ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वे कोलकाता पुलिस कमिश्नर, हेल्थ सर्विस के डायरेक्टर, मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर और उत्तरी कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर को हटाने के लिए तैयार
By : DB News Update
Edited By : प्रिंस अवस्थी
कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर मामले में हड़ताली जूनियर डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मान ली हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डॉक्टरों के बीच सोमवार (16 सितंबर) को बैठक हुई। ममता ने रात करीब 11:50 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वे कोलकाता पुलिस कमिश्नर, हेल्थ सर्विस के डायरेक्टर, मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर और उत्तरी कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर को हटाने के लिए तैयार हैं।
ममता बोलीं- हमने डॉक्टरों की 99% मांगें मानीं
जूनियर डॉक्टरों ने सरकार के सामने ये पांच मांगें रखी थीं। ममता बनर्जी के मुताबिक पहली तीन मांगें पूरी हो गई हैं। ट्रेनी डॉक्टर का रेप मर्डर करने का आरोपी संजय गिरफ्तार हो चुका है। सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के SHO को गिरफ्तार किया जा चुका है। और अब कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पद से हटा दिया गया है।
ममता ने कहा कि हमने डॉक्टरों की 99% मांगें मान ली हैं, क्योंकि वे हमारे छोटे भाई हैं। जूनियर डॉक्टर्स की तरफ से 42 लोगों ने मिनिट्स ऑफ मीटिंग पर साइन किया, जबकि सरकार की तरफ से मुख्य सचिव मनोज पंत ने साइन किया है। मुझे लगता है कि मीटिंग पॉजिटिव रही। मेरे हिसाब से डॉक्टरों का भी यही मानना है, वर्ना वे मिनिट्स ऑफ मीटिंग पर साइन क्यों करते?
हॉस्पिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की मांग मानी
ममता बनर्जी ने CCTV, वॉशरूम जैसे हॉस्पिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की मांग भी मान ली है और इसके लिए 100 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इसके अलावा ममता ने कहा कि हेल्थ सर्विस के डायरेक्टर और मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर को उचित पदों पर तैनात किया जाएगा। हम उनका अपमान नहीं कर सकते हैं। इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है।
ममता ने कहा कि मंगलवार शाम 4 बजे विनीत गोयल की जगह नए पुलिस कमिश्नर पद संभालेंगे। सीएम ने डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की और कहा कि प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया जाएगा।
हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन मंगलवार को 39वें दिन भी जारी है। वे अधिकारियों को हटाने के औपचारिक आदेश और सुप्रीम कोर्ट में आज मामले की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। एक डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल में करप्शन का गिरोह खत्म करने का उनका लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। वे स्वास्थ्य सचिव को भी हटाने की मांग कर रहे हैं।

