UP News: प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर में भव्य निषादराज पर्यटन स्थल का निर्माण किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे.
By : DB News Update| Edited By : सुप्रिया
Prayagraj News: सामाजिक समरसता के प्रतीक स्थान को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के साथ अब रूरल टूरिज्म के साथ भी जोड़ कर विकसित किया जा रहा है. एक ओर जहां योगी सरकार प्रयागराज महाकुंभ को दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान करने की तैयारी कर रही है.
वहीं दूसरी ओर प्रयागराज नगरी के साथ ही जिले में गंगा किनारे स्थित निषादराज गुह्य की राजधानी रहे श्रृंगवेरपुर धाम का भी कायाकल्प सरकार करवा रही है. श्रृंगवेरपुर धाम में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ रूरल टूरिज्म की भी संभावनाएं विकसित हो रही हैं.
क्या बोली क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह का कहना है कि श्रृंगवेरपुर धाम का कायाकल्प का कार्य समापन के चरण में है. इसके अंतर्गत यहां 3732.90 लाख की लागत से निषादराज पर्यटन पार्क स्थल का निर्माण कार्य दो फेज में किया गया है. निषादराज पार्क (फेज-1) के निर्माण हेतु 1963.01 लाख के बजट से निषादराज एवं भगवान श्री राम मिलन की मूर्ति की स्थापना व मूर्ति के पैडेस्टल का कार्य, पोडियम का कार्य, ओवरहेड टैंक, बाउण्ड्रीवाल, प्रवेश द्वार का निर्माण, गार्ड रूम आदि कार्य कराया गया.
पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण
इसी तरह श्रृंगवेरपुर धाम में निषादराज पार्क (फेज-2) के 1818.90 लाख के बजट से इस भगवान श्रीराम के निषादराज मिलन से सम्बन्धित गैलरी , चित्रांकन, ध्यान केन्द्र, केयर टेकर रूम, कैफेटेरिया, पॉथ-वे, पेयजल व टॉयलेट ब्लॉक, कियास्क, पार्किंग, लैंड स्केपिंग, हॉर्टिकल्चर,आउटर रोड, सोलर पैनल, मुक्ताकाशी मंच आदि कार्य कराए गए हैं. 6 हेक्टेयर में बनाए गए इस भव्य पार्क का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने करेंगे.
सभी स्थानों पर होगी थीमेटिक पेंटिंग
धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ श्रृंगवेरपुर धाम को ग्रामीण पर्यटन के साथ जोड़कर विकसित करने का रोड मैप तैयार किया गया है.रूरल टूरिज्म के अन्तर्गत श्रृंगवेरपुर धाम को विकसित किये जाने के लिए सबसे पहले यहां ग्रामीण क्षेत्र में होम स्टे की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.
इसके लिए यहां स्थानीय लोगों को अपने यहां मड हाउस या हट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को कुछ अलग अनुभव हो सके. इन सभी स्थानों पर थीमेटिक पेंटिंग होगी, स्थानीय खानपान और स्थानीय संस्कृति को भी यहां संरक्षित किया जाएगा.

