महान वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर आज जबलपुर स्थित उनकी समाधि स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्पांजलि अर्पित की. जबलपुर एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए की घोषणा, केंद्र सरकार को भेजेंगे प्रस्ताव
Source : SOCIAL MEDIA
Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP CM Jabalpur Visit News: वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर आज 24 जून 2026 को उनकी समाधि स्थल ग्राम नर्रई नाला में कार्यक्रम आयोजित हुआ. जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने वीरांगना रानी दुर्गावती को याद करते हुए कहा कि मां नर्मदा की पुत्री रानी दुर्गावती, अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और साहसी थीं. नारी शक्ति का पराक्रम मां दुर्गावती के व्यक्तित्व में नजर आता है. उन्होंने मुगलकाल में अकबर जैसे शासक को कई युद्धों में धूल चटाई थी, रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य में 52 गढ़ों पर शासन किया. पति की असमय मृत्यु के बाद 5 साल के बेटे को सिंहासन पर बैठाया और 15 साल तक जनता की सेवा के लिए और क्षेत्र की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया. मध्यप्रदेश की धरती पर लगभग 500 वर्ष पूर्व रानी दुर्गावती का जन्म हुआ, लेकिन आज पूरा देश और प्रदेश उन्हें आदर के साथ स्मरण करता है. हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश सरकार के गठन के बाद मंत्रीपरिषद की पहली बैठक जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित कर आयोजित की गई थी. उनके आशीर्वाद से राज्य सरकार जनकल्याणकारी कार्यों के साथ आगे बढ़ी. इसके बाद दूसरी कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती की एक और राजधानी संग्रामपुर में आयोजित की गई.
जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने की चर्चा
सीएम ने आगे कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने का प्रस्ताव केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को भेजा जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित नया संस्थान 100 करोड़ रुपए लागत से मदन महल के पास तैयार हो रहा है, बहुत जल्द इसका लोकार्पण भी किया जाएगा. इस संस्थान के माध्यम से भावी पीढ़ी रानी दुर्गावती के गौरवशाली अतीत और कार्यों से परिचित होंगी. जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर एक चिड़ियाघर (जू) और वन्यप्राणी रेस्क्यू सेंटर बना रही है. इसके साथ ही 35वीं बटालियन मंडला का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नायकों की वीरता और समृद्ध विरासत को सही रूप में प्रस्तुत करने के लिए विरासत से विकास का अभियान शुरू किया.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी लगातार कार्य कर रहे हैं. देश में पहली बार जनजातीय समाज से आने वाली श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति पद को सुशोभित कर रही हैं. राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के भाव से काम कर रही है.
मरकर हुई अमर रानी…
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने वीरांगना रानी दुर्गावती के संबंध में ओजपूर्ण कविता से अपने उदबोधन की शुरूआत करते हुये ‘’अड़ी ख़डी दिवार बनी, स्वदेश प्रेम की दिवानी, तूफानों से हार न मानी, मरकर हुई अमर रानी, मरकर हुई अमर रानी’’ ये पंक्तियों पढ़ी. उन्होंने वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती के चरणों को नमन करते हुये कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान, भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण, वन संरक्षण, जनजातीय अंचलों के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है. उन्होंने जनजातीय समाज से अपनी भाषा, बोली, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया. साथ ही कहा कि रानी दुर्गावती के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना हम सबकी जिम्मेदारी है.
जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती के नाम हो…
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का नाम लेते ही महाकौशल और मध्यप्रदेश के कण-कण में श्रद्धा का भाव जाग उठता है. उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती केवल एक वीर योद्धा नहीं थीं, बल्कि जल प्रबंधन, कृषि व्यवस्था, आत्मसम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अद्भुत प्रतिमूर्ति थीं. उन्होंने कहा कि तालाबों की श्रृंखला, जल संचयन और संसाधनों के उपयोग की उनकी व्यवस्था आज भी बड़े-बड़े जल विशेषज्ञों को चकित करती है. मंत्री श्री सिंह ने कहा कि जबलपुर की धरती के लिए यह गर्व का विषय है कि यह वही भूमि है, जहाँ वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान हुआ. उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम भी वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाए. उन्होंने कहा कि यह केवल नामकरण नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक अस्मिता और गौरव को राष्ट्रीय पहचान देने वाला निर्णय होगा.
देश की स्वतंत्रता और स्वाभिमान सहज रूप से नहीं मिले
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान स्वतंत्रता, संस्कृति, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा का अमर प्रतीक है. उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि सम्मान के साथ मृत्यु, अपमानजनक जीवन से कहीं श्रेष्ठ होती है. श्री खंडेलवाल ने कहा कि जनजातीय समाज का योगदान भारत के इतिहास में अमूल्य है और रानी दुर्गावती उसी गौरवशाली परंपरा की सबसे उज्ज्वल प्रेरणाओं में से एक हैं. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को रानी दुर्गावती के जीवन से यह सीख लेनी चाहिए कि देश की स्वतंत्रता और स्वाभिमान सहज रूप से नहीं मिले, बल्कि इसके लिए अनगिनत वीरों और वीरांगनाओं ने अपना सर्वस्व बलिदान किया है.
समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन किये अर्पित
कार्यक्रम की शुरूआत में ग्राम नर्रई नाला स्थित वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती की समाधि स्थल पर उनके 463वें बलिदान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके तथा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ रानी दुर्गावती की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया. इसके पश्चात मुख्यमंत्री एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद वीर नारायण की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की. साथ ही गौंड समाज के आराध्य देवता बड़ा देव का पूजन-अर्चन भी किया.
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी ‘इंदू’, नीरज सिंह एवं संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, उपाध्यक्ष प्रशांत केसरवानी, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन सहित संभागायुक्त धनंजय सिंह, डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.

