मंदिर की सभी चल एवं अचल संपत्तियों का समुचित अभिलेखीकरण, संरक्षण और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्रवाई हुई प्रारंभ, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित रहे इसको लेकर चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन प्रारंभ
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Maa Tripura Sundari Temple Jabalpur News: कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर तेवर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर की चल एवं अचल संपत्तियों के सर्वेक्षण, सत्यापन, सूचीकरण एवं अभिलेखीकरण की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोरखपुर अनुराग सिंह के आदेश पर गठित समिति द्वारा प्रारंभ की गई कार्यवाही के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षित रखी गई सीलबंद पेटी को नियमानुसार खोला तथा उसमें रखे स्वर्ण एवं रजत आभूषणों सहित अन्य सामग्री का भौतिक सत्यापन और सूचीकरण किया गया. पूरी प्रक्रिया समिति के सदस्यों की उपस्थिति में पारदर्शी एवं विधिसम्मत तरीके से संपन्न कराई गई.
26.17 किलोग्राम चांदी तथा करीब 200 ग्राम स्वर्ण
सत्यापन में पेटी से लगभग 26.17 किलोग्राम चांदी तथा करीब 200 ग्राम स्वर्ण आभूषण एवं सामग्री प्राप्त हुई. इनका विस्तृत विवरण तैयार कर अभिलेखों में दर्ज किया गया तथा सामग्री को सुरक्षित अभिरक्षा में रखने की कार्रवाई की गई. प्राप्त संपत्ति का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 95 लाख रुपये आंका गया है.
यह कार्यवाही अतिरिक्त तहसीलदार गोरखपुर, जनपद पंचायत जबलपुर के सीईओ एवं मंदिर समिति के सदस्यों की उपस्थिति में की गई. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई.
कलेक्टर के निर्देशन में शुरू हुई कार्रवाई
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने निर्देश दिए हैं कि मंदिर की सभी चल एवं अचल संपत्तियों का समुचित अभिलेखीकरण, संरक्षण और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित रहे और भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता या दुरुपयोग की संभावना समाप्त हो सके. उन्होंने कहा कि मंदिर की परिसंपत्तियां सार्वजनिक धार्मिक संपत्ति हैं और उनके संरक्षण के लिए जिला प्रशासन पूर्णतः प्रतिबद्ध है. साथ ही मंदिर की समस्त संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
भेड़ाघाट को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने के भी दिए गए थे निर्देश
इससे पहले कलेक्टर कार्यालय में जिला शहरी विकास अभिकरण की जिला स्तरीय समीक्षा एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई थी जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने की थी. इस बैठक में अमृत 2.0 अंतर्गत अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के तहत हरित क्षेत्र विकास, जल निकायों के कायाकल्प, जल प्रदाय एवं सीवरेज कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई थी. नगरीय परिषदवार प्रगति की जानकारी लेते हुए पौधारोपण, पाथ-वे निर्माण, वॉटर बॉडी विकास एवं सौंदर्यीकरण संबंधी कार्यों पर चर्चा हुई थी. इस अवसर पर बरगी विधायक नीरज सिंह, सिहोरा विधायक संतोष वरकड़े, नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार सहित सभी नगरीय निकायों के अध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित थे.
बैठक में केंद्र सरकार की नई प्रायोजित योजना अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाओं की भी जानकारी प्रस्तुत की गई. प्रस्तावित परियोजना-1 के तहत कटंगी को शहरी बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित करते हुए लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से आर्थिक एवं सामाजिक हब बनाने की योजना पर चर्चा की गई.
वहीं प्रस्तावित परियोजना-2 के अंतर्गत भेड़ाघाट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने हेतु आवश्यक सुविधाओं एवं सौंदर्यीकरण कार्यों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. बरगी विधायक नीरज सिंह ने भेड़ाघाट स्वर्गद्वारी रोड के सौंदर्यीकरण, गार्डन, ग्रीन पार्क, जूलॉजिकल गार्डन, बेहतर लाइटिंग व्यवस्था एवं स्वीमिंग पूल निर्माण के सुझाव दिए, जिससे भेड़ाघाट को आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके.
कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं को बड़े स्तर एवं उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाए. नगर निगम आयुक्त अहिरवार ने भी परियोजना को नई दिशा देने की बात कही. बैठक में यूसीएफ अंतर्गत पनागर क्षेत्र के सुंदरवन को ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा की गई.
सिहोरा विधायक संतोष वरकड़े ने सिहोरा क्षेत्र में प्रगतिरत कार्यों की धीमी गति एवं स्थानीय समस्याओं की जानकारी दी. इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का गंभीरता से निराकरण करते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए. उन्होंने सिहोरा एवं मझौली क्षेत्र में पेयजल समस्या की समीक्षा करते हुए सभी स्थानों पर सुचारु पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए.
बैठक में स्वच्छ सर्वेक्षण, कचरा संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था की भी नगरीय निकायवार समीक्षा की गई. कचरे के संग्रहण एवं कठौंदा कचरा प्लांट तक परिवहन की स्थिति की जानकारी ली गई. कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन निकायों में कचरे के ढेर लगे हैं, वहां शीघ्र परिवहन सुनिश्चित किया जाए तथा समस्याग्रस्त क्षेत्रों में नगरीय परिषदों के साथ समन्वय बैठक कर कार्ययोजना तैयार की जाए.
नगर निगम आयुक्त अहिरवार ने कठौंदा कचरा प्लांट से संबंधित कार्ययोजना की जानकारी दी. कलेक्टर ने स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन हेतु सभी नगरीय निकायों के कर्मचारियों से जनप्रतिनिधियों एवं पार्षदों के माध्यम से नागरिकों को अधिक से अधिक फीडबैक देने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया, ताकि जबलपुर पुनः स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर सके. बैठक में नगरीय निकायों एवं नगरीय परिषदों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे.

