कलेक्टर ने की उद्योग, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के उत्पादों की मार्केटिंग के लिये बनाएं कार्ययोजना. आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को स्वरोजगार की गतिविधियों से जोड़ा जाये.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Department of MSME News: उद्योग, रोजगार एव कौशल विकास से जुड़े विभागों के अधिकारियों की आज 21 अप्रैल 2026 मंगलवार को बुलाई गई बैठक में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले में नये औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिये चिन्हित भूमि के आवंटन की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं.
श्री सिंह ने तीनों विभागों की योजनाओं एवं कार्यों की विभागवार समीक्षा बैठक में की तथा नये स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई के उत्पादों को मार्केटिंग के अवसर उपलब्ध कराने के लिये कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिये. कलेक्टर कार्यालय में संपन्न हुई इस बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र महाप्रबंधक विनीत रजक, उप संचालक रोजगार एम एस मरकाम एवं संभागीय आईटीआई के प्राचार्य अर्पित शुक्ला मौजूद थे.
खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर की स्थापना की क्या प्रगति है?
कलेक्टर ने बैठक में खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर की स्थापना की दिशा में अभी तक की प्रगति की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने क्लस्टर के लिये भूमि के चिन्हांकन की कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश देते हुये इच्छुक निवेशकों से चर्चा कर प्रस्ताव प्राप्त करने की बात कही. श्री सिंह ने कहा कि जिले में बड़ी मात्रा में हो रहे उत्पादन को देखते हुये सिंघाड़ा प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की संभावनाएं तलाशी जायें. उन्होंने निवेश प्रोत्साहन केंद्र में आयोजित कॉफी विद एक्सपर्ट्स कार्यक्रमों में शामिल निवेशकों से एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट प्राप्त करने पर भी बल दिया.
जिले को 430 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला
बैठक में जिला व्यापार एव उद्योग केंद्र की समीक्षा के दौरान महाप्रबंधक विनीत कुमार रजक ने बताया मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के विगत वित्तीय वर्ष में 384 के लक्ष्य के 514 हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया. यह उपलब्धि लक्ष्य से 34 प्रतिशत अधिक रही. उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत जिले को 430 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है, जिसे बैकों को शाखावार आवंटित कर दिया गया है.
मोहनिया में एमएसएमई विभाग को आबंटित है 25 एकड़ भूमि
बैठक में बताया गया कि रांझी तहसील के मोहनिया ग्राम में एमएसएमई विभाग को आबंटित 25 एकड़ भूमि को विकसित किए जाने हेतु मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा टेन्डर की प्रक्रिया की जा रही है. इसके अतिरिक्त अधारताल तहसील में कठौंदा, पनागर में तहसील में झुरझुरु, पाटन तहसील में ककरहटा तथा शहपुरा के ग्राम झाँसी में नये औद्योगिक क्षेत्र के लिये चिन्हित भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन है.
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में स्थानीय संस्थानों को जोड़ने की आवश्यकता
बैठक में रोजगार विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाये कि जिन युवाओं का प्लेसमेंट हो रहा है उनमे कितने बच्चे जॉब कर रहे है. उन्होंने आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त छात्रों को स्वरोजगार की गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश देते हुये मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में स्थानीय संस्थानों को जोड़ने की आवश्यकता बताई.
कलेक्टर श्री सिंह ने उद्योग, रोजगार एवं कौशल विकास के कार्यों की समीक्षा के लिये जल्दी ही एक बार फिर बैठक आयोजित करने के निर्देश देते हुये कहा कि इसमें कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन जैसे स्वरोजगार से जुड़े सभी विभागों तथा जिले के प्रमुख शासकीय और निजी तकनीकी शिक्षा संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालय, इन्क्यूबेशन सेंटर को भी उसमें बुलाया जाये.
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत आवेदन आमंत्रित
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, जबलपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विनीत कुमार रजक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत नए उद्योग, सेवा क्षेत्र और खुदरा व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है. उन्होंने बताया कि शासन की ओर से इस वर्ष जबलपुर जिले के लिए 430 युवाओं को लाभान्वित करने लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस लक्ष्य को बैंक शाखावार आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.
ऑन लाइन करना होगा आवेदन
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक के अनुसार मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से स्वरोजगार के इच्छुक पात्र आवेदक अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं. इसके लिए आवेदकों को samast.mponline.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा. उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्राप्त आवेदनों की जांच गुणदोष के आधार पर की जाएगी और पात्र पाए गए प्रकरणों को ही आगे की कार्यवाही के लिए संबंधित बैंक शाखाओं को भेजा जाएगा. इस योजना के संबंध में अधिक जानकारी या किसी भी प्रकार की सहायता के लिए इच्छुक नागरिक कटंगा स्थित ‘उद्योग भवन’ में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकते हैं.

