प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत बनाई गई नई योजना केवल नगरीय क्षेत्र के लिए झुग्गी-झोपड़ी के रहवासियों के लिए है.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Low Cost Houses Built PM Awas Yojana: नगर निगम पीएम आवास योजना-2.0 लॉन्च करने जा रहा है, जिसके तहत झुग्गी-झोपड़ी के रहवासियों को 2 लाख रुपए में आवास उपलब्ध कराए जाएंगे. इसकी तैयारी भी लगभग नगर निगम जबलपुर के अधिकारियों ने पूरी कर ली है. गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के लिए सस्ते दाम पर मकान उपलब्ध कराने की योजना को विस्तार देने की पूरी कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत शहरी क्षेत्र में एक बड़े आकार में जमीन की तलाश है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आखिरकार 6.50 लाख रुपए का मिलने वाला ईब्ल्यूएस का मकान अचानक 2 लाख में कैसे मिलने लगा, लेकिन नगर निगम, केन्द्र और राज्य सरकार का यह फैसला बिल्कुल सौ फीसदी सच है. इस योजना के तहत हर गरीब को साढ़े 400 वर्गफीट में 2 कमरे का मकान दिया जाएगा.
पीएम आवास योजना 2.0 होने जा रही लॉन्च
हर व्यक्ति का सपना होगा सच, गरीब को मिलेगा अपना एक पक्का मकान. इसी थीम पर प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 लॉन्च होने जा रही है. इसके तहत नगरीय निकायों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. अभी तक 2.50 लाख की सब्सिडी देने का प्रावधान था और बची रकम के लिए हितग्राही को ऋण लेना पड़ता था, लेकिन अब योजना के स्वरूप में परिवर्तन कर दिया गया है.
तीन श्रेणियों में लाभार्थियों का बंटवारा
इस योजना को तीन आय वर्गों में बांटा गया है, जिसमें ईडब्ल्यूएस आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, एलआईजी लोअर इनकम ग्रुप और एमआईजी मिडिल इनकम ग्रुप शामिल है. ईडब्ल्यूएस श्रेणी में वे लोग आते हैं, जिनकी वार्षिक आय ₹3 लाख से कम है. एलआईजी के अंतर्गत वे परिवार आते हैं जिनकी आय ₹6 लाख तक है. वहीं एमआईजी श्रेणी में ₹9 लाख तक सालाना आय वाले लोग शामिल हैं.
ईडब्ल्यूएस के हितग्राहियों को ज्यादा फायदा
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र ईडब्ल्यूएस हितग्राहियों को सबसे ज्यादा लाभ मिलने वाला है, क्योंकि नगर निगम ने अभी तक जहां भी ईडब्ल्यूएस के आवास बनाए हैं, उन आवास की कुल कीमत 6.50 लाख रुपए रखी थी और कमजोर वर्ग के हितग्राही को केवल 2.50 लाख रुपए की सब्सिडी मिलती थी. यानी बचे हुए 4 लाख रुपए का ऋण लेना पड़ता था, लेकिन अब वही मकान मात्र 2 लाख में उपलब्ध हो जाएगा.
केन्द्र-राज्य सरकार के साथ निगम वहन करेगा खर्च
इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों के मकान का पूरा खर्च केन्द्र और राज्य सरकार के साथ-साथ नगर निगम भी वहन करेगा. त्रिस्तरीय व्यवस्था के तहत शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे. इस योजना का प्रस्ताव बहुत पहले सरकार को भेजा गया था, लेकिन उसका अप्रूवल अब जाकर आया है.
इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
- आधार कार्ड, पहचान पत्र (पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस),
- पता प्रमाण (वोटर आईडी, बिजली/पानी बिल),
- आय प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट, ITR, फॉर्म 16),
- संपत्ति दस्तावेज (आवंटन पत्र, एग्रीमेंट कॉपी),
- बैंक खाता विवरण
- स्व-प्रमाण पत्र कि आवेदक के नाम कोई पक्का घर नहीं है.

