6 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकार की इजाजत के बिना पब्लिक सर्वेंट पर PMLA के तहत केस नहीं चलाया जा सकता
Source : MEDIA
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Delhi liquor scam case: दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ केस चलाने की इजाजत दे दी. ED ने 5 दिसंबर को एलजी से केजरीवाल के खिलाफ ट्रायल चलाने की अनुमति मांगी थी.
इस केस में केजरीवाल जमानत पर
पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ ED ने इस साल मार्च में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था. केजरीवाल को इस केस में जमानत मिल गई थी, लेकिन ED ट्रायल शुरू नहीं कर पाई थी.
केजरीवाल 156 दिन जेल में बिता चुके हैं
- केजरीवाल को ED ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था.
- 10 दिन की पूछताछ के बाद 1 अप्रैल को तिहाड़ जेल भेजा गया.
- 10 मई को 21 दिन के लिए लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए रिहा किया गया. ये रिहाई 51 दिन जेल में रहने के बाद मिली थी.
- 2 जून को केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से 13 सितंबर को उन्हें जमानत मिल गई थी. उन्होंने 156 दिन जेल में बिताए.
केरीवाल को बताया मास्टरमाइंड
ईडी ने शराब घोटाला मामले में अपनी आखिरी चार्जशीट में अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ मनीष सिसोदिया को भी घोटाले का मास्टरमाइंड बताया है. एजेंसी का कहना है कि केजरीवाल और सिसोदिया ने साउथ लॉबी की मदद के लिए आबकारी नीति 2021-22 में बदलाव किए, जिसमें कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी. सूत्रों की मानें तो दी गई 100 करोड़ रुपये की रिश्वत में से आम आदमी पार्टी ने 45 करोड़ रुपये का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार में किया था.
ED को इसलिए मांगनी पड़ी LG से इजाजत
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कहा था की PMLA के वो केस जो किसी सरकारी पद पर आसीन लोगों के खिलाफ दर्ज हैं, उसमें ट्रायल के लिए LG की परमिशन लेनी होगी. इसको लेकर ED ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी को ये लेटर लिखा था, परमिशन मांगने के लिए. LG ने अब ईडी को इजाजत दे दी है. अरविंद केजरीवाल ने हाई कोर्ट में चार्जशीट को रद्द करने की भी अपील की हुई है, जिसमें शुक्रवार को हाई कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी किया था. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का PLMA को लेकर जो आदेश आया था, अरविंद केजरीवाल पर उसके पहले ही PMLA का केस दर्ज हो चुका था, लेकिन ट्रायल शुरू नहीं हुआ था. इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उपराज्यपाल से ईडी ने इजाजत ली है.
चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका!
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को ये एक बड़ा झटका है. राजधानी में फरवरी के महीने में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. इसके लिए सभी पार्टियों की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपने सभी उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी कर दी है. ऐसे में ईडी को मिली मंजूरी के बाद केजरीवाल और AAP की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
आम आदमी पार्टी का कहना है कि केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी, बीजेपी की एक साजिश है. आम आदमी पार्टी को बीजेपी खत्म करना चाहती है. शराब नीति मामले में अभी तक कुछ नहीं मिला है. जांच में 500 से ज्यादा लोगों को प्रताडि़त किया जा चुका है.
चार्जशीट ट्रायल कोर्ट में दायर हुई थी, 4 पॉइंट में पूरा मामला
ED ने ट्रायल कोर्ट में केजरीवाल के खिलाफ 7वीं चार्जशीट दायर की थी। ट्रायल कोर्ट ने 9 जुलाई को चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कहा था- केजरीवाल के खिलाफ केस चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
केजरीवाल ने नवंबर में दिल्ली हाईकोर्ट में ED की 7वीं चार्जशीट पर संज्ञान लेने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि ED ने जो आरोप लगाए हैं, उन आरोपों के समय वे पब्लिक सर्वेंट थे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। केस चलाने के लिए ED के पास आवश्यक मंजूरी नहीं थी। इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने चार्जशीट पर एक्शन लिया।
हाईकोर्ट से केजरीवाल की मांग खारिज होने के बाद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। जहां कोर्ट ने उनके हक में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केस चलाने के लिए सरकार की अनुमति जरूरी है।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 6 नवंबर को फैसला सुनाते हुए कहा था कि पब्लिक सर्वेंट पर सरकार की अनुमति के बिना मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की धाराओं के तहत केस नहीं चलाया जा सकता है। यह नियम CBI और स्टेट पुलिस पर भी लागू होगी। इसके बाद ED ने राज्यपाल से इजाजत मांगी।

