मुंबई के भांडुप में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि शिवसेना 30 साल कांग्रेस से लड़ी, लेकिन उन्होंने पार्टी नहीं तुड़वाई, BJP ने ये पाप किया.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Shiv Sena UBT Crisis: मुंबई के भांडुप में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस अवसर पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि- शिवसेना ने जिस भाजपा को उसके शुरुआती दौर में आगे बढ़ने में मदद की, आज वही शिवसेना तोड़ने का पाप कर रही है. भाजपा दूसरों के बच्चे चुराने का काम करती है. शिवसेना यूटीबी प्रमुख पार्टी की टूट पर का जवाब देते हुए आगे कहा कि बाल ठाकरे की बनाई शिवसेना ने 30 साल तक कांग्रेस से लड़ाई लड़ी. लेकिन कांग्रेस ने कभी शिवसेना को खत्म करने या उसका नाम छीनने की कोशिश नहीं की.
उद्धव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब केवल एक ही शिवसेना है और उसका नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं.
मेरे नेतृत्व वाली शिवसेना ही असली
ठाकरे ने आगे कहा कि, ‘मेरे नेतृत्व वाली शिवसेना ही असली और एकमात्र शिवसेना है. छह सांसदों की बगावत के बावजूद मैं निराश नहीं हूं.’
आज शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं बागी सांसद
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि, 6 बागी सांसद आज 22 जून 2026 को शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी से टूटकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने का फैसला लेने वाले 6 बागी सांसदों के लिए आज बड़ा दिन है. आज (सोमवार, 22 जून) संजय पाटील समेत सभी बागी सांसद एकनाथ गुट की सदस्यता आधिकारिक तौर पर लेने जा रहे हैं. इसके लिए आधिकारिक समारोह दोपहर 3.00 बजे रखा गया है. उससे पहले, लगभग 11.00 बजे इस संबंध में आधिकारिक पत्र और तस्वीर जारी की जाएगी. इन सभी सांसदों का कार्यक्रम कुछ इस प्रकार रहेगा. दोपहर 1 बजे वे कलिना एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे. इसके बाद 2 बजे उनकी एक बैठक होगी और अंत में शाम 4 बजे वे मीडिया के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
गद्दारों की वजह से नया जोश आया
शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के बगावती रुख के बीच उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं बिल्कुल निराश नहीं हूं. भाजपा अपने घर की चिंता करे. 17 जून को दिल्ली में हुई पार्टी की संसदीय दल की बैठक में छह सांसद शामिल नहीं हुए थे. रविवार को इनमें से कम से कम दो सांसदों ने शिंदे गुट में जाने की पुष्टि भी की.
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि पार्टी छोड़ने वालों को धन्यवाद देना चाहिए, क्योंकि उनकी वजह से कार्यकर्ताओं में नया जोश पैदा हुआ है. अब पार्टी को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाना है.
अविभाजित शिवसेना हमेशा से मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन भाजपा के साथ गठबंधन के कारण यह सीट उसके खाते में जाती थी. गठबंधन टूटने के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने यह सीट कांग्रेस से लेकर जीती थी. हमें इस सीट को दोबारा जीतना है और इसका बदला लेना है.
उद्धव ठाकरे ने कहा कि पाला बदलने वाले सांसदों को टिकट देना उनकी गलती थी और वे इसके लिए जनता से माफी मांगते हैं. उद्धव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने शिवसेना को तोड़ने की साजिश रची.
6 सांसदों ने बगावत कर दी थी
यहां बतादें कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी थी. 17 जून को बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर सौंपकर खुद को अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की थी. सांसदों ने चिट्ठी में उद्धव से अलग होने की वजह बताते हुए दावा किया है कि ठाकरे गुट के सीनियर नेता शिवसेना का विलय कांग्रेस में करना चाहते थे. उद्धव विचारधारा बदल चुके हैं. पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए हम अलग हो रहे हैं.
पार्टी में 4 साल में दूसरी बार टूट
जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था. इसके बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न दिया था. अब 6 सांसदों की बगावत पिछले चार साल में पार्टी के लिए दूसरी बड़ी टूट है.
उद्धव की बैठक में 3 सांसद नहीं पहुंचे
उद्धव ठाकरे ने 18 जून को शिवसेना (UBT) के संसदीय दल की दिल्ली में बैठक बुलाई थी. इस बैठक में 9 में से सिर्फ 3 लोकसभा सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे पहुंचे थे. संजय राउत ने कहा कि हमारे सांसदों को किडनैप किया गया है. जो बैठक में आएगा वो हमारे साथ है, जो नहीं आएगा वो गद्दार.

