स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने परेड का निरीक्षण किया, राज्यपाल श्रीमंगूभाई पटेल ने गुब्बारे उड़ाकर स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
भोपाल. राष्ट्रीय उत्सव स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली. वहीं राजभवन में भी स्वतंत्रता दिवस का गरिमामय समारोह आयोजित हुआ, जहां राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने समारोह में ध्वजारोहण किया और खुले आकाश में तिरंगे गुब्बारे उड़ाकर स्वतंत्रता का जश्न मनाया। समारोह में पुलिस बैंड ने राष्ट्र धुन का वादन किया। राज्यपाल ने राजभवन सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ तिरंगे गुब्बारे खुले आकाश में मुक्त किये। बच्चों एवं कर्मचारियों को मिष्ठान का वितरण किया।
आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस समारोह में झांकियों के माध्यम से प्रदेश की प्रगति, सुशासन जनभागीदारी से समग्र विकास को प्रदर्शित किया गया। 20 शासकीय विभागों की झांकियों को प्रदर्शन किया गया। उद्यानिकी विभाग की झांकी में उद्यानिकी फसलों से किसानों की बढ़ती आय को दर्शाया गया। प्रदेश में उद्यानिकी मंडियों का संचालन और वर्तमान में 15 उद्यानिकी फसलों का जीआई पंजीयन को प्रदर्शित किया गया। आयुष विभाग की झांकी में आयुष हेल्थ-वेलनेस सेंटर, समुद्र मंथन से आयुर्वेद ज्ञान की प्राप्ति और प्रदेश में अत्याधुनिक आयुर्वेद अस्पतालों के संचालन को प्रदर्शित किया गया। उद्योग विभाग की झांकी में बुधनी के लकड़ी के खिलौने, इन्वेस्टर्स मीट और बुरहानपुर के पावर लूम को दिखाया गया। किसान कल्याण तथा कृषि विभाग की झांकी में दलहन-तिलहन के बढ़ते उत्पादन, रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना से कोदों, कुटकी, रागी, ज्वार, बाजरा के बढ़ते उत्पादन को दिखाया गया। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की झांकी में खादी कपड़े की बुनाई और वस्त्र निर्माण करने की कला, रेशमी वस्त्र कला और माटीकला के पारंपरिक साधनों को विकसित करते हुए इलेक्ट्रिक चरखों से रंगीन कपड़ा बनाने की प्रक्रिया को दिखाया गया। खेल और युवा कल्याण विभाग की झांकी में प्रदेश के 11 खेल अकादमियों के संचालन, खेलेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया की गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। प्रदेश की झाँकी में पेरिस ओलंपिक, पैरालम्पिक में 6 खिलाड़ियों द्वारा 3 काँस्य पदक अर्जित करने की उपलब्धि को प्रदर्शित किया गया।
समारोह में ग्रांउड पर हुई आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
76वें गणतंत्र दिवस समारोह में छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। अशासकीय सेंट पॉल को-एड हायर सेकण्ड्री स्कूल आनंद नगर के बच्चों ने देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में 180 छात्र-छात्राएं शामिल थे। कार्यक्रम के जरिये बताया गया कि देशभक्ति का जज्बा हर एक दिल में उमंग भर देता है और वतन की मिट्टी से जुड़ने का एहसास कराता है। अशासकीय हेमा हायर सेकण्ड्री स्कूल गोविंदपुरा भेल के छात्र-छात्राओं ने भारतीय कला, संस्कृति और विरासत पर केन्द्रित प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में बताया गया कि भारतीय संस्कृति का ऐश्वर्य इतना महान है कि सारा संसार हमारी संस्कृति के समक्ष नत-मस्तक है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मिसरोद, शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर और सीएम राइज स्कूल महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरखेड़ा के विद्यार्थियों ने रक्षमाम्-धरती की पुकार शीर्षक से प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में 70 विद्यार्थी शामिल थे। पर्यावरण संरक्षण और धरती को प्रदूषण रहित बनाये रखने का संदेश दिया गया। भरत नाट्यम नृत्य में आधुनिक फ्यूजन संगीत का प्रयोग किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की तर्ज पर अशासकीय होली फेमिली हायर सैकेण्डरी कान्वेंट स्कूल गांधीनगर के नन्हे बच्चों ने प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में बताया गया कि देश की विभिन्न भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं रहने के बावजूद सभी एक सूत्र में बंधे हुए हैं। इन सभी का समावेश करते हुए प्रस्तुतियां दी गई।
जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियां
राज्य स्तरीय समारोह में जनजातीय संस्कृति पर केन्द्रित गोण्ड ठाच्या की प्रस्तुति हुई। यह नृत्य जनजातीय समुदाय में दीपावली के बाद किया जाता है। लोक कलाकारों ने बांसुरी की मधुर धुन और हाथ, पैर एवं कमर का सुंदर संयोजन कर विविध मुद्राओं से नृत्य को आकर्षक बनाया। कार्यक्रम में कोरकू जनजाति के गदली-थापटी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। लोक कलाकरों ने ठोलक की लय-ताल पर हाथों और पैरों की विभिन्न मुद़ाएं बनाते हुए गोल घेरे में कोरकू नृत्य प्रस्तुत किया।
इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता ने बताया कि नागरिक 25 जनवरी से 27 जनवरी 2025 तक निर्धारित अवधि में राजभवन का अवलोकन कर सकेंगे। राजभवन 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा। इसी प्रकार 26 जनवरी, 2025 गणतंत्र दिवस को प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक राजभवन भ्रमण की अनुमति रहेगी। तीन दिनों की अवधि में राजभवन में प्रवेश और निकास गेट नंबर- 2 से ही होगा। आगंतुकों की वाहन पार्किंग मिंटो हॉल परिसर में की जा सकेगी।
संविधान सभा में प्रदेश के योगदान पर केन्द्रित होगी वीथिका
राजभवन में गणतंत्र दिवस के अवसर पर संविधान में आर्ट एन्ड कैलीग्राफी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई है। इस अवसर पर संविधान निर्माण सभा के प्रमुख व्यक्तित्व और संविधान सभा में मध्यप्रदेश की हस्तियों पर केन्द्रित वीथिका भी है। आगंतुक, संदीपनि सभागार स्थित उपहार गैलरी, आर्टिफिशियल वाइल्ड-लाइफ पर आधारित पंचतंत्र उद्यान, सुन्दर-सुसज्जित लॉन, विभिन्न प्रजातियों के मनमोहक फूल-पेड़-पौधों का अवलोकन कर सकेंगे। इसी प्रकार 1796 ई. की तोप और 1887 ई. में बने सुन्दर बैंक्वेट हॉल का वास्तुशिल्प भी ऐतिहासिक और विशेष दर्शनीय है।
आगंतुक 27 जनवरी को राजभवन भ्रमण के दौरान लाल परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह की प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार प्राप्त विभागीय झांकियों का भी अवलोकन कर सकेंगे।


