उत्तराकाशी के धराली गांव में आई भीषण बाढ़ और पहाड़ के मलबे में पूरा गांव तबाह हो गया. इस घटना का वीडियो सामने आया है जहां लोग होटल से निकलकर भागते नजर आ रह रहे हैं.
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By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Uttarkashi Cloud Burst Video: “हाय मेरी मां चली गई… मेरी मां अंदर थी!” दूसरी तरफ कोई महिला सिर को जोर जोर से पीटकर अपनों के जाने का मातम मना रही है. चीखपुकार और अफरातफरी का ये मंजर ऐसा था कि धराली उत्तराखण्ड का एक वीडियो देखने वालों की रूह कांप गई. सोशल मीडिया में पोस्ट किए गए वीडियों में लोग कमेंट्स कर रहे हैं और लिख रहे हैं “ये वीडियो एक बार देखा, लेकिन दोबारा हिम्मत नहीं हुई,” और “इतना दर्द असली होता है, फिल्म नहीं.” बाढ़ का पानी जब बहता है, तो वो सिर्फ घरों की दीवारें नहीं तोड़ता, वो जिंदगियों की नींव हिला देता है. यही इस वीडियो में महसूस होता है. जो लोग वीडियो बना रहे हैं, वो भी घबराए हुए हैं. एक जगह एक शख्स अपने घरवालों को फोन करके कहता है – “मामा को बोलो ऊपर भाग जाए, बादल फट गया है.”
उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने से ऊंचाई पर स्थित गांवों में मंगलवार को अचानक बाढ़ आ गई और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए. पानी का बहाव इतना तेज था कि उसमें कई बड़े-बड़े मकान बह गए. इस घटना का वीडियो सामने आया है जहां लोग होटल से निकलकर भागते नजर आ रहे हैं. लोग चीखते हुए कह रहे हैं, “भागो रे भागो.” हालांकि तब तक कई लोग पानी के तेज बहाव की चपेट में आ चुके होते हैं.
अब तक 4 लोगों की मौत 50 लापता
आसमानी आफत के बाद इलाके के गांवों में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित जगह की तलाश में इधर-उधर भाग रहे हैं. इस भीषण आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 50 लोग लापता बताए जा रहे हैं.
राहत बचाव कार्य में जुटी प्रशासन
मौके पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें राहत बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. हर्षिल के पास स्थित धराली इलाके में मंगलवार (5 अगस्त 2025) की सुबह बादल फट गया. इस घटना में एक गांव बह गया और कई निवासी कथित तौर पर लापता हो गए हैं. अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से नदी के किनारों से दूरी बनाए रखने, बच्चों ओर पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.
गंगोत्री धाम में फंसे 400 लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया
उत्तराखंड में राहत और बचाव का काम तेजी से हो रहा है. पुलिस ने बताया कि गंगोत्री धाम में फंसे 400 लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया जाएगा. रेस्क्यू में तेजी आई है. मौसम सही रहा तो रेस्क्यू ऑपरेशन 48 घंटे में पूरा हो जाएगा. लोगों की जान बचाना और पुनर्निर्माण प्राथमिकता है. दो हेलीकॉप्टर खाद्य सामग्री लेकर पहुंचे हैं. दो हेलीकॉप्टर स्टैंड बाई में रखे गए हैं. सेना के भी हेलीकॉप्टर मदद के लिए पहुंचने वाले हैं.
चकराता का साहिया क्षेत्र भी खतरे की जद में
उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के बाद प्रदेश भर में प्रशासन अलर्ट मोड पर है. उत्तरकाशी से लगते चकराता के त्यूणी क्षेत्र में लोग सहमे हुए हैं. त्यूणी उत्तरकाशी से लगता बेहद करीबी क्षेत्र है. 2019 में त्यूणी से लगा बंगाण के आराकोट क्षेत्र में भीषण आपदा आई थी. चकराता का साहिया क्षेत्र भी खतरे की जद में हैं. यहां का बाजार, सरकारी अस्पताल और मंडी स्थल के साथ ही आसपास के मकान अमलावा नदी किनारे बसे हुए हैं.
उत्तरकाशी में बाढ़ के बाद गंगोत्री हाइवे पर हालात ठीक नहीं
चमोली में जोशीमठ के पास भारी लैंडस्लाइड हुआ है. पहाड़ का आधा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गया है. इससे बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया है. धराली आपदा को देखते हुए RTO ने 35 गाड़ियां रिजर्व कर ली हैं. ऋषिकेश और रूड़की से भी अधिकारी उत्तरकाशी भेजे गए हैं. 11 प्रवर्तन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है. रिजर्व की गई गाड़ियां रेस्क्यू में लगाई जाएंगी. उधर, मौसम खुलते ही धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया. भटवाड़ी के अलग-अलग पैच में फंसी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को हेलीकाफ्टर के जरिए हर्षिल भेजा गया है. हर्षिल और गंगोत्री में फंसे चारधाम यात्रियों को भी एक-एक करके भटवाड़ी लाया जा रहा है. आईजी SDRF अरुण मोहन जोशी ने धराली में कैंप कर रहे हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए सभी टीमों से कोऑर्डिनेट कर रहे हैं. उत्तरकाशी में बाढ़ के बाद गंगोत्री हाइवे पर हालात ठीक नहीं है. डबरानी के आसपास पूरी सड़क गायब है. हाइवे खुलने में कितना समय लगेगा, प्रशासन बताने की स्थिति में नहीं लग रहा.

