विद्यार्थी परिषद की ‘पाठशाला’ से निकले नेतृत्व ने केलकर जी के कार्य पद्धति को किया स्मरण, सामाजिक समरसता केवल बातों में नहीं, कर्मों में दिखाई देना चाहिए- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad JBP News: एमपीजबलपुर में आज 26 अप्रैल, 2026 को घंटाघर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्चरल एंड इंर्फोमेशन सेंटर गीता भवन में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के शिल्पकार स्वर्गीय यशवंत राव केलकर की जन्मशती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए. उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “भारत माता की जय” का नारा सुनते ही उनका रोम-रोम पुलकित हो उठता है. उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कार्यप्रणाली को अद्भुत और अनुकरणीय बताते हुए कहा कि यह संगठन केवल बातों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता को व्यवहार में उतारने का कार्य करता है. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कॉलेज के सिलेबस के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक गौरव को भी समझें और भारत के निर्माण में आगे आकर कार्य करें.
परिषद को वर्तमान स्वरूप की ‘नींव का पत्थर’ बताया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. यशवंत राव केलकर को परिषद के वर्तमान स्वरूप की ‘नींव का पत्थर’ बताया, जिन्होंने संगठन को गढ़ने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने छात्र जीवन के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि परिषद एक परिवार की तरह है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को सीख दी कि यदि हम छोटा बनकर काम करेंगे, तभी जीवन में बड़े लक्ष्य प्राप्त कर पाएंगे. विद्यार्थी आज का नागरिक है. विद्यार्थियों में जोश के साथ होश का संतुलन बनाये रखने के लिए इसमें शिक्षकों की भूमिका अतुल्नीय है.
स्वामी विवेकानंद और माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा स्वामी विवेकानंद और माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया. इस दौरान वक्ताओं ने स्व. केलकर के जीवन दर्शन और संगठन की विशिष्ट कार्य पद्धति पर विस्तार से प्रकाश डाला.
विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन
विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज किशोर तिवारी ने बताया कि आज विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसका श्रेय स्व. केलकर द्वारा विकसित की गई विशिष्ट कार्य पद्धति को जाता है. उन्होंने कहा कि स्व. केलकर केवल उपदेश नहीं देते थे, बल्कि ‘जीवंत आदर्श’ थे, जो गरीब विद्यार्थियों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते थे और स्वयं सहायता प्रदान करते थे. वक्ताओं ने रेखांकित किया कि विद्यार्थी परिषद एक ऐसी कार्यशाला है जिसने समाज के हर क्षेत्र को नेतृत्व दिया है.
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मिक, सांसद आशीष दुबे, विधायक अजय विश्नोई, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, . कार्यक्रम में अभाविप के मध्य क्षेत्र के क्षेत्रिय संगठन मंत्री चेतस सुखड़िया, प्रांत अध्यक्ष डॉ. सुनील पांडे, प्रांत मंत्री सुव्रत बज़ल, प्रांत संगठन मंत्री मनोज यादव, प्रांत सह संगठन मंत्री आशीष शर्मा, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य माखन शर्मा, महानगर संगठन मंत्री प्रभात तिवारी, महानगर मंत्री आर्यन पुंज, प्रांत विश्वविद्यालय संयोजक ऐश्वर्य सोनकर, प्रांत सह मंत्री अनमोल सोनकर सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी तथा एबीवीपी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
1990 में विद्यार्थी परिषद ने शुरु किया पुरुस्कार
देश समाज में अच्छा कार्य करने वालों को यशवंत राव केलकर पुरस्कार 1990 में विद्यार्थी परिषद ने शुरू किया. बताया जा रहा है कि उसी से प्रेरणा लेकर आज हजारों कार्यकर्ता इस संगठन में काम कर रहे हैं. आज सभी आयामों में परिषद कार्य कर रही है. परिषद के पदाधिकारियों का मानना है कि यही घड़ी भारत के निर्माण की है. उनके विचार संकल्प लेकर हम यहां से निकले और राष्ट्र समाज में उसका प्रसार करें यही स्व केलकर जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
1949 में की गई थी एबीवीपी की स्थापना
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रवादी छात्र संगठन है, जिसकी स्थापना 9 जुलाई 1949 को किए जाने की जानकारी लगी है. इस संगठन के माध्यम से ‘ज्ञान, शील, एकता’ के ध्येय वाक्य के साथ, यह संगठन “छात्र शक्ति-राष्ट्र शक्ति” की भावना पर काम करती है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से वैचारिक रूप से जुड़ा बताया जा रहा है.

