Narayanpur-Dantewada जिलों की सीमा पर हुई मुठभेड़ में DRG के हेड कांस्टेबल सन्नू करम की भी जान चली गई.
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Chhattisgarh Naxal Encounter : छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस मुठभेड़ में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक हेड कॉन्स्टेबल सन्नू कारम भी शहीद हो गए हैं.
अधिकारी ने बताया कि शनिवार शाम को नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कोंडागांव जिले की डीआरजी के साथ एसटीएफ के सुरक्षाकर्मियों का एक संयुक्त दल नक्सल रोधी अभियान में नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर दक्षिण अबूझमाड़ के एक जंगल में गया था, तभी मुठभेड़ शुरू हुई.
चार नक्सलियों के शव बरामद
उन्होंने बताया कि शनिवार देर रात गोलीबारी थमने के बाद घटनास्थल से चार नक्सलियों के शव और एके-47 राइफल और सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर) सहित अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं. अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में डीआरजी के हेड कांस्टेबल सन्नू करम की भी जान चली गई. उन्होंने बताया कि इलाके में तलाशी अभियान अब भी जारी है.
सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़
सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच छत्तीसगढ़ में यह साल 2025 की दूसरी मुठभेड़ है. इससे पहले छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 3 जनवरी को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. जिसमें तीन नक्सलियों को मार गिराने में सुरक्षाबलों को कामयाबी मिली थी. कुछ अन्य नक्सलियों के मारे जाने या घायल होने की भी सूचना मिली है.
अबूझमाड़ में पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में अब तक कुल 8 नक्सली मारे गए हैं और ड्यूटी के दौरान सेना का एक जवान भी शहीद हो गया है. वहीं दो जवान घायल हो गए हैं. घायल जवानों को जंगल से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. जवानों ने नक्सलियों के ठिकाने को घेर रखा है. पिछले दो दिनों में भी क्षेत्र में कई बार रुक-रुककर गोलीबारी हुई है. क्षेत्र में तलाश अभियान जारी है.
पुलिस के दो जवान घायल
बताया जा रहा है कि इसी महीने की 12 तारीख को जिले के अबुझमाड़ क्षेत्र में स्थित कुतुल, फरसबेड़ा और कोड़तामेटा गांव के जंगल में नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान में नारायणपुर-कोण्डागांव-कांकेर- दन्तेवाड़ा जिले का डीआरजी, विशेष कार्य बल और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 53वीं वाहिनी का बल शामिल है। फिलहाल क्षेत्र में सर्च अभियान जारी है। इससे पहले भी बीते शुक्रवार को कोहकामेटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुतुल गांव के करीब बारूदी सुरंग में विस्फोट होने से भारत तिब्बत सीमा पुलिस के दो जवान घायल हो गए थे। बताया जा रहा है कि घायल जवानों की स्थिति खतरे से बाहर है.
अब तक 8 नक्सली मारे गए
जानकारी के मुताबिक, जवानों को जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसी आधार पर 4 जिलों की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन लॉच किया था. इस ऑपरेशन में 4 जिलों से 1 हजार से अधिक जवान सर्चिंग के लिए रवाना हुए थे. सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्चिंग करते हुए अबुझमाड़ के कुतुल, फरसबेड़ा, कोड़तामेटा पहुंची. इसी दौरान जंगल में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर हमला बोल दिया. फायरिंग के बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग शुरू कर दी. फायरिंग से अब तक 8 नक्सलियों (Naxal Encounter) ढेर हुए है.
अभियान का अंत कब होगा पता नहीं
नक्सलियों को नेस्तनाबूत करने का अभियान कब तक खत्म होगा? कुछ कहा नहीं जा सकता है. क्योंकि यह कार्रवाई बड़े स्तर पर तो की जा रही है. लेकिन जिस प्रकार से लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्र बढ़ता जा रहा है. वह अत्यंत चिंतनीय है. इस नक्सलबाद को खत्म करने के लिए सरकार-समाज को एकजुट होना होगा. तभी नक्सलियों को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है.
बुनियादी सुविधा बढ़ाने पर दिया जाए जोर
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बुनियादी सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया जाए तो शायद नक्सलियों के मन में परिवर्तन हो सकता है और अमन चैन आने की संभावना बन सकती है. लेकिन जिस प्रकार से देश में नक्सलबाद पनप रहा है. वह न केवल सरकार के लिए चिंतनीय है. बल्कि हमारे समाज के लिए भी चिंतनीय है. क्योंकि नक्सलियों का कोई ईमान-धर्म नहीं होता है. उन्हें टार्गेट अचीव करने से मतलब होता है और उस पर वे कामयाब भी हो रहे हैं.

