डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ-साथ कई देशों ने हमारे साथ बहुत बुरा सलूक किया है. एएफफी की रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने बयान में कहा, “चीन अमेरिका से अपने व्यापारिक साझेदारों पर लगाए गए एकतरफा टैरिफ उपायों को रद्द करने की अपील करता है.
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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
US China Tariff War: अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही लोगों को चेताया है. उन्होंने अमेरिका के लोगों को भविष्य में होने वाली परेशानियों को जिक्र करते हुए कहा कि हम पहले बहुत मजबूर थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. ट्रंप ने कहा कि यह आसान नहीं होगा, लेकिन इसके अंतिम परिणाम ऐतिहासिक होंगे. उन्होंने अमेरिका में पहले की तरह नौकरियां और बिजनेस वापस लाने की भी बात रही है.
‘चीन को अमेरिका से ज्यादा नुकसान हुआ’
डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी की ओर से लगाए गए टैरिफ के जवाब में चीन ने भी यूएस उत्पादों पर 34 फीसदी टैक्स लगाया है. ये शुल्क 10 अप्रैल से अमेरिकी सामानों पर लगाए जाएंगे. इसके अलावा चीन ने अमेरिका की 16 कंपनियों पर भी एक्शन लिया है. इस पर डोनाल्ड टंप ने कहा, “चीन को अमेरिका से कहीं ज्यादा नुकसान हुआ है. चीन के साथ-साथ कई अन्य देशों ने हमारे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया है.
ट्रंप का चीन के खिलाफ ऐक्शन
ट्रंप ने पोस्ट में कहा, 1 नवम्बर से अमेरिका चीन पर 100% टैरिफ लगाएगा, जो वर्तमान में चीन के द्वारा चुकाए जा रहे किसी भी भी टैरिफ से अधिक होगा। उन्होंने दावा किया कि चीन का बड़े पैमाने पर रेयर अर्थ उत्पाद के फैसले की तीखी आलोचना की और सभी देशों का नैतिक अपमान बताया। ट्रंप ने यह कदम गुरुवार को दुर्लभ मृदा तत्वों पर निर्यात नियंत्रण कड़ा करने के बीजिंग की घोषणा के बाद उठाया है। ट्रंप ने चीन के रेयर अर्थ तत्वों पर नियंत्रण को ‘वैश्विक व्यवस्था को बंधक बनाने’ का प्रयास बताया था.
बीजिंग ने लगाया धमकाने का आरोप
दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव ऐसे समय में सामने आया है, जब ट्रंप दक्षिण कोरिया में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले थे। ट्रंप ने इस बैठक को रद्द करने की धमकी दी है। अभी तक बीजिंग ने शिखर सम्मेलन की पुष्टि नहीं की है। ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद चीन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मैड्रिड में हाल ही में हुई व्यापार वार्ता के बाद अमेरिका ने चीन के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए हैं।
बयान में कहा गया कि ‘हर मोड़ पर उच्च शुल्क लगाने की धमकी देना चीन के साथ बातचीत का सही तरीका नहीं है। हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अपनी गलत प्रथाओं को तुरंत ठीक करे और चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के स्थिर, स्वस्थ और सतत विकास को बनाए रखे.’
चीन ने अमेरिका से क्या कहा?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वह इस फैसले के प्रभाव का “पूरी तरह से आकलन” कर रहा है. उसने वॉशिंगटन से टैरिफ हटाने की मांग की. एएफफी की रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने बयान में कहा, “चीन अमेरिका से अपने व्यापारिक साझेदारों पर लगाए गए एकतरफा टैरिफ उपायों को रद्द करने की अपील करता है.” उसने यह भी कहा, “व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता और संरक्षणवाद का कोई फायदा नहीं होता.”
संभावित कार्रवाइयों पर “करीबी नजर” रखे हुए है- चीन
चीन के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि वह अमेरिका की आगे की संभावित कार्रवाइयों पर “करीबी नजर” रखे हुए है. उसने कहा कि अमेरिका बढ़े हुए टैरिफ बनाए रखने के लिए व्यापार जांच (ट्रेड इन्वेस्टिगेशन) जैसे वैकल्पिक कदमों की योजना बना रहा है और चीन अपने हितों की मजबूती से रक्षा करेगा. बता दें कि चीन की यह अपील ट्रंप की प्रस्तावित चीन यात्रा से कुछ हफ्ते पहले आई है. यह उनके दूसरे कार्यकाल में चीन की पहली यात्रा होगी. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा है कि अप्रैल में ट्रंप और शी जिनपिंग की होने वाली बैठक “व्यापार को लेकर लड़ाई के लिए नहीं” है.

