मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ 28 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1 हजार 572 करोड़ रूपए किये अंतरित, 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 334 करोड़ रूपए की राशि की अंतरित
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Gita Jayanti 2024: गीता महोत्सव के उपलक्ष में हजारों आचार्यों द्वारा एक साथ गीता के श्लोकों का वाचन करने का “गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” का प्रमाण-पत्र प्राप्त किया. लगभग 7 हजार से अधिक व्यक्तियों द्वारा सस्वर गीता पाठ किया गया, जिसमें 3 हजार 721 आचार्य तथा बटुक शामिल थे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सुखद संयोग है कि गीता जयंती के अवसर पर प्रदेश में जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान का शुभारंभ हो रहा है. ग्यारह से 26 दिसंबर तक चलने वाले जनकल्याण पर्व में कई विकास कार्यों के भूमि-पूजन और लोकार्पण होंगे. मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में आज से 26 जनवरी 2025 तक गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को समृद्धि के नए अवसर उपलब्ध कराते हुए 34 हितग्राही मूलक योजनाओं, 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं और 63 सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घर-घर सर्वे किया जाएगा. अभियान से प्रत्येक पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा.
एक करोड़ 28 लाख लाड़ली बहनों के खातों में पहुंची राशि
जनकल्याण पर्व के शुभांरभ पर प्रदेश की एक करोड़ 28 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1 हजार 572 करोड़ रूपए की राशि तथा गैस सिलेंडर रिफीलिंग की लगभग 350 करोड़ रूपए की राशि बहनों के खातों में अंतरित की गई. सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में भी 55 लाख हितग्राहियों के खातों में 334.38 करोड़ की राशि भी सिंगल क्लिक से खातों में अंतरित की गई. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनकल्याण पर्व और अभियान की शुभकामनाओं के साथ राशि अंतरण की बहनों को बधाई दी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के अवसर पर सस्वर गीता पाठ का विश्व रिकार्ड बनाने वाले आचार्यों तथा बटुकों का भी अभिवादन किया.
संतो का पुष्प वर्षा कर किया अभिवादन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर प्रदेशव्यापी जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर लाल परेड़ ग्राउंड से शुभारंभ किया. उन्होंने उपस्थित संतों का पुष्प वर्षा कर अभिवादन किया. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, सूक्ष्म लघु और मध्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, संस्कृति और पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, हितानंद शर्मा व अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
संपूर्ण श्रीमद्भगवत गीता का हुआ पाठ
जबलपुर मध्य प्रदेश के नरसिंह मंदिर शास्त्रीब्रिज गोरखपुर में गीता जयंती के मौके पर संपूर्ण श्रीमद्भगवत गीता का पाठ किया गया, जिसमें संत-महंत, विद्वान ब्राम्हण और स्कूली विद्यार्थी सम्मिलित हुए और संपूर्ण गीता का पाठ किया. यह आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित होता है. जिसमें विद्यार्थियों के बीच श्रीमद्भगवत के एक श्लोक पर निबंध लेखन और श्लोक पठन की प्रतियोगिता आयोजित होती है. यह आयोजन विगत 40 वर्ष से ज्यादा समय से चला आ रहा है, जिसमें जबलपुर सहित आसपास के स्कूली विद्यार्थी और प्रोफेसर हिस्स लेते हैं और श्रीमद्भगवत गीता पर विस्तार से व्याख्या भी करते हैं, जिससे विद्यार्थियों में श्रीमद्भगवत गीता के प्रति रुचि बढ़े और वे आत्मसात कर सकें.
शासन की योजना के अंतर्गत कई स्कूलों में भी हुई प्रतियोगिता
मध्य प्रदेश सरकार श्रीमद्भगवत गीता के संपूर्ण पाठ और उद्बोधन करने वाले विद्वारों को पुरुस्कृत करने की योजना तैयार की है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के उन सभी विद्यार्थियों को पुरुस्कृत करने के लिए कहा गया है, जिनके द्वारा संपूर्ण गीता का पाठ किया जाएगा और श्रीमद्भगवत गीताा के संबंध में लोगों के बीच रुचिकर बनाने का प्रयास किया जाएगा. यह आयोजन अभी कुछ दिनों से ही प्रारंभ किया गया है.
शिक्षा और जागरूकता में उपयोग
प्रदेश सरकार द्वारा कुछ शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीता के श्लोक और संदेश शामिल किए जाते हैं. नैतिक शिक्षा (moral education) के संदर्भ में इसके विचारों का उपयोग होता है. कई राज्यों में संस्कृति और मूल्य-आधारित शिक्षा के हिस्से के रूप में चर्चा होती है.
गीता महोत्सव और आयोजन
एमपी, हरियाणा जैसे राज्यों में “गीता जयंती” और “अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव” जैसे आयोजन होते हैं. इसमें सरकार और संस्थाएँ मिलकर गीता के संदेश को बढ़ावा देती हैं.


