लखनऊ अग्निकांड में बाल-बाल बची छात्रा लवप्रीत ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि आग लगने के बाद पूरी इमारत में धुआं भर गया था. हर कोई जान बचाने के लिए यहां से वहां भाग रहा था.
Source : MEDIA
Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Lucknow Coaching Fire: लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष हैं. ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं. जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अवैध थी. इसे गिराने का आदेश 2016 में हुआ था, लेकिन बाद में निरस्त कर दिया गया. जब भीषण आग लगी तब वहां कई छात्र और कर्मचारी मौजूद थे. आग इतनी भयावह थी कि कई छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊपर से ही छलांग लगाना पड़ी. कोई तार तो कोई पाइप के सहारे खुद को बचने की कोशिश में जुटा रहा.
दूर तक देखी जा सकती थीं आग की लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि वह दूर-दूर तक देखी जा सकती थी, जिसने भी ये दृश्य देखा उनका दिल दहल गया. हादसे में फंसी एक प्रत्यक्षदर्शी लवप्रीत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस समय लखनऊ के केजीएमयू ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं. उनके पैर की हड्डी टूट गई हैं. इस अग्निकांड की तस्वीरें उनके आंखों के सामने से हटने का नाम नहीं ले रही हैं. दर्द से कराहते हुए लवप्रीत ने बताया कि अगर इस इमारत में कोई एग्जिट होता तो शायद ऐसी घटना सामने नहीं आती.
जान बचाने के लिए भाग रहे थे छात्र
लवप्रीत ने कहा कि कोचिंग सेंटर में आग ने जब विकराल रूप पकड़ा, उससे पहले ही ऊपरी मंजिल तक धुंआ भर गया. चारों तरफ इतना धुआं था कि दम घुटने लगा. धुएं से बचने के लिए कोई कहां जाए ये समझ नहीं पा रहा था. हमने छत की ओर भी भागने का प्रयास किया लेकिन, वहां भी रास्ता बंद था. कई लोग तो उस धुएं में ही फंसे रह गए.
लवप्रीत ने कहा कि वो भी धुएं से बचने के लिए भाग रही थी, लेकिन जब कहीं से उनको रास्ता नहीं मिला, तो उन्होंने बाहर से निकल रहे एक तार को पकड़कर नीचे उतरने की कोशिश की. लेकिन, इसी बीच वो नीचे गिर पड़ी और उनके पैर में चोट लग गई. लवप्रीत भगवान का शुक्रिया अदा कर रही हैं कि उनकी बच गई. लेकिन, इस बात की दुख भी है कि उनके कई साथी इसकी चपेट में आ गए. वो शायद इतने खुशनसीब नहीं थे कि आग की चपेट से बच पाते.
कानपुर में फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग सील
लखनऊ में कोचिंग संस्थान से जुड़े हादसे के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है. सोमवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है. जांच में इन संस्थानों में भवन एवं सुरक्षा संबंधी मानकों के उल्लंघन की बात सामने आने पर ये कार्रवाई की गई है.
केडीए अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण कर उन संस्थानों को चिह्नित किया, जहां आवश्यक नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था. कार्रवाई के दौरान संस्थानों को खाली कराया गया और बाद में उन्हें सील कर दिया गया.
22 सस्थान चिन्हित किए गए
मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि प्राधिकरण ने आंच अभियान के तहत विभिन्न जोनों में एक साथ कार्रवाई की है. पहले चरण में 22 संस्थानों को चिह्नित किया गया है, जबकि अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मानकों की अनदेखी पाए जाने पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी. सील किए गए संस्थानों में फिजिक्स वाला, वर्कस्पेस, महेंद्राज और केमिस्ट्री वाले संजीव राठौर जैसे चर्चित नाम शामिल हैं. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे.
‘आरोपियों के खिलाफ हो बुलडोजर एक्शन’
लखनऊ भीषण अग्निकांड में रहमान की जलकर मौत हो गई. बताया जा रहा है कि वह अपने घर का अकेला कमाने वाले था और उनके पिता विकलांग हैं, उनके कंधों पर बहन की शादी की जिम्मेदारी थी.
लखनऊ अग्निकांड में मारे गए रहमान के भाई मोहम्मद हाजिम सिद्दीकी ने बताया कि हम रात आठ बजे पता चला कि इस अग्निकांड में हमारे भाई रहमान की मौत हो गई है. उन्होंने बताया कि वह घर का अकेला कमाने वाला था, क्योंकि उनके पिता विकलांग है और मां टीचिंग करती है. उसकी यहां दो-तीन महीने पहले ही जॉब लगी थी. वो यहां पढ़ाई के साथ-साथ जॉब भी कर रहा था. उसके कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी.
उन्होंने आगे कहा कि इस आग्निकांड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिया जाए, ताकि उनके परिवार का भरणपोषण हो सके. इसके अलावा उन्होंने सीएम योगी से आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन की भी मांग की है.

