोने की कुल खपत में 10% की गिरावट देखी गई. खासकर ज्वेलरी खरीद में 17% की कमी आई है. वहीं, निवेश की मांग में थोड़ी तेजी देखी गई है इसमें 7% की बढ़त रही. रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर तिमाही में भी डिमांड घटने के आसार हैं, जबकि पिछले साल इसी समय सरकारी इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती के चलते खरीदी बढ़ी थी.
इतनी तेजी से बढ़े हैं सोने के दाम
2025 की शुरुआत से अब तक देश में सोने की कीमतों में 28% का उछाल आ चुका है. जून में सोना 10 ग्राम के लिए रिकॉर्ड 1,01,078 रुपये तक पहुंच गया था. पिछले साल यानी 2024 में भी सोना 21% महंगा हुआ था.
सोने की खरीदारी से पहले कीमतों पर रखें नजर
अगर आप गोल्ड खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो जरूरी है कि कीमतों पर नजर रखें. एक्सपर्ट का मानना है कि अगर मौजूदा स्तर पर दाम स्थिर रहते हैं, तो त्योहारी सीजन में थोड़ी बहुत डिमांड लौट सकती है. लेकिन अगर कीमतें और बढ़ीं, तो आम खरीदारों के लिए सोना खरीदना और मुश्किल होता जाएगा.
ये रिपोर्ट बताती है कि कैसे लगातार बढ़ते दामों ने सोने की पारंपरिक डिमांड को कमजोर कर दिया है, लेकिन साथ ही यह भी दिखाती है कि अब सोना एक डिजिटल और इनवेस्टमेंट-फ्रेंडली प्रोडक्ट बनता जा रहा है. अगर दाम काबू में आते हैं तो आने वाले महीनों में डिमांड फिर से रफ्तार पकड़ सकती है. हालांकि सोने के लगातार बढ़ते दामों ने निवेशकों का रुझान बढ़ाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में फिजिकल गोल्ड के साथ-साथ गोल्ड ETF में निवेश करने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है.

