अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: राष्ट्रपति बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने लॉस एंजिल्स में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ रैली की
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
नई दिल्ली. आखिरी महीनों में अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कड़ा मुकाबला होने जा रहा है। दोनों ही नेता एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे है। चुनावी अभियान के बीच में राष्ट्रपति जो बाइडन ने पिछले दो हफ्तों में चार करोड़ डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है। सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के उप राष्ट्रीय वित्त अध्यक्ष ने इसकी जानकारी दी।
‘हमारा अभियान लगातार धन जुटाने की मजबूत गति दिखा रहा
उन्होंने बताया कि धन जुटाने के दो कार्यक्रम लॉस एंजिल्स में आयोजित किए गए, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और जॉर्ज क्लूनी तथा जूलिया रॉबर्ट्स जैसी दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं। इसके अलावा वर्जीनिया के पूर्व गवर्नर टेरी मैकऑलिफ के घर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के उप राष्ट्रीय वित्त अध्यक्ष अजय भुतोरिया ने कहा, ‘हमारा अभियान लगातार धन जुटाने की मजबूत गति दिखा रहा है। हमने टीवी विज्ञापनों के जरिए इस महीने पांच करोड़ डॉलर इकट्ठा किए। तीन दिन पहले राष्ट्रपति बाइडेन ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मिलकर लॉस एंजिलिस में तीन करोड़ डॉलर जुटाए। हमने पिछले दो सप्ताह में ही चार करोड़ डॉलर से अधिक धन जुटाया। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और हासिल किए गए विकास को और आगे बढ़ाने की अपनी प्रेरणा में डेमोक्रेट्स के तौर पर हम सभी एकजुट हैं।
भारतीय-अमेरिकियों की भागीदारी और प्रतिबद्धता को सुनिश्चित करना है
उन्होंने आगे कहा कि कुछ महीनों में होने वाला चुनाव एक कठोर विकल्प प्रस्तुत करता है और वो है- हमारे लोकतंत्र की सुरक्षा या फासीवादी – डोनाल्ड ट्रंप का चुनाव। यह चुनाव केवल राजनीतिक नहीं है, यह हमारे राष्ट्र के भविष्य के लिए एक निर्णायक पल है। आपको बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में भारतीय-अमेरिकी समुदाय महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। भुतोरिया ने आगे कहा कि राष्ट्रपति बाइडेन के लिए उनका मजबूत समर्थन कई युद्ध के मैदानों में जीत का अंतर हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में भारतीय-अमेरिकियों की भागीदारी और प्रतिबद्धता समावेशिता, आर्थिक विकास और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने वाली नीतियों को सुनिश्चित कर सकता है।
अब ट्रंप एपस्टीन फाइल्स को लेकर चर्चा में
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मेरे अपने लोग, चाहे लड़के हों या लड़कियां, सभी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी पर निशाना साध रहे हैं, जबकि वह शानदार काम कर रही हैं. हम सभी MAGA (Make America Great Again) टीम का हिस्सा हैं और मुझे यह सब बिल्कुल पसंद नहीं है.” ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेटिक नेता रिपब्लिकन नेताओं को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं. उन्होंने पैम बॉन्डी का बचाव करते हुए कहा कि वह ईमानदारी से काम कर रही हैं और बेवजह निशाना बनाई जा रही हैं.
एपस्टीन फाइल्स को लेकर ट्रंप उठाए सवाल
उन्होंने आगे लिखा, “हम उन फाइलों को क्यों तवज्जो दे रहे हैं जिन्हें ओबामा, भ्रष्ट हिलेरी, कोमी, ब्रेनन और बाइडेन प्रशासन के अपराधियों ने तैयार किया. वही लोग जिन्होंने झूठ फैलाया, 51 कथित खुफिया एजेंटों का नाम घसीटा, तमाशा खड़ा किया और अब एपस्टीन फाइल्स भी बना डालीं. सवाल यह है कि अगर ये फाइलें इतनी जरूरी थीं तो इन कट्टरपंथी वामपंथियों ने इन्हें पहले क्यों नहीं जारी किया?”
क्या है एपस्टीन फाइल्स विवाद?
दरअसल, अमेरिका में चर्चित जेफ्री एपस्टीन मामले को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) और एफबीआई (FBI) ने हाल ही में एक संयुक्त मेमो जारी कर इस केस की जांच को औपचारिक रूप से बंद करने की घोषणा की है. इस फैसले ने ना सिर्फ राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, बल्कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी हमलावर बना दिया है.
जेफरी एपस्टीन केस एक अमेरिकी अमीर कारोबारी से जुड़ा है, जिस पर 2019 में नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे थे. यह मामला तब और बड़ा हो गया जब वर्जीनिया गिफ्रे नाम की महिला ने सामने आकर कई सनसनीखेज खुलासे किए.
ट्रंप और एपस्टीन के कथित संबंधों की होती रही है जांच
एपस्टीन को 2019 में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जेल में ही उनकी मृत्यु हो गई. इस साल एपस्टीन से जुड़ी कुछ फाइलें सार्वजनिक की गईं, जिनमें कई अहम जानकारी और उसके हाई-प्रोफाइल संपर्कों का जिक्र था.

