अमावस्या साल में 12 बार आती है. ये दिन पितरों की शांति के लिए सबसे अहम माना जाता
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Mauni Amavasya 2025: अमावस्या साल में 12 बार आती है. ये दिन पितरों की शांति के लिए सबसे अहम माना जाता है. वैसे तो सभी अमावस्या खास हैं लेकिन माघ महीने में आने वाली अमावस्या को अधिक महत्वपूर्ण माना गया है. इसे मौनी अमावस्या कहते हैं.
मान्यता है कि इस अमावस्या पर मौन रहकर स्नान और दान करने से इंसान के कई जन्मों के पाप मिट जाते हैं. साल 2025 में मौनी अमावस्या पर महाकुंभ का महासंयोग भी बन रहा है.
मौनी अमावस्या 2025 कब ?
जबलपुर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा के मुताबिक धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर जो दान, पितृ पूजन आदि करता है उसे जीवनभर कभी कष्ट नहीं झेलने पड़ते, पूर्वजों के आशीर्वाद से उसका घर फलता फूलता है.
मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी. इस दिन प्रयागराज में महाकुंभ का तीसरा शाही स्नान भी होगा. मौनी अमावस्या के साथ महाकुम्भ का अद्भुत संयोग बहुत फलदायी माना जाता है.
मौनी अमावस्या पर स्नान का दोगुना फल
माघ महीने में पवित्र नदियों में स्नान शुभ माना जाता है. लेकिन मौनी अमावस्या पर इस स्नान का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है. इस दिन अगर सम्पूर्ण रूप से मौन रहा जाए तो अद्भुत स्वास्थ्य और ज्ञान की प्राप्ति होती है.
जिन लोगों को भी मानसिक समस्या है या भय और वहम की समस्या है, उनके लिए मौनी अमावस्या का स्नान महत्वपूर्ण माना गया है.
मौनी अमावस्या का महत्व
- मौनी अमावस्या पर स्नान के अलावा गरीबों को खाना खिलाना बहुत फलदायी होता है. ऐसा करने से आपसे जाने-अनजाने जो पाप हुए हैं, उनका प्रायश्चित होता है.
- पूरे दिन मौन रहें तो अच्छी सेहत और ज्ञान मिलता है.
- इस अमावस्या पर स्नान से मानसिक समस्या, डर या वहम से निजात मिलती है.
- यह व्रत पूरे नियम से करें तो कुंडली के सभी ग्रह दोष दूर होते हैं.
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