आईएएस वर्मा के खिलाफ उग्र हुआ सवर्ण समाज, रिटायर्ड अफसर त्रिवेदी ने कहा दर्ज हो एफआईआर
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Santosh Verma statement controversy: IAS संतोष वर्मा के द्वारा अखिल भारतीय सेवाएं आचरण 1968 के नियम 3 (1), 3 (2), (B), (1-2) का उल्लंघन किया गया है. उन्हें स्वयं अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन तथा अपील) नियम 1969 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई का भागी बना लिया है. लिहाजा मध्य प्रदेश शासन कर्मिक सामान्य प्रशासन विभाग फरहीन खान ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया है. संतोष वर्मा से 7 दिवस में स्पष्टीकरण मांगा गया है. अन्यथा भारतीय सेवाएं 1969 नियम 10(1) (ए) के तहत कार्रवाई की जाएगी.
FIR कराने में अड़ा ब्राह्मण समाज
मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के नव नियुक्त प्रांत अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के बयान पर सवर्ण समाज उग्र है. मप्र में जगह-जगह ब्राह्मणों का विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है और उनके खिलाफ एफआईआर की मांग उठ रही है. मंगलवार को जबलपुर, सतना, सीधी, रीवा,भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, इंदौर सहित कई जिलों में प्रदर्शन हुआ और आईएएस का पुतला जलाया गया.
सपाक्स ने भी नाराजगी जाहिर की
वर्मा के द्वारा दिए गए विवादित बयान से ब्राह्मण समाज खफा है. इसके बाद सवर्ण संगठनो के साथ अन्य संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है. संगठनों ने वर्मा का मुहं काला करने और इनाम देने की भी बात कही है. ब्राह्मण समाज के साथ सवर्ण संगठनों ने सरकार से वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पूर्व आईएएस व सपाक्स पार्टी के डॉ हीरालाल त्रिवेदी ने नाराजगी जाहिर कर कहा कि संतोष वर्मा ने धर्म, जाति एवं मूल वंश के आधार ब्राह्मण बेटी पर लज्जा और अपमानजनक भाषण दिया. इससे समाज में जाति आधारित द्वेष और अशांति फैली है. जातिगत लांछन से पूरा ब्राह्मण और हिंदू समाज की महिलाएं अपमानित महसूस कर रही है.
वर्मा के बयान पर ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी क्षत्रिय महासभा के अरविंद सिंह चंदेल सहित कार्यकर्ताओं ने माधव नगर थाना उज्जैन पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की. डॉ हीरालाल ने संतोष वर्मा के भाषण को भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 308(1) (2) एवं 356(1)(2)(3) के अंतर्गत गंभीर अपराध बताते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की.
माधवनगर थाना प्रभारी 2 दिन में जांचकर कार्रवाई का दिया आश्वासन
मीडिया रिपोर्ट में खबरे आ रही हैं कि थाना प्रभारी माधव नगर ने 2 दिन के भीतर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. हालांकि वर्मा ने बयान पर माफी मांग ली है. उन्होंने ने कहा कि मेरे 27 मिनट के बयान को कुछ लोगों ने स्वार्थ के लिए केवल कुछ सेकंड की लाइन निकालकर उसे गलत तरीके से प्रचारित किया है. मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही है जिससे किसी समुदाय या जाति विशेष का अपमान हो. यदि मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं.
क्या था आईएसएस बयान?
अजाक्स के नए अध्यक्ष संतोष वर्मा ने डॉ अंबेडकर जयंती पार्क में अजाक्स के सम्मेलन में भाषण देते हुए कहा कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए. इस बयान पर बवाल मचा हुआ है.
Source : DB News Update

