Niti Aayog Meeting: ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया था कि नीति आयोग की बैठक में उन्हें अपनी बात पूरी करने की अनुमति नहीं दी गई और उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया. इसके बाद वह बैठक से बाहर आ गईं.
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: सुप्रिया
Congress on Mamata Banerjee Insult in Niti Aayog Meeting: दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व ने शनिवार को कहा कि नीति आयोग की बैठक में ममता बनर्जी के साथ जो व्यवहार किया गया है, वह अस्वीकार्य है. दरअसल, ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि नीति आयोग की बैठक में उन्हें अपनी बात पूरी करने की अनुमति नहीं दी गई और उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया. इसी बात को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को लेकर कांग्रेस में एक बार फिर से अंदरूनी कलह सामने आई है. शनिवार (27 जुलाई 2024) को जहां नीति आयोग की बैठक में ममता के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में जहां दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व टीएमसी मुखिया के समर्थन में दिख रहा है तो वहीं दूसरी तरफ उसी दिन पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है.
जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर किया हमला
इस मुद्दे पर कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, “यह सभी भिन्न और असहमत दृष्टिकोणों को दबा देता है, जो एक खुले लोकतंत्र का सार है. इसकी बैठकें एक तमाशा हैं. आज पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के साथ उनका व्यवहार, अस्वीकार्य है. नीति आयोग में अपने संबोधन में गैर-जैविक प्रधानमंत्री को यह अहसास हुआ है कि भारत को अंतर्राष्ट्रीय निवेश यानी एफडीआई के लिए अनुकूल नीतियां बनाने की जरूरत है. दस वर्षों तक उन्होंने वास्तव में भय, छल और धमकी को प्रोत्साहित किया और अब वह उपदेश दे रहे हैं.
ममता के दावे झूठे: चौधरी
वहीं दूसरी तरफ अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को कहा कि नीति आयोग की बैठक को लेकर ममता बनर्जी की ओर से किए गए सभी दावे झूठे हैं. अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर कहा कि पश्चिम बंगाल अराजक स्थिति में है और राज्य में कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए राष्ट्रपति के हस्तक्षेप की मांग की.
राष्ट्रपति से की पश्चिम बंगाल में हस्तक्षेप की मांग
अधीर रंजन चौधरी ने लेटर में लिखा, “मैं पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक जीवन में शिष्टाचार और कानून और व्यवस्था बहाल करने में आपके हस्तक्षेप की मांग करना चाहता हूं. मेरे लिए, व्यक्तिगत स्तर पर, राज्य में अराजक स्थिति को देखना न केवल परेशान करने वाला है, बल्कि बहुत पीड़ादायक भी है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी ने विपक्ष के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ क्रूर व्यवहार किया है.”
कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या का भी किया जिक्र
चौधरी ने संदेशखाली हिंसा, लोकसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद जिले में हुई झड़पों और हाल ही में जलपाईगुड़ी में एक पार्टी कार्यकर्ता की हत्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं है. उत्तर बंगाल के मयनागुड़ी में गुरुवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ता माणिक रॉय की लोगों के एक समूह ने हत्या कर दी थी. हिंसा के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के एक समर्थक को गिरफ्तार किया गया है.

