इस साल अक्षय नवमी की पूजा के लिए आपको 5 घंटे 25 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा. अक्षय नवमी के दिन रवि योग बन रहा है
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा
Edited By : सुप्रिया
Akshay Navami 2024 : अक्षय नवमी का पावन पर्व हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाते हैं. इस साल अक्षय नवमी के दिन रवि योग बन रहा है, पूरे दिन पंचक रहेगा. अक्षय नवमी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं. अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं, इसलिए इसे आंवला नवमी भी कहा जाता है. इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की पूजा करने और भोजन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.
अक्षय नवमी 2024 तारीख
पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि का शुभारंभ 9 नवंबर शनिवार को रात 10 बजकर 45 मिनट से हो रहा है. यह तिथि अगले दिन 10 नवंबर रविवार को रात 9 बजकर 01 मिनट पर खत्म होगी. उदयातिथि के आधार पर अक्षय नवमी यानी आंवला नवमी का पर्व 10 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा.
अक्षय नवमी के दिन शुभ मुहूर्त
इस साल अक्षय नवमी की पूजा के लिए आपको 5 घंटे 25 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा. अक्षय नवमी की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक है. अक्षय नवमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:55 ए एम से 05:47 ए एम तक है. उस दिन का शुभ मुहूर्त यानी अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक है.
रवि योग में है अक्षय नवमी
10 नवंबर को अक्षय नवमी के दिन रवि योग बन रहा है. उस दिन रवि योग सुबह 10 बजकर 59 मिनट से बन रहा है, जो अगले दिन 11 नवंबर को सुबह 6 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. नवमी को पूरे दिन ध्रुव योग है, जो देर रात 1 बजकर 42 मिनट तक है. उसके बाद से व्याघात योग है. अक्षय नवमी को धनिष्ठा नक्षत्र सुबह में 10 बजकर 59 मिनट तक है, फिर शतभिषा नक्षत्र है. पूरे दिन पंचक रहेगा.
अक्षय नवमी के दिन पूजा नियम
- अक्षय नवमी की पूजा के समय शुभ मुहूर्त में आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की पूजा करें.
- भगवान विष्णु को आंवले का भोग लगाते हैं. उसके बाद आंवले के पेड़ की जड़ में जल और कच्चा दूध चढ़ाएं.
- पेड़ पर अक्षत्, चंदन, फूल, फल आदि अर्पित करें.
- रक्षा सूत्र या कच्चा सूत पेड़ में लपेटें. इसे कम से कम 8 बार और अधिक से अधिक 108 बार लपेटना है.
- पूजा खत्म होने के बाद परिवार के साथ आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर खाना खाना चाहिए.
अक्षय नवमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ से अमृत की बूंदें टपकती हैं, जो सेहत के लिए उत्तम मानी जाती हैं. इस वजह से लोग उस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठते हैं और पूजा करते हैं. भगवान विष्णु की पूजा करने से कष्ट दूर होंगे और मनोकामनाएं पूरी होंगी.

