केन्द्र सरकार और टाटा कन्सल्टेंसी इंजीनियरिंग कंपनी के कर्मचारियों ने कर चुका शहर का सर्वे, अब केन्द्र सरकार से मंजूरी बाकी
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
CITIIS-2.0 in Jabalpur : जबलपुर को सौगात के रूप में मिली सिटी-2.0 परियोजना कागजी कार्रवाई में अटकी है. अभी तक इस परियोजना के अंतर्गत कोई भी काम नहीं हो रहे हैं. जबकि नगर निगम, स्मार्ट सिटी, नगरीय प्रशासन भोपाल और आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के बीच 6 माह पहले एमओयू हो चुका है, फिर भी इस परियोजना को लागू करने में न जाने क्यों लेटलतीफी हो रही है, जबकि शहर में जल्द सिटी-2.0 लागू करके शहर को स्वच्छता में नंबर-1 लाने की दिशा में काम होना है. इस परियोजना के अंतर्गत शहर को कचरा मुक्त किया जाना है. इसके लिए शहरी क्षेत्र से कचरे के निपटान की व्यवस्था की जानी है. आवास और शहरी कार्य मंत्रालय केन्द्र सरकार ने इस काम को करने के लिए टाटा कन्सल्टेंसी इंजीनियरिंग के नाम की कन्सल्टेंसी एजेंसी को नियुक्त कर दिया है. कन्सल्टेंसी एजेंसी के कर्मचारी और केन्द्र सरकार के अधिकारी शहर का सर्वे कर चुके हैं. फिर भी कन्सल्टेंसी एजेंसी के द्वारा अभी तक आवास और शहरी कार्य मंत्रालय दिल्ली तक रिपोर्ट नहीं पहुंचाई जा सकी है, जिससे स्वच्छता के मामले में शहरी विकास रुक सा गया है. सिटी-2.0 परियोजना कब तक लागू होगी? यह भी सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है.
मास्टर प्लान बनाने मे लग रहा समय
कन्सल्टेंसी एजेंसी द्वारा शहर का सर्वे तो कर लिया गया है, लेकिन टाटा कन्सल्टेंसी इंजीनियरिंग एजेंसी मास्टर प्लान तैयार करने में लेटलतीफी कर रही है. मास्टर प्लान बनाए जाने के बाद ही आगे की प्रक्रिया प्रारंभ होगी.
सर्वे कर चुके हैं कंपनी के इंजीनियर
जबलपुर शहर में केन्द्र सरकार के अधिकारी और एनआईयूए की तरफ से आए कर्मचारियों द्वारा सर्वे किया जा चुका है. उनके द्वारा किस क्षेत्र से कचरे का उत्पादन हो रहा है?, उसका ट्रांसपोर्टेशन कहां होगा?, उस कचरे की प्रोसेसिंग की क्या व्यवस्था है?, इन सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा चुकी है.
महीनों पहले हो चुके एमओयू पर हस्ताक्षर
जबलपुर शहरी विकास को लेकर नगर निगम आयुक्त, सीईओ स्मार्ट सिटी ने महीनों पहले एमओयू पर हस्ताक्षर कर चुके हैं. आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, फ्रंच डेवलपमेंट एजेंसी, यूरोपियन डेवलपमेंट एजेंसी, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल, नगर निगम एवं जबलपुर स्मार्ट सिटी के मध्य एमओयू हुआ है, लेकिन सिटी-2.0 के तहत काम कब प्रारंभ होंगे, इसकी तारीख सुनिश्चित नहीं हो पा रही है.
सिटी-2.0 के अंतर्गत क्या काम होने हैं?
- > शहरके एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) कार्य को सुदृढ़ करने कार्य किया जाएगा.
- > कचराकलेक्शन से उसके डिस्पोजल साइकिलिंग तक की कमियों को चिह्नित किया जाएगा.
- > शहर के नागरिकों के लिए स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था से संबंधित कार्य किए जाएंगे.
- > कचरा संग्रहण के वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी और प्रतिदिन घर-घर से कचरा संगृहीत किया जाएगा.
- > कचरा कलेक्शन के उपरांत उसके निपटान के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे.
- > शहर की सफाई व्यवस्था के निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा.
- > प्लास्टिक, ई-कचरा और ऑर्गेनिक वेस्ट के लिए अलग-अलग पुनर्चक्रण सुविधा विकसित की जाएगी.
- > जैविक कचरे से बायो सीएनजी गैस एवं खाद तैयार की जाएगी.

