सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष से भारत को खूबसूरत और अद्भुत बताया. उन्होंने हिमालय से मिले अविश्वसनीय दृश्यों और भारत के लोकतंत्र की प्रशंसा की.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Sunita Williams On India: भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष से दिखाई देने वाले समृद्ध रंगों के बारे में बात करते हुए कहा कि गुजरात और मुंबई के अद्भुत दृश्य चमचमाती रोशनी का नेटवर्क बड़ा ही खूबसूरत नजर आता है. बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों तक फैली ये रोशनी भारतीय सभ्यता और आधुनिकता का अद्भुत मिश्रण पेश करती है.
यान में सवार होकर धरती पर लौटी
बता दें कि अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 19 मार्च 2025 को स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार होकर धरती पर लौटी हैं. वो और उनके साथी बुच विल्मोर 5 जून, 2024 को बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष में गए थे. तब से दोनों यात्री 9 महीने से स्पेस पर फंसे हुए थे. सुनीता विलियम्स ने सोमवार (31 मार्च) को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने स्पेस में बिताए गए अपने अनुभव को साझा किया.
भारत काफी खूबसूरत दिखाई देता है
इंटरव्यू के दौरान उनसे भारत को लेकर सवाल किया गया, जिस पर उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष से भारत काफी खूबसूरत दिखाई देता है. जब भी उनका अंतरिक्ष यान हिमालय के ऊपर से गुजरा तो उन्हें अविश्वसनीय दृश्य देखने को मिले. उन्होंने इसे अद्भुत बताया और कहा कि यह दृश्य उनके दिल में बस गया.
श्रीमद्भगवत गीता और गणेश जी की मूर्ति को ले जाने का जिक्र वायरल
सुनीता विलियम्स की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रही हैं कि वह भगवद गीता, गणेश जी की मूर्ति और ‘ओडिसी’ को अपने साथ अंतरिक्ष में ले जा रही हैं. वीडियो में सुनीता विलियम्स मीडिया से कहती सुनाई दे रही हैं, “मैं अपनी भारतीय विरासत को बहुत महत्व देती हूं और मुझे खुशी है कि मैं इसका एक हिस्सा अपने साथ अंतरिक्ष में ले जा सकी. गणेश जी हमेशा मेरे घर में रहे हैं, मैं जहां भी रही हूं, मेरे पास गणेश जी की मूर्ति रही है, इसलिए उन्हें मेरे साथ अंतरिक्ष में आना ही था. और भारतीय खाना, भारतीय खाने से कभी जी नहीं भरता. मैं हमेशा यह सुनिश्चित करती हूं कि अंतरिक्ष में मेरे साथ समोसे हों.”
उन्होंने आगे कहा, “पिछली बार मैं अपने साथ श्रीमद् भगवत गीता की उपनिषद की एक छोटी प्रति लेकर आई थी. मैं भगवद गीता और ओडिसी भी साथ लाई थी, और मुझे लगा कि अंतरिक्ष में रहकर इन चीजों पर चिंतन और अध्ययन करना काफी उपयुक्त रहेगा.”
सुनीता ने कहा “भारत शानदार है”
आईएसएस में रहने के दौरान अंतरिक्ष से भारत को देखने पर क्या आपको कोई ख़ास पल याद हैं, स्पेस से भारत कैसा दिखाई देता है, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “भारत शानदार है, जब कभी भी हम हिमालय के ऊपर से गुज़रते थे तो बुच ने हिमालय की कुछ शानदार तस्वीरें ली थीं.”
उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी बताया है कि जब प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो जिस तरह की लहरें उठती हैं और फिर वो भारत की तरफ़ जाती हैं. जब आप भारत के पूर्व से पश्चिम की तरफ आते हैं, जैसे गुजरात या मुंबई की तरफ तो आपको मछली पकड़ने वाले जहाज़ दिखते हैं तो मालूम पड़ता है कि आप इस तरफ हैं.”
“भारत के बारे में पूरी तरह से कहूं तो मेरे दिमाग में ऐसी छवि है कि यह रोशनी का एक नेटवर्क है. जो बड़े शहरों से छोटे शहरों की तरफ जाती है. रात में इसे देखना बेहतरीन है. दिन में भी देखना शानदार है, हिमालय के बारे में मैंने आपको बताया ही है.”
जहां मेरे पिता का घर वहां जाना चाहूंगी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करने और भारत आने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, “जहां तक भारत जाने की बात है, तो निश्चित तौर पर मैं उस देश में जाना चाहूंगी जहां मेरे पिता का घर है. वहां लोगों से मिलना अच्छा रहेगा और वहां उन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों से भी मिलना होगा जो स्पेस में जाने वाले हैं. उनके साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के अनुभव साझा करना अच्छा रहेगा.”
“वैसे भारत महान देश है, और वो स्पेस की दुनिया में कदम बढ़ाना चाहते हैं, मुझे उसमें सहयोग करके खुशी होगी.”

